आधुनिक जीवनशैली से युवाओं में बढ़ रहा है हृदय रोग का खतरा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 27, 2013
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • हृदय रोग के खतरे को बढ़ा रही है अनियमित दिनचर्या और खान-पान।
  • देश भर के 12 शहरों में 1.86 लाख लोगों पर किया गया अध्‍ययन।
  • महिलाओं की तुलना में पुरुषों को हृदय रोग की आशंका होती है ज्‍यादा।
  • 30 से 40 वर्ष की 60 फीसदी महिलाओं को हृदय रोग का खतरा।

man working in officeमेहनत की कमी, लगातार कई घंटों तक कुर्सी पर बैठकर काम करना और जंक फूड का सेवन कई ऐसे कारण हैं जिनसे हृदय रोग का खतरा बढ़ रहा है। एक अध्‍ययन में खुलासा हुआ है कि ये सभी आदतें आधुनिक जीवनशैली का हिस्‍सा है और इनकी वजह से देश में 30 से 44 साल की आयु वर्ग के युवा कर्मचारियों में हृदय रोग का जोखिम बढ़ रहा है।


हाल ही में मेरिको इंडस्ट्रीज द्वारा देश के 12 शहरों में 20 से 100 वर्ष की आयु वाले 1.86 लाख लोगों पर की गई सफोला लाइफ स्टडी 2013 में इस बात का खुलासा हुआ है। युवा पीढ़ी में यह चौंकाने वाला तथ्‍य सामने आया है, जिसकी शुरूआत 30 वर्ष की आयु से होती है और यह 40 से 45 की उम्र तक खतरनाक स्थित‍ि में पहुंच जाता है।


भविष्‍य के लिए यह एक खतरनाक संकेत है। पहले दिल संबंधी बीमारियों के शिकार उम्र दराज लोग होते थे। बहुत कम मामलों में इनकी पुष्टि युवाओं में होती थी। हृदय रोग को पैदा करने वाले कारण के बारे में किए गए अध्ययन से यह भी पता चला कि 30 से 34 वर्ष के आयुवर्ग में 73 फीसदी पुरुष और 35 से 39 वर्ष के आयुवर्ग में 76 प्रतिशत पुरुष हृदय रोग के जोखिम का सामना करते हैं।


वहीं 40 से 44 वर्ष के आयुवर्ग में 85 फीसदी पुरुष इस जोखिम से गुजरते हैं। महिलाओं में 30 से 40 के आयुवर्ग में 60 प्रतिशत महिलायें अधिक जोखिम के दायरे में आती हैं। इससे यह भी साफ हुआ कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों का हृदय रोग की आशंका ज्‍यादा होती है।

 

 

 

 

 

Read More Health News In Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES947 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर