त्वचा की सतह पर किसी भी दरार या चोट के कारण शरीर में से न सिर्फ रक्त और अन्य द्रव पदार्थों का रिसाव होता है, बल्कि उस चोट में कीटाणुओं के घुसने की भी संभावना बढ़ जाती.......
बदलते दौर में परिवर्तन के साथ-साथ नई-नई बीमारियां भी घर करने लगी हैं। जैसे–जैसे समाज में विकास हो रहा है ठीक वैसे ही बीमारियों को बोलबाला भी लगातार बढ़ रहा.......
उदर की पीड़ा के अनेक प्रकार होते हैं, जैसे कि गैस की समस्या, जलन का एहसास, लंबे समय से चल रही उदर की पीड़ा इत्यादि.......
थायरोक्सिन हार्मोन की कमी को हाइपोथायरायडिज्म कहते हैं और इसकी अधिकता को हायपरथायरायडिज्म कहते.......
फोड़ा शरीर के किसी भी निर्धारित स्थान पर, जीवाणु या किसी ज़ख्म की वजह से संक्रमण की प्रक्रिया के कारण त्वचा के टिश्यु द्वारा रचे गए और सूजन से घिरे हुए छिद्र में पस का जमाव होता.......
खाँसी कोई रोग नहीं होता। यह गले में हो रही खराश और उत्तेजना की सहज प्रतिक्रिया होती.......
जुएँ बहुत ही महीन, पंख रहित कीड़े होते हैं जो सिर में आसानी से नज़र नहीं आते। वे भूरे और स्लेटी रंग की होती हैं और हर जूँ की लम्बाई चौड़ाई एक तिल से ज़्यादा नहीं होती। सिर की जुएँ, माता पिता, ....
हमारा शरीर विभिन्न प्रकार के कृमियों की मेज़बानी करता है जिसके कारण शरीर में कई रोग पैदा होते हैं । यह कृमि हमारे शरीर में बासी खान पान और दूषित पानी के द्वारा, या त्वचा के ज़रिये घुसते.......
कुत्ते का दंश अत्यधिक पीड़ादायक अनुभव हो सकता है, और प्रचंड रूप से मानसिक और शारीरिक आघात पहुँचा सकता है। हालांकि सही आंकड़े कहीं उपलब्ध नहीं हैं, फिर भी 60 से 90 प्रतिशत दंश के का....
नींद में बिस्तर करने का मतलब है मूत्र का बेवश त्याग। आम तौर से 3 या 4 वर्ष की उम्र के बाद बच्चे अपने मूत्राशय पर काबू पा लेते हैं, पर कुछ बच्चों में यह प्रक्रिया कमज़ोर रह जाती है और ऐसे बच्चे अनजान....
जब पेट के पदार्थों का पूरे जोश के साथ मुंह और नाक के ज़रिये निष्काशन होता है, तो उस प्रक्रिया को उल्टियों के नाम से जाना जाता.......
तनाव आपके शरीर में उत्पन हुई एक सामान्य प्रतिक्रिया होती है जब आप अपने आपको किसी संकट से घिरा पाते हैं या आपका मानसिक सुंतलन बिगड़ जाता.......
विषैले दंश के शिकार होने का खतरा अलग देशों में अलग प्रकार का होता है। विषैले दंश के ज़िम्मेदार अनेक जानवर और जीव जंतु होते हैं, जैसे कि सांप, बिच्छू, मकड़ी, और जैलिफिश जैसे समुद्री.......
मनुष्य के शरीर में एक मांसपेशी होती है जिसे डायफ्रैम के नाम से जाना जाता है और मनुष्य का सीना उसे उसके उदर से अलग रखता है। ज्यादा करके डायफ्रैम एकदम सुचारू रूप से कार्य करता.......
सीने की जलन पाचन संबधी समस्या होती है, जो तब उत्पन होती है जब उदर का एसिड यानि कि अम्ल, भोजन-नली के अस्तर के संपर्क में आता है और एक तरह से उत्तेजना या जलन पैदा करता है.......
गर्मी के दिनों में नाक से खून बहने की समस्या हममे से कई लोगों को परेशान करती है। इस समस्या को नकसीर के नाम से भी जाना जाता.......
मुँह के छाले मुंह में विकसित होनेवाले तकलीफदेह घाव होते हैं। ये घाव छोटे पर अत्यधिक पीड़ादायक होते हैं, और इनके विकसित होने के कई कारण होते .......
खुजली के कई कारण होते हैं जैसे कि शुष्क त्वचा, अधिक समय तक धूप में रहना, औषधि की विपरीत प्रतिक्रिया, फंफुदीय संक्रमण .......
हकलाकर बोलना और अटक अटक कर बोलना, दोनों का मतलब एक ही है वाक्शक्ति में.......
किसी चोट के कारण जब त्वचा फट जाती है या पंचर हो जाती है, तो त्वचा पर एक घाव हो जाता है जिसे खुला घाव कहते हैं।. किसी मानसिक आघात या सदमे के कारण जब कोई चोट पहुँचती है तो अंदरूनी घाव होता है जि....


