संवेदनशील दांतों की देखभाल करने के उपाय

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 21, 2015
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Quick Bites

  • संवेदनशीलता यानी दांतों में ठंडा-गर्म लगना।
  • सिट्रिक चीजों से दांतों का इनमेल घिसने लगता है।
  • सॉफ्ट या एक्स्ट्रा सॉफ्ट ब्रश का ही प्रयोग कीजिए।  
  • फ्लोरॉइड वाले टूथपेस्ट से सेंसिटिविटी कम होती है।

अगर आपके दांत संवेदनशील हो, तो दांतों में ठंडा-गर्म लगने लगता है। ब्रश करते समय भी दर्द होता है। ठंडा पानी पीते समय दांतों में हल्की सिहरन होना इसके शुरूआती लक्षण हैं। अगर आपके दांतों में भी ठंडा-गर्म लगने लगा है तो हो सकता है कि आपके दांतों पर लगी कोटिंग यानी इनेमल घिस चुकी हो। इनेमल दांतों का सुरक्षा कवच होता है जो उसे कठोर चीजों से बचाने का काम करता है। संवेदनशील दांतों के पीछे मुंह के बैक्‍टीरिया और प्‍लेग आदि भी बहुत जिम्‍मेदार होते हैं। इस तरह के दांतों के लिए ये टिप्‍स आजमायें।

 


ब्रश हो नर्म

दांत संवेदनशील होने पर अक्सर लोगों को ब्रश करते हुए दर्द उठता है। और गलत तरीके से ब्रश करने पर संवेदनशीलता बढ़ जाती है। सॉफ्ट या एक्स्ट्रा सॉफ्ट ब्रश का ही उपयोग करें, जिससे दांतों और मसूढ़ों पर जोर ना पड़े। दांतों पर हल्के से ब्रश को ऊपर-नीचे चलायें। कड़क ब्रेसल्‍स से दांत घिसने लगते हैं।


विशेष टूथपेस्ट का इस्‍तेमाल

सेंसि‍टिविटी दूर करने के लिए बाजार में कई तरह के टूथपेस्‍ट मौजूद हैं, जो दांतों के ऊपर एक परत सी बना देते हैं। साधारण टूथपेस्ट के बजाय इनका उपयोग करें। हालांकि सेंसिटिविटी एक दिन में ही ठीक नहीं होती, इसमें कुछ समय लगता है। इन टूथपेस्ट को उंगली से दांतों पर लगाकर दो तीन मिनट के लिए छोड़ दें। इससे धीरे-धीरे आपके दांतों की सेंसिटिविटी खत्म हो जाती है।


सिट्रिक आहार और पेय

फलों के रस, शीतल पेय, सिरका, रेड वाइन, चाय, आइसक्रीम और सिट्रिक फल जैसे टमाटर, नींबू, सलाद ड्रेसिंग और अचार आदि न खाएं। क्‍योंकि ये आहार दांतों के इनमेल को घिस देते हैं। अगर आप इन्‍हें खाते भी हैं तो बाद में ब्रश कर लें।

sensitive teeth


मुंह की नियमित सफाई

दिन में दो बार ब्रश करें। रात को सोने से पहले जरुर ब्रश करें। इसके अलावा दिन में एक बार फ्लॉस करें। साथ ही दांतों की सफाई हेतु विशेष रूप से तैयार किये गये टूथपेस्ट जिसमें फ्लोराइड की मात्रा भी हो, इस्तेमाल करना चाहिए। फ्लोराइड दांतों की सड़न और टूथ इनमेल को डैमेज होने से बचाता है।


घरेलू उपचार भी करें

हल्‍के गर्म पानी में 2 चम्‍मच नमक मिक्‍स करें। इस मिश्रण से सुबह और रात को सोने से पहले कुल्‍ला करें। इसके अलावा 1 चम्‍मच सरसों के तेल में 1 छोटा चम्‍मच सेंधा नमक मिलाकर इस मिश्रण से दांतों और मसूढ़ों की हल्‍के हल्‍के मसाज करें। फिर 5 मिनट के बाद कुल्‍ला कर लें। यह आयुर्वेदिक उपचार बहुत ही फायदेमंद है।


दांत जितने मजबूत होते है उतने नाजुक भी। इसलिए दांतों की देखभाल में कोताही नहीं बरतनी चाहिए। अगर दांतों की किसी समस्‍या से परेशान हैं तो डेंटिस्‍ट से संपर्क करने में देरी न करें।

Image Source : Getty
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