Onlymyhealth Health Tips
  • इसलिए जरूरी है अपने भावनात्‍मक ज्‍वार को काबू रखना

    इसलिए जरूरी है अपने भावनात्‍मक ज्‍वार को काबू रखना

    हर बात पर ओवर रिएक्‍ट करना न सिर्फ आपको, बल्कि आपके आसपास के लोगों को भी नुकसान पहुंचा सकता ह, इसलिए जरूरी है कि आपको मालूम हो कि कब इस पर ब्रेक लगानी है।

  • स्पाइसी फूड के छिपे हुए फायदे

    स्पाइसी फूड के छिपे हुए फायदे

    स्पाइसी फूड ना सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है बल्कि यह आपको सेहत से जुड़ी कई समस्याओं से भी बचाता है। जानिए स्पाइसी फूड में छिपे गुणों के बारे में।

  • काश जवानी में मिली होतीं मुझे ये सात सलाह

    काश जवानी में मिली होतीं मुझे ये सात सलाह

    समय किसी रुकता नहीं है, लेकिन जैसे-जैसे यह बीतता है नयी सीख देता जाता है, समय के खट्टे-मीठे अनुभव सभी के साथ जुड़े होते हैं, लेकिन कुछ बातों की सीख जवानी में मिलना ही जरूरी है।

  • महज चार मिनट के व्‍यायाम से खर्च करें 600 कैलोरी

    महज चार मिनट के व्‍यायाम से खर्च करें 600 कैलोरी

    पेट की चर्बी घटाने के लिए घंटों पसीना बहाने की जरूरत नहीं। यह व्‍यायाम आपको बहुत कम समय में 600 कैलोरी घटाने में मदद करता है। दिन में चार बार इस व्‍यायाम को करें और बहुत जल्‍द आप पायेंगे ए‍क फिट और स्लिम बॉडी।

  • बेसिल सेल कार्सिनोमा के लिए प्रतिरोधक आहार

    बेसिल सेल कार्सिनोमा के लिए प्रतिरोधक आहार

    यह एक प्रकार का स्किन कैंसर है। आहार का ध्यान रखकर आप बेसिल सेल कार्सिनोमा के खतरे से बच सकते हैं। आप भोजन में मशरूम, ब्रोक्कली, पालक, लहसुन और हल्दी को शामिल करते हैं, तो स्किन कैंसर होने की आशंका कम रहती है।

  • चमकदार दांत कैसे पायें

    चमकदार दांत कैसे पायें

    हर कोई चाहता है कि हमारे दांत बहुत सुंदर हों। ज्यादा चाय, धूम्रपान, गुटका और पान मसाला खाने से दांत खराब हो जाते हैं। चमकदार दांत पाने के लिए इनका सेवन बंद करना बेहद जरूरी है।

  • मानसून के लिए सौंदर्य और मेकअप टिप्स

    कैटेगरी : मेकअप »

    गर्मी की तपती धूप के बाद बारिश खुशी से सराबोर कर देती हैं। इसके साथ ही, हालांकि यह हमारी त्वमचा और बालों के लिए कुछ परेशानियां भी लेकर आती है। हमारी विशेषज्ञ, इशिका तनेजा आपको इस मौसम के लिए सही मेकअप प्रोडक्ट्से की जानकारी दे रही हैं।

  • मैनिक डिस्‍थीमिया क्‍या है

    कैटेगरी : मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य »

    डिस्‍थीमिया क्रोनिक प्रकार का डिप्रेशन है जिसमें व्यक्ति का स्‍वभाव नियमित रूप खराब ही रहता है।डिस्‍थीमिया में मानसिक कष्ट के साथ, सामान्य दैनिक गतिविधियों में रुचि कम हो जाती है

  • स्‍केलिंग और ब्‍लीचिंग क्‍या है

    कैटेगरी : दंत स्वास्‍थ्‍य »

    स्केलिंग और ब्लीचिंग क्या हैं, स्‍केलिंग से दांतों पर जमे मैल को स्‍क्रैच करके निकाल देते हैं, ब्‍लीचिंग में पीले दांतों को उपकरणों का प्रयोग करके सफेद किया जाता है।

  • बिना उपकरण के व्‍यायाम- कैमेल वाक

    कैटेगरी : खेल और फिटनेस »

