आपकी अनबन का कारण खर्राटे तो कहीं

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 02, 2011
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Relationship Isuuesअक्सर लोग सोचते हें कि खर्राटे कोई बीमारी नहीं है यह तो किसी को भी आ सकते हैं लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि खर्राटे आना भी एक समस्या है। अक्सर लोग खर्राटे को साधारण मान नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन खर्राटे आना एक स्लीपिंग डिसऑर्डर होता है। दरअसल नींद ना आना, गलत समय पर नींद आना, जरूरत से अधिक सोना, नींद में चलना, जोर से खर्राटे लेना, नींद में बड़बड़ाना आदि स्लिपिंग डिसऑर्डर के लक्षण माने जाते हैं। खर्राटों का संबंधों पर प्रभाव भी बुरा पड़ता है। क्योंकि साथ में सो रहा आपका साथी नींद से वंचित हो जाता है। आइए जानें कैसे आपकी अनबन का कारण बनते हैं खर्राटे।

 

[इसे भी पढ़ें: शादी बिना सेक्स]

 

  • कई बार आपने पति-पत्नी  में अनबन होते देखा होगा लेकिन आप यकीन जानिए यह अनबन किसी बड़ी समस्या के कारण नहीं बल्कि खर्राटों के कारण हो रही है।
  • आप तो गहरी नींद में है और आपको अंदेशा भी नहीं कि क्या हो रहा है लेकिन आपके साथी की नींद में खर्राटों से खलल पड़ता है और वह आपसे नाराज रहने लगता है।
  • आपके सोने के तरीके के कारण भी कई बार आपके साथी को समस्या आती है जिससे वह नींद से वंचित हो जाता है, नतीजन आपकी अपने साथी से खटपट होने लगती है।
  • खर्राटों का संबंधों पर प्रभाव पड़ना लाजमी है यदि आपका रूममेट या आपकी जीवनसाथी पूरे दिन का थका हारा सोना चाहता है लेकिन कुछ ही देर में आपके तेज-तेज खर्राटे उसकी नींद में दखल देते है वह चाहकर भी सो नहीं पाता। ऐसे में आपके साथी का आपसे रूठना जायज है।
  • कई बार खर्राटों के कारण इतना मनमुटाव हो जाता है कि आपका साथी आपके साथ रूम शेयर करने से भी कतराने लगता है।
  • खर्राटे लेने वाले व्यक्ति के साथ कोई भी सोना नहीं चाहता क्योंकि खर्राटे लेने वाला तो आराम से सो जाएगा लेकिन उसके साथ सोने वाला व्यक्ति यदि सोने की कोशिश भी करेगा तो खर्राटों का शोर उसे सोने नहीं देंगे।
  • कई बार सोने के तरीके के कारण भी सांस लेने में तकलीफ होती है और खर्राटे आने लगते हैं।

 

[इसे भी पढ़ें: तलाक के मुख्य कारण]

 

आइए जानते हैं आखिर खर्राटे आते क्यों हैं

 

  • कई लोगों में यह पारिवारिक समस्या होती है।
  • उम्र के साथ गला संकरा होने लगता है जिससे यह समस्या होने लगती है। 
  • सांस से संबंधित कोई भी समस्या होने से गले में वैक्यूम बन जाता है जो खर्राटे का कारण बनता है। 
  • गले की मसल्स के चिपकने से सही तरीके से सांस लेने में समस्या आती है।
  • जब मुंह खुला रहता है तो जीभ गले की ओर मुड़ती है जिससे वह ऑक्सीजन के रास्ते हो ब्लॉक करती है।

 

[इसे भी पढ़ें: क्या आप शादी के लिए तैयार हैं]

 

ये तो आपने जाना खर्राटे आने के कारणों को। अब जानते हैं संबंधों में दरार डालने वाले इन खर्राटों को आखिर कम कैसे किया जाएः

 

  • सोते समय सिर को थोड़ा ऊंचा रखें।
  • वजन कम करें।
  • सोने से पहले एल्कोहल या सिगरेट का सेवन न करें। 
  • नींद की दवाइयों का प्रयोग न करें। 
  • पीठ के बल न सोएं।
  • जिस करवट सोने पर ज्यादा खर्राटे आते हों उस तरफ न सोएं।

 

Write a Review
Is it Helpful Article?YES16 Votes 48650 Views 1 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

टिप्पणियाँ
  • Bipin05 Sep 2012

    kharraton ke karan unban ho sakti hain. yaha diye gaye upaay kaafi kargar lagte hain unhe kam karne ke liye.

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर