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हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायराइडिज्म में अंतर

Onlymyhealth Editorial Team, Date:2015-06-29

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थायराइड एक साइलेंट किलर है, इसे साइलेंट किलर इसलिए बोला जाता है क्‍योंकि इसका पता तब चलता है जब यह गंभीर समस्‍या बन जाती है। थायराइड में कई तरह की समस्‍यायें हो सकती हैं। इसमें से एक है हाइपोथायराइडिज्‍म और दूसरा है हाइपरथायराइडिज्‍म। हाइपोथायराइडिज्‍म में शरीर में थायराइड हार्मोन की कमी हो जाती है, इसकी कमी से शरीर में ऊर्जा का संचार नहीं हो पाता है। इसी तरह अगर शरीर में थायराइड हार्मोन की मात्रा बढ़ जाये तो इसे हाइपरथायराइडिज्‍म कहते हैं। इसमें शरीर जरूरत से ज्‍यादा हार्मोन बनाने लगता है। इससे शरीर में जरूरत से ज्‍यादा ऊर्जा पैदा होती है और इससे शरीर के दूसरे सिस्‍टम प्रभावित होते हैं। इसके बारे में अधिक जानने के लिए यह वीडियो देखें।
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