हेपेटाइटिस ई के कारण, लक्षण, निदान, बचाव और उपचार के तरीके

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 30, 2016
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Quick Bites

  • हेपेटाइटिस ई वायरस लीवर को संक्रमित करता है।
  • अधिकांश लोग कुछ महीनों के भीतर ठीक हो जाते हैं।
  • दुर्लभ मामलों में यह घातक साबित हो सकता है।
  • स्‍वस्‍थ डाइट लेने से इससे बचाव किया जा सकता है।

हेपेटाइटिस बैक्टीरिया से फैलने वाला इंफेक्शन है, जो लीवर में इंफेक्शन से फैलता है। इस अवस्था में लीवर में सूजन आती है और इसमें लीवर को नुकसान होने के बाद रिकवरी करना मुश्किल हो जाता है। हेपेटाइटिस पांच प्रकार के होते हैं, हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई। ये पांच वायरस बहुत खतरनाक होते हैं। ये बीमार तो करते ही हैं साथ ही इनके कारण बड़ी संख्‍या में मरीजों की मौत भी होती है। हेपेटाइटिस ई वायरस के कारण होता है। दुनिया के ज्यादातर देशों में हेपेटाइटिस के संक्रमण का यही कारण है। यह विषाक्त पानी और खाने के कारण ज्यादा होता है। आइए इस आर्टिकल के माध्‍यम से हेपेटाइटिस ई के बारे में विस्‍तार से जानकारी लेते हैं।

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हेपेटाइटिस ई क्या है?

हेपेटाइटिस ई एक वायरस है, जो लीवर को संक्रमित करता है। हालांकि हेपेटाइटिस के अन्य रूपों के विपरीत, हेपेटाइटिस ई वायरस लंबे समय तक बीमारी या गंभीर लीवर की क्षति को नेतृत्व नहीं करता है, और अधिकांश लोग कुछ महीनों के भीतर ठीक भी हो जाते हैं।

हेपेटाइटिस ई लीवर की बीमारी है, जो हेपेटाइटिस ई वायरस (HEV) के कारण होता है, यह वायरस पशुओं और मनुष्‍यों दोनों को संक्रमित कर सकता है। एचईवी संक्रमण आमतौर पर हल्‍के रोग पैदा करता है। हालांकि इस रोग के लक्षणों में लीवर फेल्‍योर के कोई स्‍पष्‍ट लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। लेकिन दुर्लभ मामलों में यह घातक साबित हो सकता है, खासकर गर्भवती महिलाओं में।


विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हर साल हेपेटाइटिस ई संक्रमण के 20 लाख मामले सामने आते हैं, और उनमें से 57,000 मौत का शिकार हो जाते (डब्ल्यूएचओ) हैं। यह विकासशील देशों में आम है। आमतौर पर वायरस का संक्रमण अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन यह प्रतिरक्षा प्रणाली पर दबाव और लगातार संक्रमण के कारण लीवर में क्रोनिक सूजन पैदा कर सकता है।


हेपेटाइटिस ई कैसे फैलता है?

हेपेटाइटिस ई एक जलजनित रोग है और इसके व्यापक प्रकोप का कारण दूषित पानी या भोजन की आपूर्ति है। प्रदूषित पानी इस महामारी को बढ़ा देता है। लेकिन कुछ लोगों को हेपेटाइटिस ई पशु के संपर्क में आने से भी होता है जैसे अधपका मांस खाना या संक्रमित सुअर का संपर्क। किसी अन्‍य व्‍यक्ति के संपर्क में आने से रोग होना असामान्‍य है। इसके कोई सबूत नहीं है कि किसी के साथ यौन संबंध होने या रक्‍त संचार द्वारा हेपेटाइटिस हो सकता है। साथ ही हेपेटाइटिस ई वायरस के साथ एक बार से अधिक संक्रमित होने की संभावना बहुत कम होती है।


हेपेटाइटिस ई के लक्षण क्‍या है?

हेपेटाइटिस ई के लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते है। वायरस के संपर्क में आने के 2 से 7 सप्‍ताह के बाद ही कोई लक्षण दिखाई देता है। लक्षण आमतौर पर बाद के 2 महीनों में दिखाई देते हैं। आमतौर पर हेपेटाइटिस ई के लक्षणों में :

  • बहुत ज्‍यादा थकान
  • बिना कोशिश के वजन में कमी
  • मतली और भूख में कमी
  • लीवर में वृद्धि  
  • पेट के दाहिने हिस्‍से में दर्द, पसली के नीचे (जहां आपका लीवर है)
  • पीली त्वचा (पीलिया), डार्क यूरीन, और मिट्टी के रंग का मल
  • मांसपेशियां में दर्द और
  • बुखार शामिल है।

 

हेपेटाइटिस ई का निदान कैसे होता है?

