अस्‍थमा पर नियंत्रण के लिए आजमाइए घरेलू नुस्‍खे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 01, 2011
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Quick Bites

  • अस्‍थमा होने पर सांस लेने में होती है समस्‍या।  
  • दमा होने पर अंजीर और शहद का करें प्रयोग।
  • नींबू का रस पीने से मिलता है रोगी को आराम।
  • करेले की जड़ें व सहजन की पत्तियां भी फायदेमंद।

दमा एक आम बीमारी है जिसमें सांस लेने में और छोड़ने में तकलीफ होती है। इसमें मरीज जोर जोर से खांसने लगता है एवं मरीज को ऐसा महसूस होता है जैसे उसका दम निकला जा रहा हो। दमे के के केस में मरीज को सांस बाहर छोड़ने में ज्यादा तकलीफ होती है। शश्वन प्रणाली में सूजन आ जाने के कारण ऐसा होता है।

home remedies for asthama जिस वक़्त मरीज को दमे का दौरा पड़ता है उस वक्त उसकी हालत बहुत  हीं ख़राब हो जाती है और उसे तुरंत उपचार दिए जाने की जरूरत होती  है अन्यथा कुछ भी हो सकता है। दमा कई कारणों से हो सकता है जैसे ख़राब मौसम, धूल, धुंआ जैसे अलर्जन्स , अलेर्जिक खाद्य पदार्थ, इत्र इत्यादि।

दमा के लिए कारगर घरेलू उपचार 


शहद

दमे से राहत में शहद बहुत हीं कारगर घरेलू उपाय होता है। दमे के मरीज की नाक के नीचे एक जग शहद रखा जाता है। ऐसा करने से जो हवा शहद के संपर्क में आता है उसे जब मरीज साँस के द्वारा अंदर खींचता है तो मरीज को दमे के दौरे से तुरंत राहत मिलने लगती है।

 

अंजीर

अंजीर भी दमे से राहत दिलाने में बहुत अहम भूमिका निभाता है। यह क़फ निकालने में बहुत सहायता करता है जिसकी वजह से मरीज ठीक से सांस ले सकता है।

 

नींबू

निम्बू दमे के मरीज को अंदर से मजबूत करता है एवं दमे का दौरा आने से रोकता है। इसके लिए आपको भोजन के दौरान एक ग्लास पानी में  निम्बू का रस पीते रहना पड़ेगा। ऐसा करने से आपका शरीर बहुत हीं मजबूत हो जायेगा जिससे दमा का प्रभाव कम होता चला जायेगा और अलर्जन्स का आपके उपर कम असर पड़ेगा।

 

करेले की जडें

करेले की जड़ों में बहुत हीं औषधीय गुण होते है जो ढ़ेर सारी बीमारियों को ठीक करने के काम में आता है। इसकी जड़ को पीस लिया जाता है (एक चम्मच  के लगभग) और उतनी हीं मात्रा में शहद मिला लिया जाता है। शहद की जगह आप तुलसी के पत्तों का रस भी मिला सकते हैं। इसे कम से कम एक महीने तक मरीज को रोजाना रात को दिया करें। यह दमे के लिए बहुत हीं प्रभावकारी औषधि का काम करता है।

 

सहजन की पत्तियां

सहजन की पत्तियाँ बहुत सी बीमारियों को ठीक करने में लाभ पहुंचाती हैं। ये पत्तियाँ दमे के इलाज में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सहजन की पत्तियाँ को पानी में उबाल कर सूप तैयार कर लें। फिर सूप को ठंढा होने दें और उसमें थोड़ी काली मिर्च एवं स्वाद के अनुसार नमक मिला लें एवं रोजाना इसका सेवन किया करें।

 

लहसुन

दमे के इलाज के लिए लहसुन बहुत हीं हीं प्रभावकारी घरेलू उपचार है। इसके लिए आप लहसुन के लगभग 10 कलियों को लगभग 30 मिली लिटर दूध में उबाल लें। इस मिश्रण को आप रोजाना एक बार अवश्य पीया करें। यह न आपके दमे के रोग को ठीक करेगा बल्कि अनेको रोगों से बचाएगा।

 

अदरक

अदरक की चाए क़फ को निकालने में बहुत मदद करती है जिसकी वजह से सांस लेना - छोड़ना आसन होता है। आप थोड़ी सी अदरक पानी में उबाल लें एवं इसमें थोडा शहद मिला लें।  अदरक की इस चाए को दिन में दो तीन बार भी पी सकते हैं। 

 

 

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