    बिना उपकरणों के व्यायाम- कैमेल वाक के लिए किसी महंगे जिम की आवश्यकता नहीं होती और यह आपके पैरों की मांस पेशियों के निए बेहद ही अच्छा व्यायाम है| दोनों हाथो को अपने कमर पर रखे और बड़े-बड़े कदम रखे। कदम रखने के साथ-साथ फ्लोर तक झुके।

  • लेग वर्कआउट- होम एक्‍सर्साइज़

    कैटेगरी : खेल और फिटनेस »

    लेग वर्कआउट- होम एक्सर्साइज़, ऐसा व्यायाम जिसे घर पर करके आप अपने पैरों की मांस पेशियों को मजबूत बना सकते हैं| यह एक ऐसी एक्सरसाइज है जो हम घर पर, पार्क में या नॉर्मल जगह पर भी कर सकते है क्योंकि इसमें कोई इक्विपमेंट की जरुरत नहीं होती है।

  • त्‍वचा के लिए बुरी आदतें

    कैटेगरी : स्वस्थ त्‍वचा »

    रोज रात को चेहरा साफ़ करके सोना चाहिए, वरना कुछ बीमारी या कुछ इन्फैशन का खतरा रहता है। बाल कभी भी साबुन से नहीं धोने चाहिए,आपको शैम्पू का इस्तेमाल करना चाहिए।

  • विपरीत करनी मुद्रा

    कैटेगरी : योगा »

    विपरीत करनी मुद्रा, यह मुद्रा थायरायड में फायदेमंद है। योग एक्सपर्ट संजना बत्रा बता रही है कैसे करें इस व्यायाम को। सबसे पहले पीठ के बल पर आप लेट जाये। फिर अपनी दोनों टांगो को ऊपर उठाये।

  • स्तन कैंसर के कारण

    कैटेगरी : कैंसर »

    स्तन कैंसर कई कारणों से होता है। पारिवारिक इतिहास, जीन, देरी से गर्भधारण, जल्द रजोनिवृत्ति आदि इसके प्रमुख कारण है। इसके अलावा महिलाओं में उम्र भी काफी मायने रखती है।

  • बॉडी बिल्‍डिंग के लिए डायट प्‍लान

    कैटेगरी : आहार व पोषण »

    इसके लिए जरूरी है कि आप प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और कैलोरी का सेवन करें। मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पियें। इसके साथ ही नारियल का पानी भी फायदेमंद।

  • बेसिल सेल कार्सिनोमा क्या है।

    कैटेगरी : कैंसर »

    बेसल सेल कार्सिनोमा और इसके लक्षण, बेसल त्वचा की सबसे निचली परत होती है। जब किसी कारण यह अनियंत्रित होकर बढ़ने लगती है, तो कई बार यह कैंसर का रूप ले लेती है।

  • पाइलेट्स ग्‍लूट्स वर्कआउट

    कैटेगरी : खेल और फिटनेस »

    पाइलेट्स मैट व्यायाम का लक्ष्य होता है बट्स, हिप्स और थाईज़ को मजबूत बनाना। इस व्यायाम को करने के लिए सबसे पहले कोहनी के सहारे लेट जाते है और कंधो को सीधा रखते है।

  • सर्वाइकल कैंसर होने के कारण

    कैटेगरी : कैंसर »

    महिलाओं के शरीर में यूट्रस के मुख पर स्िथत अंग होता है सर्विक्स। इसमें कैंसर कोशिकाओं के पनपने को सर्वाइकल कैंसर कहते हैं। सर्विक्स को बच्चेदानी का मुख द्वार भी कहते हैं।

  • ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन क्या होता है।

    कैटेगरी : कैंसर »

    ब्रेस्ट रिकंस्ट्रक्शन या स्तन पुनर्निर्माण एक ऐसी प्रक्रिया है जो स्तन कैंसर बढ़ने के कारण जब स्तन निकाला जाता है तब कराई जाती है। रिकंस्ट्रक्शन या तो ब्रेस्ट रिमूवल के साथ ही कराया जाता है।

  • बच्‍चों में डिप्रेशन

    कैटेगरी : मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य »

    लोग यही सोचते हैं कि बच्‍चे बहुत छोटे होते हैं और उनका डिप्रेशन से कोई लेना-देना नहीं। लेकिन, ऐसा नहीं है। बच्‍चों के लिए तो यह पता लगाना भी मुश्किल है कि क्‍या वह डिप्रेशन के शिकार हैं या यूं ही उदास है।

