हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

कान छिदवाने के पीछे छिपे हैं ये वै‍ज्ञानिक कारण

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:May 13, 2016
हिन्दूधर्म ही विश्व का एकमात्र ऐसा धर्म है जिसकी परंपराएं 'विज्ञान पर आधारित' है। जीं हां कान छिदवाना सिर्फ परंपरा नहीं हैं बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी जुड़े हैं, आइए कान छिदवाने से जुड़े वैज्ञानिक कारणों के बारे में जानते हैं।
  • 1

    कान छिदवाने से जुड़े वैज्ञानिक कारण

    कान छिदवाने की परंपरा इंडिया में काफी पुरानी है। इसके पीछे कई सारी मान्यताएं और रीति-रिवाज हैं, लेकिन अब इंडिया में ही नहीं और भी कई देशों में भी लोग कान छिदवा रहे हैं। महिलाएं तो कान छिदवाती थीं लेकिन अब फैशन के चक्कर में पुरुष भी इसे अपनाने लगे हैं। कान छिदवाने के पीछे हर किसी के अपने विचार है, कुछ लोग कुछ मानते है कि ये एक्युपंचर का विशेष बिंदु होता है जिसका इस्तेमाल उपचार के महत्‍व से किया जाता है, वहीं कुछ का मानना हैं कि लोग सिर्फ सौंदर्य कि दृष्टि से ही कानों को छिदवाते है। लेकिन यह सिर्फ परंपरा नहीं हैं बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी जुड़े हैं। जीं हां हिन्दूधर्म ही विश्व का एकमात्र ऐसा धर्म है जिसकी परंपराएं 'विज्ञान पर आधारित' है।

    कान छिदवाने से जुड़े वैज्ञानिक कारण
  • 2

    मानसिक क्षमता में वृद्धि

    वैज्ञानिक दृष्टि के अनुसार कान छिदवाने से व्यक्ति के ब्रेन में ब्‍लड सर्कुलेशन सही प्रकार से होता है। और ब्रेन में ब्‍लड का सही तरह से सर्कुलेशन होने से आपकी बौद्धिक योग्यता बढती है। इसीलिए पहले के समय में गुरुकुल में जाने वाले हर विद्यार्थी को कान में छेद करना पड़ता था, जिससे उसकी दिमागी क्षमता में वृद्धि होती थी और विद्यार्थी बेहतर ज्ञान की प्राप्ति करता था।

    मानसिक क्षमता में वृद्धि
  • 3

    सही रखें प्रजनन क्षमता

    कान में छेद करवाना महिलाओं और पुरुष दोनों के लिए फायदेमंद होता है। क्‍योंकि कान के बीच की सबसे खास जगह जिसे प्रजनन के लिए जिम्मेदार माना जाता है, न केवल पुरुषों के लिए फायदेमंद होता है, बल्कि महिलाओं की अनियमित पीरियड्स की समस्या को भी दूर करता है।

    सही रखें प्रजनन क्षमता
  • 4

    पुरुषों के लिए फायदेमंद

    ये भी माना जाता है कि कान छिदवाने से व्यक्ति को लकवे की शिकायत कभी नही होती, साथ ही ये पुरुषो के अंडकोष को और वीर्य को संचित करने में भी लाभदायक होता है। कान छिदवाने से कई प्रकार के इन्फेक्शन, हाइड्रोसील और पुरुषों में ज्यादातर देखी जाने वाली हर्निया की समस्या भी दूर होती है। इसके अलावा व्यक्ति के चेहरे पर चमक और कान्ति आती है और व्यक्ति के रूप में निखार आता है।

    पुरुषों के लिए फायदेमंद
  • 5

    आंखों के लिए अच्‍छा

    कान में छेद करवाना आपकी दृष्टि में सुधार करने में मदद करता है। एक्यूपंक्चर के अनुसार, कान के बीच के कें‍द्रीय बिंदु का संबंध आंखों की रोशनी से होता है। एक्‍यूपंक्‍चर में इसी जोड़ पर दबाव डाला जाता है, जिससे आंखों की रोशनी सही रहती है।

    आंखों के लिए अच्‍छा
  • 6

    कान रखता है स्वस्थ

    कान का छेद वाले हिस्‍से पर दो बहुत जरूरी एक्‍यूप्रेशर प्‍वाइंट्स मौजूद होते हैं, मास्‍टर सेंसोरियल और दूसरा मास्‍टर सेरेब्रल। यह प्‍वाइंट सुनने की क्षमता को सही बनाये रखने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक्‍यूप्रेशर एक्‍सपर्ट के अनुसार टिनिटस के लक्षणों से राहत पाने के लिए भी कान छिदवाना बहुत अच्‍छा रहता है।

    कान रखता है स्वस्थ
  • 7

    पाचन तंत्र को रखता है दुरुस्‍त

    कान छिदवाने का एक बड़ा कारण पाचन तंत्र को दुरुस्‍त रखना भी है, क्‍योंकि इस प्‍वाइंट पर उत्‍तेजना से पाचन प्रणाली को स्‍वस्‍थ बनाये रखने में मदद मिलती है। विशेष रूप से यह प्‍वाइंट हंगर प्‍वाइंट का (एक्यूप्रेशर में कहा जाता है) केन्‍द्र है। हंगर प्‍वाइंट मानव की पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली पर नजर रखने और मोटापे की संभावना को कम करने में मदद करता है।
    Image Source : Getty

    पाचन तंत्र को रखता है दुरुस्‍त
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.