Health Videos »

किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े खतरे

Onlymyhealth Editorial Team, Date:2016-04-08

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

किडनी फेल्योर के केस में डायलसिस के बजाय लोग किडनी ट्रांसप्लांट करवाना ज्यादा उचित समझते हैं। किडनी ट्रांसप्लांट में किडनी को ठीक से चलते रहने के लिए आपको ट्रांसप्लांट के बाद कुछ प्रीकॉशन्स लेने पड़ते हैं। इसमें सबसे पहला प्रीकॉशन्स है कि भीड़-भाड़ वाली जगहों पर कम जाएं। क्योंकि ट्रांसप्लांट के बाद इंसान को इम्युन सिस्टम बहुत अधिक लो हो जाता है जिससे कि इंसान किसी भी चीज के संपर्क में बहुत जल्दी आ जाता है। इससे निमोनिया, यूरीन इंफेक्शन, स्कीन समस्या आदि कई संक्रामक बीमारियों के होने का खतरा अधिक होता है। इसलिए ट्रांसप्लांट के पहले तीन महीने में भीड़-भाड़ वाली जगहों पर बिल्कुल भी ना जाएं। तो आप समझ सकते हैं कि किडनी ट्रांसप्लांट में इंफेक्शन एक समस्या है और दूसरी समस्या है रिजेक्शन की। ये सात से दस फीसदी लोगों को होती है। रिजेक्शन का मतलब ये नहीं कि आपकी किडनी खत्म हो जाएगी। इसमें कुछ विशेष दवाईयों की जरूरत पड़ती है जिसके बाद ये समस्या खत्म हो जाती है। किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़ी सारी समस्याओं को बारे में बता रहे हैं विशेषज्ञ डा. संजीव सक्सेाना।
Related Videos
Post Comment

प्रतिक्रिया दें

Disclaimer +

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।