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8 कारणों से जानें क्‍यों जरूरत से ज्‍यादा सोचना है नुकसानदेह

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 10, 2015
आत्‍ममंथन करना बुरा नहीं है, लेकिन हर बात को जरूरत से ज्‍यादा सोचना दिमाग की सेहत के लिए ठीक नहीं है, इसलिए अगर आप हर बात को जरूरत से ज्‍यादा सोचते हैं तो इसके कारण आप बीमार भी हो सकते हैं।
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    जरूरत से ज्‍यादा सोचना

    किसी भी बात को बार-बार सोचना और अच्‍छे से सोचकर किसी निर्णय पर पहुंचना आपको कई समस्‍याओं से बचाता है और यह आपको सफलता की तरफ भी ले जाता है। लेकिन यह बात सभी जगह लागू नहीं होती है, कई बार किसी चीज को लेकर इतना ज्‍यादा सोचने लगते हैं कि उस बात या चीज को लेकर हमें तनाव होने लगता है। इसलिए ऐसा भी कहा जाता है कि जरूरत से ज्‍यादा सोचना कुछ हद तक बीमारी का ही दूसरा रूप है। आगे की स्‍लाइड शो में जानिये जरूरत से ज्‍यादा सोचना क्‍यों सही नहीं है।
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    जरूरत से ज्‍यादा सोचना
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    सोच का कोई अंत नहीं है

    बहुत ज्‍यादा सोचना नशे की लत की तरह होता है। और कुछ ही समय में, यह मन पर राज करने लगता है। और फिर आपकी स्थिति, समस्‍याएं और परिणाम की कल्‍पना बस चलती ही चली जाती है। इसलिए अपने मस्तिष्‍क को बहुत ज्‍यादा भटकाव से रोकों। वर्ना आपका जीवन बहुत ही खतरनाक क्षेत्र में प्रवेश कर जायेगा।
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    सोच का कोई अंत नहीं है
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    आपको अधिक अभिमानी बनाता है

    बहुत अधिक सोचने वाले लोगों को लगता हैं कि दूसरा सोचता है कि वह बहुत अधिक घमंडी हैं। 'मुझे लगता है कि' सिंड्रोम आपके जीवन पर हावी हो जाता है। और ऐसी सोच सिर्फ आपके और आपके प्रियजनों के रिश्‍ते को खंडहर कर सकती है।  
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    आपको अधिक अभिमानी बनाता है
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    यह जटिल होने का संकेत है

    अगर आप बहुत ज्‍यादा सोचते हैं तो निश्चित रूप से आपकी कोई ठोस राय या विचार नहीं होगा। आसान बनाने के लिए, आप अपने भीतर के संघर्ष को अनावश्‍यक रूप से यातना देकर, खुद के जीवन को जटिल बनाते हैं। हालांकि सिर्फ आप और आप ही, समस्‍या हो।
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    यह जटिल होने का संकेत है
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    अपने दिल को अनदेखा करना

    क्‍योंकि बहुत अधिक सोचने के कारण आपके मन में अजीब चलता है और इन सबके चलते आप अज्ञात स्‍थानों में खो जाते हैं। इसलिए इससे कोई फर्क नही पड़ता कि आपका दिल आपको क्‍या बताने की कोशिश कर रहा है। अगर आप पहेलियों को सुलझाने की बजाय अपने मन में पैदा होने वाले सहज ज्ञान को सुनना शुरू कर देगें, तो आपका जीवन बहुत आसान हो जायेगा।
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    अपने दिल को अनदेखा करना
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    नई और बिल्कुल अनावश्यक समस्याएं पैदा करना

    बहुत अधिक सोच रोज नई-नई प्रकार की अधिक से अधिक समस्‍याएं पैदा करता है। और अचानक से एक दिन आपको एहसास होता है कि आपका पूरा जीन अपने आप में एक समस्‍या बन गया है। इस‍ तरह से बेहद खतरनाक हैं, अधिक सोचना, है या नही है?  
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    नई और बिल्कुल अनावश्यक समस्याएं पैदा करना
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    अतीत या काल्‍पनिक भविष्‍य में फंसना

    बहुत अधिक सोचने पर यह तो आप अतीत में फंस कर रह जाते हैं या फिर सोच में आगे बढ़ना आपको काल्‍पनिक भविष्‍य में उलझा देता है। या दूसरे शब्‍दों में, आप हर जगह है, लेकिन वर्तमान में कर रहे हैं। और यह बिल्‍कुल भी स्‍वस्‍थ नहीं है। इसे बभी बंद कर दो।  
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    अतीत या काल्‍पनिक भविष्‍य में फंसना
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    कीमती समय की बर्बादी और बुद्धिशीलता बाधित होना

    बहुत अधिक सोचने में समय लगाने का मतलब अपने कीमती समय की बर्बादी हैं क्‍योंकि आप बस इसमें ही लिप्‍त होकर बहुत अधिक समय खर्च करते हैं। इसके अलावा बहुत अधिक सोचना आपकी बुद्धिशीलता को भी रोक देता है। यह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हो चुका है कि अधिक सोच रचनात्मक सोच को रोकता है। और आप ऐसा नहीं करना चाहते।
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    कीमती समय की बर्बादी और बुद्धिशीलता बाधित होना
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    जरूरत से ज्‍यादा आत्‍मनिरीक्षण बुरा विचार है

    अगर आप ज्‍यादा सोचने को आत्‍मनिरीक्षण का बहाना बनाकर करते हैं तो आप गलत कर रहे हैं। अपने आप को जानना और जीवन के संकट का सामना करना आवश्‍यक हैं लेकिन आपको उन सभी बेकार के विचारों को तोड़ने की जरूरत है जो शायद ही आपको आत्मविश्‍लेषण में मदद कर रहे हैं।
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    जरूरत से ज्‍यादा आत्‍मनिरीक्षण बुरा विचार है
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