  • बिना उपकरण के व्‍यायाम- स्‍टैंडिंग स्‍क्‍वैट्स

    कैटेगरी : खेल और फिटनेस »

    ओजोन फिटनेस एंड स्पा, गुड़गांव के मास्टर ट्रेनर जेसन मॅकरेडी बता रहे हैं कि बिना उपकरण के ही व्यायाम कैसे किया जा सकता है। इसके लिए सीधे खड़े हो जाएं।

  • वज़न कम करने के जादुई नुस्‍खे

    कैटेगरी : वज़न प्रबंधन »

    वज़न कम करने के जादुई नुस्खेु या जल्दी वजन कम करना, यह हमारी सेहत के लिए अच्छा है या नहीं इसके बारें में बता रहे है डॉ. दीप गोयल। डॉ. दीप के अनुसार कई सालों के अनुभव के बाद उनको लगता है कि ऐसा कोई आसान या छोटा तरीका नहीं है वजन कम करने का। पर आज के समय में ऐसे बहुत से सेंटर है जह

  • थायराइड कैंसर का इलाज संभव है

    कैटेगरी : थायराइड »

    थायराइड कैंसर का इलाज बाकी अन्य कैंसर के मुकाबले आसान है। सबसे पहले इसका इलाज ऑपरेशन के जरिए किया जाता है। इसमें थायराइड की बड़ी गांठ और उसके आसपास की छोटी-छोटी गांठों को निकाला जाता है। इसके बाद जो थायराइड के कण बच जाते हैं उन्हें एक खास किस्म के रेडियोएक्टिव आयोजन की मदद से जला

  • भोजन में प्रोटीन बढ़ाएं और सेहत पाएं।

    कैटेगरी : आहार व पोषण »

    अगर आप मांसाहारी हैं तो मछली और चिकन इस्तेमाल कर सकते हैं। रॅड मीट और प्रोटीन में कोलस्ट्रोल में प्रोटीन तो होता है, लेकिन उनमें वसा कोलेस्ट्रोल की मात्रा भी अधिक होती है। अंडा प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है, लेकिन अंडे का पीला हिस्सा स्वास्थ्यवर्धक नहीं होता है। पीले हिस्से में

  • वज़न कम करने के लिए क्रैश डायट

    कैटेगरी : आहार व पोषण »

    डॉ. दीप गोयल बता रहे है कि क्रैश डाइट और जीरो कैलोरी क्या वजन कम करने का आसान उपाए है, इस बारें में सबसे ज्यादा सवाल आते है। पर ऐसा नहीं है क्योंकि जो लड़का या लड़की ये डाइट इस्तेमाल करते है वो उतनी कैलोरी नहीं ले पाते जितनी की ज़रूरत उन्हें एक दिन में होती है। जिसके कारण उसको कमजोर

  • कोलेस्‍ट्रॉल को कैसे कम करें

    कैटेगरी : हृदय स्‍वास्‍थ्‍य »

    कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग की एक बड़ी वजह होता है। कोलेस्ट्रॉल को आहार, व्यायाम और दवाओं के जरिये काबू किया जा सकता है। बैड कोलस्ट्रॉल का स्तर 100 मिग्रा/डेलि से कम होना चाहिये। अगर किसी व्यक्ति को पहले से हृदय रोग है अथवा उसे केवल मधुमेह है का एलडीएल 70 मिग्रा/डेलि से कम होना चाहिये।

  • फ्लैट टमी पाने के लिए डायट प्‍लान

    कैटेगरी : आहार व पोषण »

    पेट पर जमा अतिरिक्त चर्बी से निजात पाने के लिए डायट और व्यायाम दोनों पर ध्यान देना जरूरी है। आपका नाश्ता बिलकुल सही हो। थोड़ी-थोड़ी देर बाद कुछ न कुछ खाते रहें। डायट में कैलोरी की मात्रा कम होनी चाहिये। तले-भुने और फास्ट फूड से दूर रहें।रात का भोजन रात आठ बजे तक कर लें ताकि भोजन

  • प्रोस्टेट कैंसर और इसके कारण

    कैटेगरी : कैंसर »

