कैसे चुनें अपना गर्भनिरोधक

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:May 15, 2014

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इतने सारे विकल्‍पों के साथ, गर्भनिरोधक का चयन एक चुनौतीपूर्ण काम हो सकता है। इसलिए आइए कुछ गर्भनिरोधक के बारे में जानने की कोशिश करते हैं कि वे कितने प्रभावी हैं।
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    गर्भनिरोधक : कैसे चुने

    इतने सारे विकल्‍पों के साथ, गर्भनिरोधक का चयन एक चुनौतीपूर्ण काम हो सकता है। इस को चुनते समय हमारे मन में कई तरह के सवाल आते है, जैसे एसटीडी के खिलाफ रक्षा की जरूरत? सुविधा और लागत? इसके क्या प्रभाव है? क्‍या यह 100 प्रतिशत प्रभावी है। चलिए देखते हैं कि कुछ गर्भनिरोधक और जानने की कोशिश करते हैं कि वे कितने प्रभावी हैं। इससे आपको अपने लिए बेहतर गर्भनिरोधक चुनने में आसानी होगी। Image courtesy: Getty Images

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    फर्टिलिटी जागरूकता

    इसे प्राकृतिक परिवार नियोजन भी कहते हैं, फर्टिलिटी जागरूकता का अर्थ है महिला ओव्‍यूलेशन के समय सेक्‍स करने से बचना चाहिए। ऐसा करने का सबसे विश्वसनीय तरीका सर्वाइकल म्‍यूकस और शरीर के तापमान में परिवर्तन पर नजर रखना है। इस पद्धति का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह किसी भी दवा या उपकरणों का इस्‍तेमाल नहीं होता, यह सस्‍ती होती है। लेकिन इसमें सेक्स की सहज सीमा और गर्भवती होने की संभावना 25 प्रतिशत रहती हैं। Image courtesy: Getty Images

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    महिला कंडोम

    महिला कंडोम प्लास्टिक की पतली थैली है, जो योनि को कवर करती है। और सेक्स से 8 घंटे पहले योनि में रखी जाती है। उपयोग के मार्गदर्शन के लिए इसके किनारे पर लचीला, प्‍लास्टिक का रिंग होता है। वैसे पुरुष कंडोम की तुलना में कम प्रभावी होता है। ल‍ेकिन इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह व्यापक रूप से उपलब्ध होता है, एसटीडी के खिलाफ कुछ सुरक्षा देता है। और पुरुष कंडोम से बेहतर शरीर की गर्मी आयोजित करता है। लेकिन इसके इस्‍तेमाल से शोर होता है, गर्भवती होने की संभावना 21 प्रतिशत रहती है, और इसका दोबारा इस्‍तेमाल नहीं कर सकते हैं।  Image courtesy: Getty Images

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    पुरुष कंडोम

    कंडोम लेटेक्‍स या प्‍लास्टिक के बने होते हैं। यह सबसे किफायती और आसानी से मिलने वाला गर्भनिरोधक है। सेक्‍स के दौरान पुरुष इसे अपने लिंग पर पहनते हैं। यह महिला के शरीर में शुक्राणुओं के प्रवेश को रोकता है। पुरुष केवल कंडोम पर भरोसा करते हैं। इससे केवल 15 प्रतिशत महिलाएं ही गर्भवती हो सकती हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह व्‍यापक रूप से उपलब्‍ध है, गर्भनिरोधक का सस्‍ता विकल्‍प है और एसटीडी के खिलाफ रक्षा करता है। लेकिन यह तभी प्रभावी होता है अगर इसका इस्‍तेमाल सही तरीके से किया जायेगा और इसका दोबारा इस्‍तेमाल नहीं हो सकता है। Image courtesy: Getty Images

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    स्पर्मीसाइड

    स्‍पर्मीसाइड में केमिकल होता है जो शुक्राणुओं को मारता है। यह फोम, जेली, क्रीम या फिल्‍म के रूप में आता है। इसे सेक्‍स से पहले योनि के अंदर रखा जाता है। इसके कुछ प्रकार ऐसे होते हैं जिसे समय से 30 मिनट पहले जगह में रखा जाना चाहिए। इसका लगातार उपयोग ऊतक में जलन, संक्रमण और एसटीडी का खतरा बढा सकता है। स्पर्मीसाइड को अक्‍सर अन्‍य प्रकार के गर्भनिरोधक के साथ इस्‍तेमाल किया जाता है। यह प्रयोग करने में आसान और सस्‍ता होता है लेकिन इससे एसटीडी और 29 प्रतिशत गर्भवती होने का खतरा बढ़ जाता है। Image courtesy: Getty Images

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    डायाफ्राम

    डायाफ्राम रबर का गुबंद होता है जो सेक्स से पहले गर्भाशय ग्रीवा में रखा जाता है। इसे स्पर्मीसाइड के साथ प्रयोग किया जाता है। प्रभावशीलता पुरुष कंडोम के मुकाबले बेहतर होता है। सही से इस डिवाइस का इस्‍तेमाल न करने से गर्भवती होने की संभावना 16 प्रतिशत रहती है। यह बहुत ही सस्‍ता है, एक $ 15-$ 75 डिवाइस दो साल तक रहता है। लेकिन इसे डॉक्‍टर के द्धारा लगाया जाता है, एसटीडी से कोई सुरक्षा नहीं देता। विषाक्त आघात सिंड्रोम के कारण इसका इस्‍तेमाल पीरियड के दौरान नहीं कर सकते। Image courtesy: Getty Images

