जानें कैसे फैलता है स्वाइन फ्लू

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 27, 2015
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Quick Bites

  • एच1एन1 वायरस से फैलता है स्वाइन फ्लू।
  • सूअर से होती है इस वायरस की शुरुआत।
  • वायरस से पीड़ित व्यक्ति फैला सकता है संक्रमण।
  • हवा से भी फैलती है ये बीमारी।

भारत में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने की खबरें आ रही हैं। ऐसे में आपको इस बीमारी के लक्षण और इससे बचाव की जानकारी होनी चाहिए। एच1एन1 इंफ्लुएंजा यानि स्वाइन फ्लू 2009 में पूरी दुनिया में भीषण महामारी के रूप में सामने आया था।

स्वाइन फ्लू का वायरस

आमतौर पर यह बीमारी एच1एन1 वायरस के सहारे फैलती है लेकिन सूअर में इस बीमारी के कुछ और वायरस (एच1एन2, एच3एन1, एच3 एन2) भी होते हैं। कई बार ऐसा होता है कि सूअर में एक साथ इनमें से कई वायरस सक्रिय होते हैं जिससे उनके जीन में गुणात्मक परिवर्तन हो जाते हैं।

 

Swine Flu in hindi

 

दरअसल स्वाइन फ्लू सूअरों में होने वाला सांस संबंधी एक अत्यंत संक्रामक रोग है जो कई स्वाइन इंफ्लुएंजा वायरसों में से एक से फैलता है। आमतौर पर यह बीमारी सूअरों में ही होती है लेकिन कई बार सूअर के सीधे संपर्क में आने पर यह मनुष्य में भी फैल जाती है।

 

Doctor in Hindi

 

ऐसे फैलता है स्वाइन फ्लू


स्वाइन फ्लू एक प्रकार का संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से दो तरह से फैलता है। पहला, रोगी को छूने, हाथ-मिलाने या सीधे संपर्क में आने से। दूसरा, रोगी की सांस के जरिए जिसे ड्रॉपलेट इंफेक्शन भी कहा जाता है। यह वाइरस पीड़ित व्यक्ति के छींकने, खांसने, ‌हाथ मिलाने और गले मिलने से फैलते हैं। वहीं स्वाइन फ्लू का वाइरस स्टील प्लास्टिक में 24 से 48 घंटों तक, कपड़ों में 8 से 12 घंटों तक, टिश्यू पेपर में 15 मिनट तक और हाथों में 30 मिनट तक सक्रिय रहता है। जब आप खांसते या छींकते हैं तो हवा में या जमीन पर या जिस भी सतह पर थूक या मुंह और नाक से निकले द्रव कण गिरते हैं, वह वायरस की चपेट में आ जाता है। यह कण हवा के द्वारा या किसी के छूने से दूसरे व्यक्ति के शरीर में मुंह या नाक के जरिए प्रवेश कर जाते हैं। मसलन, दरवाजे, फोन, कीबोर्ड या रिमोट कंट्रोल के जरिए भी यह वायरस फैल सकते हैं, अगर इन चीजों का इस्तेमाल किसी संक्रमित व्यक्ति ने किया हो।

 

Mask in hindi

 

इन्हें है ज्यादा खतरा

छह माह से अधिक आयु के बच्चों, 60 साल की उम्र से ज्यादा के बुजुर्गो, लिवर, किडनी, दमा व एचआईवी से पीडितो को स्वाइन फ्लू का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। इसके अलावा जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, ऎसे लोग जो प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में ज्यादा आते हैं जैसे यात्री, डॉक्टर, नर्स और परिजनों को स्वाइन फ्लू की आशंका बनी रहती है।

 

Image Source - Getty Images

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