    प्रोस्टेट हमारे शरीर के लिए महत्वपूर्ण ग्रंथि होती है। प्रोस्टेट कैंसर कई कारणों से हो सकता है। मोटापा और वसायुक्त आहार इसके प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा हार्मोन में असंतुलन भी प्रोस्टेट कैंसर की वजह बनता है।

  • क्‍या महिलाओं में हृदयाघात के लक्षण पुरुषों से अलग होते हैं।

    कैटेगरी : हृदय स्‍वास्‍थ्‍य »

    महिलाओं में हृदयाघात के लक्षण पुरुषों से अलग होते हैं। महिलाओं को गर्दन में, छाती की दायीं ओर, बायें कंधे अथवा बाजू में दर्द हो सकता है। यह सामान्य दर्द से अलग होता है। स्कैंडियम बोन में दर्द पुरुषों में हार्ट अटैक के लक्षण हैं, हो सकता है महिलाओं में इस प्रकार का लक्षण न दिखाई द

  • कैविटी क्या है और इससे कैसे बचें

    कैटेगरी : दंत स्वास्‍थ्‍य »

    दांतों में सेंसिटिविटी होने पर बिना देर किए डॉक्‍टर के पास जाना चाहिए। अगर तकलीफ बढ़ने से पहले आप इलाज करवा लेते हैं, तो आपका दांत बचाया जा सकता है। हर छह महीने में दांतों की जांच करवाएं।

  • त्‍वचा के लिए बुरी आदतें

    कैटेगरी : स्वस्थ त्‍वचा »

    रोज रात को चेहरा साफ़ करके सोना चाहिए, वरना कुछ बीमारी या कुछ इन्फैशन का खतरा रहता है। बाल कभी भी साबुन से नहीं धोने चाहिए,आपको शैम्पू का इस्तेमाल करना चाहिए।

  • बॉडी बिल्‍डिंग के लिए डायट प्‍लान

    कैटेगरी : आहार व पोषण »

    इसके लिए जरूरी है कि आप प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और कैलोरी का सेवन करें। मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पियें। इसके साथ ही नारियल का पानी भी फायदेमंद।

  • गर्भावस्‍था के बाद वज़न कम कैसे करें

    कैटेगरी : वज़न प्रबंधन »

    डॉक्टर दीप गोयल, सर्जिकल स्पेअशेलिटीज बताते हैं, हम एक ऐसे देश में रहते हैं, जहां प्रसव के बाद महिला को काफी कार्बोहाइड्रेट और वसायुक्त भोजन करने की सलाह दी जाती है। लेकिन, वास्तव में इसकी आवश्य कता नहीं होती। इस दौरान महिला काफी कम शारीरिक गति‍विधियां करती है। वह आराम करती है, इ

  • पुरुषों के लिए डायट चार्ट

    कैटेगरी : आहार व पोषण »

    पुरुषों को अपना डायट चार्ट इस आधार पर बनाना चाहिये कि आखिर वे कितना शारीरिक श्रम करते हैं। डेस्क जॉब वाले व्यक्तियों को अपने कद और शरीर के हिसाब से 2200 से 2500 कैलोरी रोजाना लेनी चाहिये। मांसपेशियों के निर्माण के लिए पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेना जरूरी। आहार में पोषक तत्वों क

  • डायबिटीज में क्‍यों न पियें जूस

    कैटेगरी : डायबिटीज़ »

    डायबिटीज के मरीजों को जूस की बजाए कम मीठे फलों का सेवन करना चाहिए। वे लगभग 100 ग्राम फल खा सकते हैं। सेब,मौसमी, पपीता, अनार और तरबूज जैसे फल उनके लिए उपयुक्त हैं। आम, केला, खरबूजा, अमरूद, अंगूर जैसे फलों को खाने से परहेज करना चाहिए। फलो में रफेज (फाइबर) होता है जो शुगर को तेजी से

  • डायबिटीज़ के लिए योगा- मंडुकासना

    कैटेगरी : योगा »

    मधुमेह को रोकने के लिए मंडूक आसन बहुत महत्त्वपूर्ण है। इसके लिए जैसे वज्रासन में बैठते है वैसे बैठे। अपनी टांगो को पीछे की तरफ ले जाये और उसपर बैठे। इसके बाद अपने दोनों हाथो के अंगूठों को हथेली में दबाकर हाथ बंद कर ले। फिर सांस बाहर की तरफ छोड़े। हाथों को पेट की तरफ दबा ले फिर अपन

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