बालों को दोबारा उगाने में मददगार है ये हेयर लॉस ट्रीटमेंट, जानें क्या है ये

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 04, 2018
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • बालों का विकास तेजी से होने लगता है।
  • ये ट्रीटमेंट 2,50,000 हर्ट्ज फ्रीक्वेंसी पर किया जाता है।
  • ट्रीटमेंट के लिए बालों को कई हिस्सों में बांटा जाता है।

बाल झड़ने की समस्या से बहुत से लोग परेशान हैं। आजकल के अस्वस्थ और अनियमित खान-पान के कारण बालों को वो सभी विटामिन्स और मिनरल्स नहीं मिल पाते हैं, जिनकी उन्हें जरूरत होती है। इसलिए बालों के गिरने की समस्या से लोग कम उम्र में ही गंजेपन का शिकार हो रहे हैं। इसी कारण युवावस्था में ही बहुत से लोग बूढ़े जैसे नजर आने लगते हैं। थोड़ा-बहुत गंजापन उनमें भी देखा जा सकता है जो इससे प्रभावित नहीं होते हैं। आजकल कुछ ऐसे ट्रीटमेंट्स उपलब्ध हैं, जिनसे बालों के विकास की गति को बढ़ाया जा सकता है। ऐसा ही एक ट्रीटमेंट है हाई फ्रीक्वेंसी स्कैल्प ट्रीटमेंट।

क्या है ये ट्रीटमेंट

हाई फ्रीक्वेंसी स्कैल्प ट्रीटमेंट, एक ऐसा ट्रीटमेंट है, जिसमें बहुत कम बिजली के इस्तेमाल के द्वारा बालों को इस प्रकार का ट्रीटमेंट दिया जाता है कि बालों का विकास तेजी से होने लगता है। ये एक तरह से बालों के विकास की गति को उत्तेजित करता है। इस ट्रीटमेंट की मदद से बालों की अन्य समस्याओं में भी राहत मिलती है। इस ट्रीटमेंट की मदद से जर्मिसाइडल अटैक भी किया जाता है जिससे बालों में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और फंगस मर जाते हैं और बालों के विकास की गति में बाधा नहीं बनते हैं।

इसे भी पढ़ें:- जानिए किन कारणों से झड़ते हैं आपके बाल

क्यों हैं ये हाई फ्रीक्वेंसी

हाई फ्रीक्वेंसी हेयर लॉस थेरेपी की मदद से बालों की कई समस्याओं जैसे बालों का टूटना, बालों का झड़ना, बालों में रूसी, स्कैल्प पर फंगल इंफेक्शन, गंजापन आदि का इलाज किया जा सकता है। चूंकि ये ट्रीटमेंट 2,50,000 हर्ट्ज फ्रीक्वेंसी पर किया जाता है इसलिए इसे हाई फ्रीक्वेंसी ट्रीटमेंट कहते हैं। इस ट्रीटमेंट में ग्लास से बने एक खोखले इलेक्ट्रॉड को बालों के संपर्क में लाया जाता है, जिससे मैग्नीटिक फील्ड और करंट पैदा होता है। बालों के लिए ऐसा ही एक और ट्रीटमेंट, अल्ट्रा रे ट्रीटमेंट है, जिसमें बल्ब की सहायता से एक निश्चित दूरी से किरणें छोड़ी जाती हैं, जो विशेष ग्रंथियों को उत्तेजित करती हैं।

कैसे होती है ट्रीटमेंट की प्रक्रिया

इस ट्रीटमेंट के लिए बालों को कई हिस्सों में बांटा जाता है। इसके बाद जिस जगह पर ट्रीटमेंट करना होता है यानि बालों की संख्या बहुत कम होती है उस जगह पर दो-तीन मिनट तक कंघी की जाती है। इसके बाद लगभग आधे घंटे तक विशेष तेलों की मालिश की जाती है। फिर बालों में जड़ों से सिरों तक हेयर कंडीशनिंग मास्क लगाया जाता है। इसके बाद अल्ट्रावॉयलेट बल्ब के द्वारा बालों को 7-8 मिनट तक भाप दी जाती है। ये भाप स्कैल्प के रोमछिद्रों में जाकर विशेष हार्मोन्स और कोशिकाओं को उत्तेजित करती है जिससे बाल बढ़ने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। इस पूरे ट्रीटमेंट में एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता है। ट्रीटमेंट के अगले ही दिन आप सादे पानी से शैम्पू से बालों को धुल सकते हैं।

इसे भी पढ़ें:- बालों के गिरने की ना करें अनदेखी

कितने दिन चलता है ट्रीटमेंट

ये ट्रीटमेंट एक बार में पूरे परिणाम नहीं देता है इसलिए इसे कई बार करवाना पड़ता है। आमतौर पर सप्ताह में दो-तीन बार इस ट्रीटमेंट को किया जाता है और कुल 10-12 बार इस ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ती है। इस ट्रीटमेंट से बालों को उगाने की प्रक्रिया आसान और टिकाऊ तो है मगर इलाज के बाद भी इस ट्रीटमेंट को 15-20 दिन में एक बार करवाना पड़ता है।

ट्रीटमेंट के फायदे

  • ये ट्रीटमेंट स्कैल्प की त्वचा को रिनोवेट यानि पुनर्जीवित या पुर्ननिर्माण करता है।
  • इस ट्रीटमेंट से रक्त संचार बढ़ जाता है और बालों के बढ़ने की गति तेज हो जाती है।
  • ये ट्रीटमेंट नये सेल्स के बनने में भी सहायता करता है और रूसी भी ख़त्म करता है।
  • हाई फ्रीकवेंसी थेरेपी से स्कैल्प के बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं इसलिए इससे सिर में खुजली और रूसी की समस्या कम हो जाती है।
  • ये ट्रीटमेंट बालों के गिरने की प्रक्रिया को धीरे-धीरे रोक देता है।
  • इस ट्रीटमेंट से आपके चेहरे पर स्थित रोमछिद्रों के आकार और डार्क सर्कल्स भी कम हो जाते हैं।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Hair Loss In Hindi

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES3129 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर