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भावनात्‍मक ठहराव बना सकता है आपको बीमार

By:Bharat Malhotra, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 15, 2014
मानव हैं तो दुख, चिंता, तनाव सब होगा। लेकिन इन भावनाओं को लंबे समय तक अपने जीवन में बनाये रखना आपकी सेहत को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। और यदि आप इस बात को नहीं मानते हैं तो यह स्‍लाइड शो पढ़ने के बाद आपके विचार जरूर बदल जाएंगे।
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    भावनायें हैं जरूरी

    भावनायें मानवीय स्‍वभाव का हिस्‍सा हैं। पशु-पक्षी भी इससे अछूते नहीं। लेकिन, क्‍या आपको यह मालूम है कि कुछ भावनाओं की गिरफ्त में लंबे समय तक बने रहना हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। स्‍वस्‍थ शरीर के लिए जरूरी है कि आप खुश रहिये, प्रफुल्लित रहिये और उत्‍साह से भरपूर रहिये। वहीं तनाव, चिंता और क्रोध जैसी भावनायें आपके दिल और दिमाग पर बुरा असर डालती हैं।  Image Courtesy- getty images

    भावनायें हैं जरूरी
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    भावनाओं का सेहत पर असर

    सेहत के लिए हम हमेशा व्‍यायाम और आहार की बात करते हैं। लेकिन, भावनाओं के सेहत पर पड़ने वाले असर को अकसर भुला दिया जाता है। जबकि यह बहुत ही जरूरी चीज है। भावनायें सकारात्‍मक और नकारात्‍मक दोनों होती हैं और मनुष्‍य के स्‍वास्‍थ्‍य पर इन दोनों का असर होता है। हालांकि, हमारा सामना इन दोनों से होता है, लेकिन इन नकारात्‍मक भावनाओं से लंबे समय तक अथवा नियमित घिरे रहने से हमारी सेहत को नुकसान हो सकता है। Image Courtesy- getty images

    भावनाओं का सेहत पर असर
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    गुस्‍सा करे दिल को नुकसान

    गुस्‍से का आपके दिल पर बहुत गहरा असर पड़ता है। वाशिंगटन स्‍टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 50 वर्ष की आयु से ऊपर के लोगों पर शोध के बाद बताया कि जो लोग अधिक गुस्‍सा करते हैं उनकी धमनियों में कैल्शियम जमा होने की आशंका अधिक होती है, जो हृदयाघात के खतरे को बढ़ा देता है। Image Courtesy- getty images

    गुस्‍सा करे दिल को नुकसान
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    बढ़ जाता है बीपी

    गुस्‍से के दौरान मस्तिष्‍क, शारीरिक श्रम बढ़ने के अंदेशे से आंतों और मांसपेशियों से रक्‍त को दूर धकेल देता है। इससे दिल की धड़कन, रक्‍तचाप और सांसों की गति तेज हो जाती है। साथ ही शरीर का तापमान बढ़ जाता है और आपको पसीना आने लगता है। Image Courtesy- getty images

    बढ़ जाता है बीपी
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    नींद चुराये, दिल बनाये बीमार

    गुस्‍से से होने वाले तनाव से आपको सिरदर्द, पाचन क्रिया और लिवर की समस्‍यायें हो सकती हैं। साथ ही अनिद्रा और चिंता के स्‍तर भी बढ़ोत्‍तरी हो सकती है। गुस्‍सा आपको अवसाद ग्रस्‍त बना सकता है और तो और इससे हार्ट अटैक तथा स्‍ट्रोक भी हो सकता है। Image Courtesy- getty images

    नींद चुराये, दिल बनाये बीमार
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    शोक से हो सकता है कैंसर

