सर्दियों में ज्‍यादा होता है हार्ट अटैक

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Nov 29, 2014

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सर्दियों में रक्तवाहिनियां के सिकुड़ने का असर हृदय को खून पहुंचाने वाली धमनी पर भी पड़ता है। इसलिए हृदय रोगियों के लिए हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
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    सर्दियों में अपने दिल की रक्षा

    सर्दी और ठंडा तापमान खतरनाक हो सकता है, खासकर दिल के रोगियों के लिए। इस दौरान दिल के प्रति अधिक सावधान रहना चाहिए क्‍योंकि ठंडा तापमान हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा देता है। साथ ही ठंड के मौसम में अपना ज्‍यादातर समय बाहर व्‍य‍तीत करने वाले लोगों को अधिक सावधान रहना चाहिए। इसके अलावा यह जानना भी बहुत जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जो हृदय रोग से पीड़ि‍त है कि ठंड का मौसम आपके दिल को किस प्रकार प्रभावित करता है।
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    ठंड का मौसम हृदय को कैसे प्रभावित करता है?

    ठंड के मौसम में बाहर रहने के खतरों को हम अक्‍सर अनदेखी कर देते हैं। लेकिन ठंडा तापमान, तेज हवाएं, बर्फ और बारिश शरीर की गर्मी को चुरा लेते हैं। ठंडी हवाएं तो बहुत ही खतरनाक होती है क्‍योंकि‍ यह शरीर के चारों ओर से गर्म हवा की परत को हटा देती है। नतीजनन, ठंड के मौसम में बाहरी गतिविधियां (विशेष रूप से, बर्फ से भरा भारी फावड़ा उठाना या भारी और परिश्रम गतिविधियों के माध्यम से चलना) किसी भी व्यक्ति के दिल और आकस्मिक हाइपोथर्मिया पर दबाव डाल सकती है। इसके अलावा, सर्दियों में रक्तवाहिनियां सिकुड़ जाने का असर हृदय को खून पहुंचाने वाली धमनी पर भी पड़ता है। इसलिए हृदय रोगियों को हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
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    हाइपोथर्मिया

    हाइपोथर्मिया एक ऐसी अवस्‍था, जिसमें चयापचय और शरीर के कार्यों के लिए आवश्यक शरीर का तापमान सामान्य से नीचे चला जाता है। ऐसा तब होता है, जब शरीर के पर्याप्त आंतरिक तापमान को गर्म रखने के लिए आपका शरीर पर्याप्त ऊर्जा का उत्पादन नहीं कर पाता। हाइपोथर्मिया के लक्षणों में मानसिक भ्रम, धीमी गति से प्रतिक्रिया, बुखार और अालसीपन शामिल हैं।
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    कौन खतरे में है?

    उम्र के साथ हमारे शरीर की, आंतरिक सामान्‍य तापमान को बनाए रखने की क्षमता कम होने लगती है। ठंड के प्रति संवेदनशील होने के कारण बच्चे, बुजुर्ग और हृदय रोगियों के बीच ठंड के मौसम में हाइपोथर्मिया का अधिक खतरा रहता है। इसके अलावा, सर्दियों में कोरोनरी हृदय रोग से पीड़ि‍त लोग अक्सर एनजाइना (सीने में दर्द या बेचैनी) से पीड़ित रहते हैं।
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    हृदय की समस्याओं को दूर रखें

    बहुत अधिक ठंडे मौसम में, आपको स्‍वयं को गर्म रखने की कोशिश करनी चाहिए। दिल की रक्षा और सुरक्षात्‍मक इन्‍सुलेशन के लिए गर्मी को बनाये रखने के लिए खुद को अच्‍छे से गर्म कपड़ों से कवर करके रखें। सिर के माध्‍यम से आपको ठंड न लग जाये इसके लिए अपने सिर को गर्म टोपी या स्‍कार्फ से कवर करें। साथ ही अपने हाथों और पैरों को भी गर्म रखने के उपाय करें।
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    शराब को कहें ना

    हाइपोथर्मिया के खतरों से अवगत रहें। दिल की विफलता हाइपोथर्मिया में सबसे अधिक लोगों की मृत्यु का कारण बनती है। सर्दियों में बाहर जाने पर मादक पेय का सेवन न करें, क्‍योंकि इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि यह आपको प्रारंभिक रूप से गर्मी का अहसास कराता है, लेकिन शरीर के महत्‍वपूर्ण अंगों से गर्मी को दूर कर देता है।
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    चेतावनी संकेत और सीपीआर को जानें

    हार्ट अटैक को रोकने के लिए तेजी से काम करने की आवश्‍यकता होती है। लेकिन इसके लिए सबसे पहले चेतावनी के संकेतो को समझने और शरीर असल में क्‍या बताने की कोशिश कर रहा हैं, यह जानना बहुत जरूरी होता है। अगर आपको अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि यह हार्ट अटैक है, तो आपको किसी हृदय रोग चिकित्‍सक द्वारा अपनी जांच करवानी चाहिए। अचानक हार्ट अटैक के तुरंत बाद उपलब्ध सीपीआर, शिकार को सुधार का मौका देता है।  
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    बाहर काम करने पर सावधानी

    सर्दियों में बाहर काम करते समय आपको आराम से करने की जरूरत होती है। इसके लिए दिल को तनाव से बचाने के लिए बीच-बीच में ब्रेक लें। काम करने के पहले या बाद भारी भोजन से बचें, क्‍योंकि यह आपके दिल पर अतिरिक्‍त दबाव डालता है। साथ ही बर्फ में रहने वाले बर्फ खोदते समय हमेशा छोटे फावड़े का उपयोग करें। क्योंकि भारी बर्फ को उठाना, वास्‍तव में रक्तचाप को बढ़ाने के साथ दिल के पंप करने के काम को कठिन बना सकता हैं।
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