होली की मस्ती में बच्चों का रखें ख्याल

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 01, 2012
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होली की मस्ती में बच्चों का ख्याल रखें क्योंकि बच्चों के लिए होली का खास महत्व होता है और बच्चे इस त्योहार में जमकर मस्ती करते हैं। होली बच्चों का मनपसंद त्योहार भी होता है। बच्चे कई दिन पहले से ही हाथों में पिचकारी लेकर होली के रंग में रंग जाते हैं। लेकिन इस मस्ती और जोश में बच्चे अपने स्वास्‍थ्‍य के प्रति बिलकुल लापरवाह हो जाते हैं। केमिकलयुक्त रंग और गुलाल जो कि देखने में खूबसूरत होते हैं हमारी आंखों और त्वचा के लिए नुकसानदायक होते हैं। अगर बच्चों के खान-पान पर भी ध्यान नहीं दिया गया तो बच्चों का हाजमा बिगड सकता है। मस्ती के इस त्योहार में अगर बच्चों का ख्याल आप नहीं रख पाये तो होली का मजा किरकिरा हो सकता है। इसलिए बच्चों को होली के दिन बाहर रंग खेलने जाने से पहले पूरी तरह सावधानी बरतना जरूरी है। हम आपको बच्चों के स्वास्‍थ्‍य को लेकर कुछ टिप्स बता रहे हैं।

 

होली में ऐसे करें बच्चों की देखभाल -

  • होली में आपका बच्चा अपनी पिचकारी के साथ घर से निकले तो यह जांच लीजिए कि वह केमिकलयुक्त रंगों का प्रयोग तो नहीं कर रहा है। इन खतरनाक रंगो के इस्तेनमाल से त्‍वचा में जलन, गंजापन, एलर्जी होने की गुंजाइश रहती है। बेहतर होगा कि बच्चों को हर्बल रंग खरीद कर दीजिए।
  • होली की मस्तीद में बच्चे यह भूल जाते हैं कि उनको अपने पडोसियों के साथ कैसा व्यहवहार करना चाहिए। बच्चों को समझाइए अगर कोई रंग नहीं खेलना चाहता या बीमार है तो उससे जबरदस्ती न करें।
  • कई बच्चे जब आपस में मिलकर एक साथ होली खेल रहें हों तो कोशिश यह कीजिए आप वहां पर मौजूद रहें। बच्चों पर हमेशा ध्यान रखें की कहीं उनके आंखों या फिर मुंह में रंग न चला गया हो।
  • बच्चे के पूरे शरीर में सरसों के तेल का लेप या माश्चराइजर क्रीम लगा दीजिए, इससे रंग जल्दी छूटता है।
  • होली खेलने से पहले बच्चे को ऐसा कपडा पहनाइए जिससे उसका पूरा शरीर और बाल ढकें हों। बच्चों को नए कपडे की बजाय पुराने कपडे ही पहनाएं क्यों कि नए कपडे ज्यादा रंग सोखते हैं।
  • बच्चों के साथ घर में होली खेलने की बजाय किसी पार्क या खुले स्थान का ही प्रयोग कीजिए।
  • कुछ बदमाश बच्चे होली में रंगो के बजाए गंदगी का प्रयोग करते हैं। अगर आप के बच्चे भी अंडा, मिट्टी, नाले या गंदे पानी का प्रयोग करना चाहें तो उनको तुरंत रोकिए।
  • वह बच्चे जिनको चोट लगी हो या फिर मुंहासे आदि हों तो उन्हें डॉक्टार से सलाह लेकर ही होली खेलने दें। कुछ रंग इतने हानिकारक होते हैं कि वह त्‍वचा के माध्यम से अंदर प्रवेश कर शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • होली में बच्चों को रसायनयुक्त रंगों की बजाय घर में ही ईको फ्रेंडली रंग बनाकर दीजिए।
  • बच्चों को गुब्बारों में रंग भरकर होली न खेलने दीजिए। क्योंकि कई बार गुब्बारा फूटने से चोट लग सकती है और रंग आंखों में जा सकता है।
  • बच्चे अक्सर होली खेलते-खेलते कुछ खा लेते हैं जिससे रंग पेट में चला जाता है और खतरनाक साबित हो सकता है। होली खेलने का असली मजा तभी है जब बच्चों के साथ प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करके सुरक्षित होली खेली जाए।

 

 

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