    किसी अपने को खोने का शोक न केवल हमें भावनात्‍मक बल्कि शारीरिक रूप से भी बहुत नुकसान पहुंचाता है। विशेषकर फेफड़ों की सेहत पर इसका गहरा असर पड़ता है। यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम के शोध में यह बात सामने आयी कि अधिक शोकाकुल स्‍वस्‍थ्‍य व्‍यक्तियों का इम्‍यून सिस्‍टम भी कमजोर हो सकता है। इससे वे अन्‍य बीमारियों और संक्रमण की गिरफ्त में भी आ सकते हैं। शोक के दुष्‍प्रभावों से कैंसर होने का खतरा बहुत अधिक हो जाता है। Image Courtesy- getty images

    शोक से हो सकता है कैंसर
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    शोक के अन्‍य नुकसान

    शोक से अनिद्रा, सांसों का उखड़ना, भूख कम होना, सिर दर्द, जोड़ों का दर्द, थकान और अवसाद जैसी बीमारियां हो सकती हैं। इसके साथ ही उच्‍च रक्‍तचाप और हृदय रोग भी शोक के कारण इनसान के जीवन में प्रवेश कर सकती हैं। Image Courtesy- getty images

    शोक के अन्‍य नुकसान
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    चिंता से पेट खराब

    यूं ही नहीं कहा जाता कि चिंता आपका पेट खराब देती है। यह बात वैज्ञानिक आधार पर भी सही है। चिंता के कारण पाचन क्रिया को नियंत्रित करने वाला तंत्र अधिक उत्‍तेजित हो जाता है। हालांकि, इसे बहुत अधिक खतरनाक नहीं माना जाता, लेकिन इससे पेट दर्द, उल्‍टी और डायरिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं। Image Courtesy- getty images

    चिंता से पेट खराब
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    चिंता करे दिल बीमार

    चिंता से हमारे दिल पर गहरा असर पड़ता है। एक शोध के अनुसार अधिक चिंता करने वाली महिलाओं को हृदयाघात होने का खतरा सामान्‍य महिलाओं के मुकाबले 59 फीसदी अधिक होता है और इससे उनकी मौत होने का खतरा भी 31 फीसदी अधिक होता है। Image Courtesy- getty images

    चिंता करे दिल बीमार
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    तनाव से संक्रमण का खतरा

    तनाव के कारण भोजन पचाने में इस्‍तेमाल होने वाले एसिड का स्राव कम हो जाता है, इससे न भोजन सही प्रकार पच पाता है और न ही सही प्रकार साफ हो पाता है। इससे पेट में दर्द होने लगता है। इतना ही नहीं तनाव हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को भी कमजोर रक देता है। इससे जख्‍म भरने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और आपको ठंड लगने और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। Image Courtesy- getty images

    तनाव से संक्रमण का खतरा
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    दिल दिमाग पर पड़े असर

    तनाव से दिल और दिमाग की रक्‍तवाहिनियों पर दबाव बढ़ जाता है। इससे कॉरटिसोल हार्मोन का बढ़ जाता है जो आपकी धड़कन और रक्‍तचाप में इजाफा कर देता है। कॉरटिसोल आपके कोलेस्‍ट्रॉल स्‍तर को भी बढ़ाता है। ये सब कारण मिलकर दिल का दौरे और स्‍ट्रोक के खतरे को बढ़ा देते हैं। अधिक समय तक तनाव में रहने से आपके दिमाग पर भी बुरा असर पड़ता है और आप अवसादग्रस्‍त हो सकते हैं। यदि आपके परिवार में किसी को यह समस्‍या है तो आपको और अधिक सावधान रहने की जरूरत है। लगातार तनाव से आपकी नींद पर भी असर पड़ता है। Image Courtesy- getty images

    दिल दिमाग पर पड़े असर
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    तनाव करे मोटा

    तनाव के कारण कॉरटिसोल का स्‍तर बढ़ जाने से वसा और कार्बोहाइड्रेट का स्‍तर बढ़ जाता है। जिससे आपका वजन बढ़ सकता है। कॉरटिसोल से आपके पेट के आसपास की मांसपेशियों पर वसा जमा हो जाती है। इस क्षेत्रों में वसा जमा होने से दिल की बीमारी और डायबिटीज के खतरे में इजाफा होता है। Image Courtesy- getty images

    तनाव करे मोटा
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