हमें वास्तव में कितनी नींद की जरूरत होती है

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 14, 2014
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Quick Bites

  • कम नींद से हो सकती है कई गंभीर बीमारियां ।
  • ज्यादा नींद भी सेहत के लिए अच्छी नहीं होती ।
  • नींद की मात्रा के साथ गुणवत्ता भी रखती है मायने ।
  • अपनी मर्जी से नींद की कोई दवा कभी न लें।

कहते हैं जिसकी नींद अच्छी है, उसे कोई समस्या नहीं है। अच्छी नींद को अच्छे स्वास्थ्य का पर्याय जो माना जाता है। लेकिन, वास्तव में अच्छी नींद कहते किसे हैं। क्या सिर्फ आठ घण्टे की नींद ही जरूरी होती है, या फिर कुछ कम सोकर भी काम चलाया जा सकता है। क्या जो लोग दस घण्टे या उससे भी ज्यादा समय तक सोते हैं, वे अध‍िक स्वस्थ होते हैं। नींद बहुत अहम होती है हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए। हम अपने जीवन का करीब-करीब एक तिहाई हिस्सा सोने में गुजार देते हैं। तो, ऐसे में इसकी उपयोगिता और गुणवत्ता को भला कैसे नकारा जा सकता है। आइये जानें कि दरअसल, हमें कितनी नींद की जरूरत होती है। और कम अथवा ज्यादा नींद हमारे स्वास्थ्य को किस तरह का नुकसान पहुंचा सकती है।  

How Much Sleep Do You Really Need

करवटें बदलते रहे सारी रात

बिस्तर पर पूरी रात करवटें बदलते गुजार देता है। लेकिन, घंटों बिना नींद के गुजार देना कहीं न कहीं इनसोमेनिया का संकेत देता है। यह नींद न आने की बीमारी होती है। इससे रात तो खराब होती ही है, साथ ही साथ अगले दिन आपके काम करने की क्षमता पर भी असर पड़ता है। यह स्लीप डिस्ऑर्डर का एक प्रकार है।

 

कितनी देर की झपकी है अच्छी

अच्छी नींद के लिए वास्तव में कितने घंटे की नींद की जरूरत होती है, इसके लिए कोई सामान्य नियम नहीं है। आमतौर पर अध‍िकतर व्यस्कों को रात के समय कम से कम सात से नौ घंटे की नींद की जरूरत होती है। कुछ लोग छह घंटे सोकर भी अगले दिन फ्रेश महसूस करते हैं। इतना ही नहीं, यह भी सम्भव है कि ज्यादा सोना, बिस्तर में ज्याद वक्त बिताना भी अलग प्रकार की समस्याओं को जन्म दे सकता है। ज्यादा नींद भी अवसाद अथवा गंभीर थकान की समस्या हो सकती है। अमेरिका के हिल्सबोरफ, न्यूजर्सी सि्थत स्लीप फॉर लाइफ सेंटर के निदेशक केरोल एश का कहना है कि अपने लिए सही नींद/उठने का चक्र का सही पता लगाना ही अच्छी सेहत की कुंजी माना जाता है।

 

कम नींद से होता है सेहत को नुकसान

ब्रिटेन में हुए एक शोध के अनुसार, वैज्ञानिकों ने यह पाया कि वे लोग जो रात को बहुत कम यानी पांच घण्टे या उससे कम सोते हैं, उन्हें कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्यायें हो सकती हैं। ऐसे लोगों को उच्च रक्तचाप और हृदय रोग संबंधी समस्यायें होने का खतरा काफी अध‍िक होता है।

अपर्याप्त नींद से मोटापे, डायबिटीज, अवसाद, शराब की लत और वाहन दुर्घटना होने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। इसके साथ ही वर्ष 2007 में यूनिवर्सिटी-बार्केले के शोध में कहा गया कि नींद की कमी का सीधा असर मस्तिष्क की कार्यक्षमता पर पड़ता है। इससे व्यक्ति की मनोदशा और एकाग्रता पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।

 

तुम इतना जो सोये जा रहे हो

एक ओर जहां कुछ लोग नींद की कमी से परेशान होते हैं, वहीं कुछ लोगों के साथ ज्यादा नींद की समस्या होती है। इसके पीछे चिंता, ऊर्जा की कमी और स्मरण संबंधी समस्यायें हो सकती हैं। वे लोग जो लगातार नौ घण्टे या उससे ज्यादा सोते हैं, उन्हें इस तरह की समस्या हो सकती है। कई बार शराब का अधिक सेवन या किसी दवा के प्रभाव के कारण भी व्यक्ति की नींद प्रभावित हो सकती है।

 

जो सोवत है सो खोवत है

जो लोग ज्यादा सोते हैं, उन्हें भी डायबिटीज का खतरा होता है। इसके साथ ही एक हालिया शोध में बताया गया कि जो लोग रात को नियमित रूप से नौ से दस घण्टे सोते हैं, उन्हें मोटापे का खतरा सामान्य लोगों से 21 फीसदी तक ज्यादा होता है। इतना ही नहीं, जरूरत से ज्यादा नींद सिर दर्द, कमर दर्द, डिप्रेशन और हृदय रोग जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्यायें हो सकती हैं। इतना ही नहीं कई शोध यह भी बताते हैं कि रात को नौ से दस घण्टे सोने वाले लोगों में असमय मृत्यु कीआशंका आठ घण्टे सोने वालों के मुकाबले अधिक होती है।  

Sleep Do You Really Need

अच्छी नींद के संकेत

किसी व्यक्ति को नींद की समस्या है अथवा नहीं, इसके लिए डॉक्टर को कई पहलुओं पर विचार करने की आवश्यकता होती है। डॉक्टर को न केवल नींद के घण्टे बल्कि उसकी गुणवत्ता का भी अध्ययन करना पड़ता है। अनिद्रा, यानी आधी रात में जाग जाना, किसी गड़बड़ की ओर इशारा करता है। लेकिन, जो लोग काफी ज्यादा सोते हैं, उन्हें इस बात का अंदाजा ही नहीं होता कि वे भी नींद से जुड़ी किसी समस्या से जूझ रहे हैं।

आपकी नींद कैसी है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आ‍प दिन में कैसा महसूस करते हैं। यदि आमतौर पर आप सुबह उठते समय ताजा और सजग अनुभव करते हैं, तो यह बात का संकेत है कि आपकी नींद अच्छी है। लेकिन, यदि हालात इसके उलट हैं, यानी आप उनींदे, चिड़चिड़े और आपको ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई आ रही है, तो आपको स्लीप डिस्ऑर्डर है।

 

दवा लेने से पहले

इससे पहले कि आप इस समस्या से निजात पाने के लिए दवाओं का सेवन करना शुरू कर दें, आपको कुछ वैकल्पिक उपाय आजमा लेने चाहिए। आपको योग, ध्यान और शारीरिक व्यायाम आदि तरीके आजमाने चाहिए। ये उपाय न केवल आपकी नींद को बेहतर करते हैं, बल्कि आपको अध‍िक सजग भी रखते हैं। साथ ही शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में भी मदद करते हैं।

 

हर चीज सही संतुलन में ही अच्छी लगती है। और नींद भी अपवाद नहीं। जरूरत से ज्यादा या कम नींद कहीं न कहीं यह इशारा करती है कि आपके स्वास्थ्य के साथ सब कुछ सामान्य नहीं है। तो अच्छे स्वास्थ्य के लिए अपनी नींद का पूरा खयाल रखें।

 

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