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सनस्क्रीन या सन ब्लॉक का इस्तेमाल कितना ज़रूरी है

Onlymyhealth Editorial Team, Date:2016-06-21

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अक्सर लोग सनस्क्रीन औऱ सनब्लॉक को एक ही समझते है जबकि सनस्क्रीन यूवीबी किरणों को मामूली रूप से फिल्टर करता है जबकि सनब्लॉक में जिंक ऑक्साइड होता है जो दोनों तरह की किरणों से त्वचा की रक्षा करता है।त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट किरणों से ही होता है। इसकी वजह से त्वचा झुलस जाती है और नियमित तौर पर धूप में पडऩे वाले शरीर के खुले हिस्सों पर टैनिंग हो जाती है। इससे बचने के लिए आप जब भी अपने घर से बाहर जाएं, तो निकलने से दस मिनट पहले अपने शरीर के खुले हिस्सों पर अच्छी तरह से 30 एसपीएफ युक्त अच्छी किस्म का सनस्क्रीन लोशन लगाएं।इसके इस्तेमाल से ना केवल सनबर्न आदि की समस्या से छुटकारा मिलता है। बल्कि एजिंग और स्किन कैंसर जैसी समस्याओं से भी बचाव होता है। इसको लगाने के लिए सब से पहले त्वचा पर मॉश्चराइजर लगाएं, उस के 20-30 मिनट बाद सनस्क्रीन लगाएं ताकि त्वचा पहले मॉश्चराइजर को अच्छी तरह सोख ले। सनस्क्रीन लगाने का सही तरीका यह है कि लगभग 1/4 छोटा चम्मच सनस्क्रीन ले कर पूरे चेहरे और गले के हिस्से को कवर किया जाए। यदि आप का सनस्क्रीन काफी थिक है, तो मात्रा घट सकती है।सनस्क्रीन लोशन लगाते समय इस बात का खासतौर पर ध्यान रखें कि इसे आप अपने शरीर के खुले हिस्से पर एकसार लगाएं, जिससे आपकी त्वचा को धूप से पूरी सुरक्षा मिल सके। कहीं कम और कहीं ज्यादा सनस्क्रीन लगाने से कहीं-कहीं सनबर्न और टैनिंग की समस्या हो सकती है। इसकी वजह से आपकी त्वचा धब्बों वाली भी बन सकती है।सनस्क्रीन हर 2 घंटे बाद लगाएं खासतौर पर तब जब आप का काम बाहर आने जाने का ज्यादा हो और आप को बहुत पसीना आता हो।
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