कलाई को मजबूत बनाने वाले योग के बारे में जानें

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Aug 09, 2016

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आप सारा दिन कंप्‍यूटर पर बैठे रहते हैं। माउस और की-बोर्ड पर उंगलियां टकराना भले ही आपके काम का हिस्‍सा हो, लेकिन इसका जोर आपकी कलाइयों पर पड़ता है। कंप्‍यूटर पर अधिक देर तक काम करने से आपकी कलाइयों में दर्द होने लगता हैं। ऐसे में कलाईयों को लचीला और मजबूत बनाने के लिए योग की मदद ले सकते हैं।
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    बकासन

    यह कॉम्‍पैक्‍ट हाथ संतुलन बकासन एब्‍स और आर्म को टोन और मजबूत करने में मदद करता है। साथ ही बकासन करने से आपको ध्‍यान को केन्‍द्रित करने की शक्‍ति मिलती है। इस आसन के अभ्यास से मन एकाग्र हो जाता है और कंधे संबंधी रोगों के लिए लाभदायक होता है। बकासन को करने के लिए दोनों हथेलियों को जमीन पर लगाइए। अब दोनों घुटनों को कंधे के पास भुजा पर रखिए। पैरों को जमीन से ऊपर उठाइए। ध्‍यान रखें कि पूरा शरीर भी जमीन से ऊपर उठा रहे। केवल हाथ ही जमीन से लगे रहने चाहिए।

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    अस्टवक्रासन

    अस्टवक्र आसन करने से आपके हाथ और भुजाये मजबूत बनती हैं और शरीर लचीला और संतुलित रहता हैं। हालांकि अस्टवक्र आसन को करना थोडा कठिन हैं लेकिन इससे मिलने वाले लाभ बहुत अधिक हैं। अस्टवक्र आसन योगा के सभी आसनों में प्रमुख आसन हैं। इस योग क्रिया को करने के बहुत अधिक फायदे हैं। अस्टवक्र शब्द संस्कृत भाषा के दो शब्द अस्ट तथा वक्र से बना है। ‘अस्ट’ से तात्पर्य आठ और ‘वक्र’ से तात्पर्य शरीर को मोड़ने से हैं। इस आसन को करने के लिए अपने दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ कर बैठ जाए। फिर अपने दोनों हाथो की हथेलियों पर अपने शरीर के सारे भार को टिका लें। पैरों को दाहिनी तरफ इस तरह से फैलाने का प्रयास करें कि आपके दोनों पैर आपके दाहिने हाथ जो जमीन पर टिका हुआ हैं। अब अपने पैरों को जमीन से ऊपर उठा लें और दोनों पैरों को सीधा रखने का प्रयास करें। इस क्रिया को बायीं ओर से भी करें।

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    अधो मुख व्रक्सासन

    अधो मुख व्रक्सासन कंधों, हाथ और कलाई को मजबूत करने में मदद करता है। तनाव को कम कर दिमाग को रिलैक्‍स करता है। शरीर के संतुलन में सुधार करने में मदद करता है और स्थिरता लाता है। पेट में खिंचाव में मदद करता है। हल्‍के डिप्रेशन के शिकार लोगों की मदद करता है। अधो मुख व्रक्सासन करने के लिए दीवार से कुछ इंच दूर जमीन पर अपने हाथों को रखें। कलाई को अपने कंधे की सीध पर रखें। फिर एक घुटने को मोड़ते हुए अपने दूसरे पैर पर रखें। जब आप इस स्थिति में आरामदायक महसूस करें तो पैरों को सीधा कर लें। फिर धीरे-धीरे दूसरे पैर को ऊपर उठा लें और उसे ऐसी ही मुद्रा में खुद को आरामदायक महसूस होने तक रखें। सुनिश्चित करें कि आपका सिर ऊपरी बाजू के बीच में हो। एक या दो मिनट के लिए मुद्रा में रहें और एक गहरी सांस लें। धीरे-धीरे एक-एक करके अपने पैरों को नीचे लायें। यह आसन किसी के लिए भी शुरुआत में मुश्किल हो सकता है, लेकिन एक बार इसे करने की आदत हो जाने पर यह आसान हो जाता है।

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    मयूरासन

    मयूरासन यानी मयूर की तरह किया जाने वाला आसन है। इस आसन में आपका शरीर मयूर की तरह दिखाई पड़ता है। इस आसन को करने के लिए बहुत सावधानियां बरतने की आवश्यकता होती है। इस आसन में शरीर का पूरा भार हाथों पर टिका होता है और शरीर हवा में लहराता है। मयूरासन करने के लिए आप सबसे पहले घुटनों के बल बैठ जाएं और आगे की ओर झुके। आगे झुकते हुए दोनों हाथों की कोहनियों को मोड़कर नाभि पर लगाकर जमीन पर सटा लें। इसके बाद अपना संतुलन बनाते हुए घुटनों को धीरे-धीरे सीधा करने की कोशिश करें। अब आपका शरीर पूरी सीध में है और सिर्फ आपके हाथ जमीन से सटे हुए हैं। इस आसन को करने के लिए शरीर का संतुलन बनाए रखना जरूरी है जो कि पहली बार में संभव नहीं। लेकिन रोजाना मयूरासन का अभ्यास करने पर आप निश्चित तौर पर इसे आसानी से कर पाएंगे।
    Image Source : Getty

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