लक्षणों की जानकारी के लिए आपका डॉक्‍टर आपने कहां खाया और घूमें जैसे सवाल पूछेगा। और अगर आपके डॉक्‍टर का लगता है कि आपको वायरस है, तो वह आपको ब्‍लड टेस्‍ट करने के लिए कहेगा। यह टेस्‍ट बता सकते हैं कि आपके लीवर में सूजन है या नहीं। और क्‍या आप हेपेटाइटिस ई वायरस के लिए एंटीबॉडी है। आपके ब्‍लड में इन एंटीबॉडी की मौजूदगी वायरस को उजागर करती है।


हेपेटाइटिस ई का उपचार कैसे किया जाता है?

  • ज्‍यादातर मामलों में हेपेटाइटिस ई अपने आप दूर हो जाता है। लेकिन तेजी से बेहतर महसूस करने के लिए इन उपायों को अपनायें।  
  • डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब सारे पानी का सेवन करें। फलों का रस और सूप अन्‍य अच्‍छे विकल्‍प है।
  • एनर्जी के वापस आने तक अपनी दैनिक गतिविधियों में कटौती करें। जैसे ही आपको बेहतर महसूस हो आप अपनी नियमित दिनचर्या में वापस आ जायें। अगर आप तेजी से ऐसा करने की कोशिश नहीं करेगें तो आप फिर से बीमार हो सकते हैं।
  • अपने आहार में स्‍वस्‍थ खाद्य पदार्थों को शामिल करें, क्‍योंकि अच्‍छा पोषण पाने के लिए यह महत्‍वपूर्ण है।
  • शराब पीने से बचें और अवैध दवाओं का प्रयोग न करें। यह लीवर की समस्याओं को बिगाड़ सकती हैं।
  • सुनिश्चित करें कि आपके चिकित्सक आपके द्वारा ली जाने वाली सभी दवाओं और हर्बल उत्पादों के बारे में जानकारी हो। अपने डॉक्टर की अनुमति के बिना किसी भी दवा को बदले नहीं।
  • अगर आपके लक्षण गंभीर हो रहे हैं या आप गर्भवती है तो अपने चिकित्‍सक से बात करें। आपको इलाज के लिए अस्‍पताल जाना पड़ सकता है।

 

हेपेटाइटिस ई को रोकने के लिए क्‍या करें?

  • हेपेटाइटिस ई से बचने के लिए, गंदा पानी पीने के बारे में सतर्क रहना होगा।
  • उबला हुआ पानी या शुद्ध पानी ही पिएं।
  • कच्‍चे या बिना छिले खाद्य पदार्थों से बचें।
  • तुरंत पका हुआ ही भोजन खाएं।
  • फल, सब्जियों और शैलफिश को पानी से धोकर ही इस्‍तेमाल करें।
  • शौच के बाद अपने हाथ साबुन से धो लें।
  • अच्‍छी स्‍वच्‍छता और अक्‍सर हाथ धोना हेपेटाइटिस से बचने के लिए महत्‍वपूर्ण है।

 

हेपेटाइटिस ई से जुड़े मुख्य तथ्य

  • एक अनुमान के अनुसार हर साल लगभग 20 मिलियन हेपेटाइटिस ई के संक्रमण के शिकार होते हैं, और लगभग 57,000 हेपेटाइटिस ई के कारण मौत के शिकार हो जाते हैं।
  • आमतौर पर हेपेटाइटिस ई खुद में सीमित है, लेकिन एकाएक बढ़ाने वाले हेपेटाइटिस (तीव्र लीवर की विफलता) के रूप में विकसित हो सकता है।
  • हेपेटाइटिस ई दुनिया भर में पाया जाता है, लेकिन व्यापकता पूर्व और दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा है।
  • हेपेटाइटिस ई वायरस मुख्य रूप से दूषित पानी के माध्यम से मल-मौखिक मार्ग से फैलता है।
  • चीन में हेपेटाइटिस ई वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लाइसेंस प्राप्‍त पहले टीके का उत्‍पादन किया, हालांकि यह अभी तक विश्‍व स्‍तर पर उपलब्‍ध नहीं है।


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Image Source : Getty

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