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    सर्वाइकल कैप

    यह गर्भाश्‍य ग्रीवा के मुख पर ढकने के लिए लचीले पदार्थ की बनी टोपी होती है। सर्वाइकल कैप डायाफ्राम की तरह होती है, लेकिन उससे थोड़ी सी छोटी होती है। गर्भाशय में प्रवेश को अवरुद्ध करने के लिए फेमकप गर्भाशय ग्रीवा पर लगाई जाती है। इसका प्रयोग स्पर्मीसाइड के साथ किया जाता है। बच्‍चों वाली महिलाओं के लिए इसकी असफलता की दर 30 प्रतिशत, बिना बच्‍चों वाली महिलाओं के लिए 15 प्रतिशत होती है। य‍ह सस्‍ती होती है और 48 घंटे तक जगह पर रह सकती है। लेकिन इसे डॉक्‍टर के द्धारा लगाया जाता है, एसटीडी से कोई सुरक्षा नहीं देता। और इसका इस्‍तेमाल पीरियड के दौरान नहीं कर सकते। Image courtesy: webmd.com

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    गर्भनिरोधक स्पंज

    गर्भनिरोधक स्‍पंज को टूडे स्‍पंज के नाम से बेचा जाता है यह फोम और स्‍पर्मीसाइड से बना होता है। यह सेक्‍स से 24 घंटे पहले गर्भाशय ग्रीवा में रखा जाता है। स्‍पंज, सर्वाइकल कैप की तरह ही प्रभावी होता है। बच्‍चों वाली महिलाओं के लिए 32 प्रतिशत और बिना बच्‍चों वाली महिलाओं के लिए इसकी असफलता की दर 16 प्रतिशत होती है। लेकिन डायाफ्राम या सर्वाइकल कैप से विपरीत इसकी फिटिंग चिकित्सक द्वारा करवाने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। यह तुरंत प्रभावी होती है लेकिन इसको सही ढ़ंग से लगना थोड़ा मुश्किल होता है, यह एसटीडी से सुरक्षा प्रदान नहीं करती, और पीरियड्स के दौरान इसका इस्‍तेमाल नहीं किया जा सकता। Image courtesy: Getty Images

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    गर्भनिरोधक गोली

    जन्म नियंत्रण की गोली का सबसे आम प्रकार ओवुलेशन को रोकने के लिए हार्मोन एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन का उपयोग करना है। समय पर लेने पर गोली अत्यधिक प्रभावी होती है। इसमें गर्भवती होने की संभावना 8 प्रतिशत होती है उन महिलाओं को मिलाकर जो गोली लेने भूल जाती हैं। सभी हार्मोनल गर्भ निरोधकों की तरह, गोली के लिए चि‍कित्‍सा निर्देष की  की आवश्यकता होती है। गोली आपको नियमित, हल्‍का, ऐंठन में कमी देती है। लेकिन यह आपको एसटीडी से कोई सुरक्षा नहीं देती है साथ ही स्तन कोमलता, गंभीर रक्त के थक्के और उच्‍च रक्तचाप सहित कई प्रकार के दुष्प्रभाव का कारण हो सकती है। कुछ महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियां इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। Image courtesy: Getty Images

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    योनि रिंग

    नोवारिंग एक नर्म प्‍लास्टिक की रिंग है जो योनि के अंदर पहनी जाती है। रिंग भी गोली की तरह हार्मोंन की विज्ञप्ति करती है और यह बहुत प्रभावी होती हैं। यह बहुत ही हल्‍का होता है, इससे पीरियड में कोई परेशानी नहीं होती है और इसे महीने में केवल एक ही बार बदला जाता है। लेकिन योनि में जलन और गोली की तरह अन्‍य दुष्‍प्रभाव का कारण बन सकती हैं। और यह एसटीडी से कोई सुरक्षा नहीं देती हैं। Image courtesy: Getty Images

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    आईयूडी

    आईयूडी को अंतर्गर्भाशयी डिवाइस कहते हैं यह एक टी के आकार का प्‍लास्टिक होता है जो डॉक्टर द्वारा गर्भाशय के अंदर रखा जाता है। कॉपर आईयूडी, 10 साल के लिए काम करती है। हार्मोनल आईयूडी, 5 साल के बाद बदला जाना चाहिए। दोनों ही प्रकार शुक्राणुओं को अंडा फर्टलाइज़ करने में कठिनाई देते है। आईयूडी को ज्‍यादा देखभाल जरूरत नहीं होती और यह लंबे समय तक चलने वाली होती है। इससे पीरियड अनियमित और बहुत अधिक रक्तस्राव के साथ होते हैं, यह बहुत महंगा होता है, इसके दुष्‍प्रभाव हो सकते है और यह बाहर निकल सकता है।  Image courtesy: Getty Images

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    बर्थ कंट्रोल पैच

    जिन महिलाओं को दैनिक रूप से गोली खाना मुसीबत लगता है वह बर्थ कंट्रोल पैच पर विचार कर सकती हैं। यह पैच त्‍वचा पर पहना जाता है और इसे हर सप्‍ताह बदला जाता है यह भी बर्थ कंट्रोल गोली की तरह हार्मोंन रिलीज करता है जो बहुत प्रभावी होता है। कम ऐंठन के साथ अधिक नियमित पीरियड, दैनिक गोली की तरह याद करने की कोई जरूरत नहीं। लेकिन त्वचा में जलन और गर्भनिरोधक गोलियों के समान अन्य दुष्प्रभाव का कारण हो सकता है। और साथ ही यह एसटीडी के खिलाफ की रक्षा नहीं करता है। Image courtesy: webmd.com

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