इन अजीब कारणों से लग सकती है आपके दांतों में चोट

By:Bharat Malhotra, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Oct 13, 2014

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

आपके दांतों में कई अजीब कारणों से चोट लग सकती है। इनके बारे में आप अकसर विचार भी नहीं करते। लेकिन, जब दर्द होता है तब आपको इस तकलीफ का अहसास होता है।
  • 1

    दांत दर्द के अजीब कारण

    दांतों में दर्द केवल मुंह की बीमारी से ही नहीं होता, अन्‍य कई कारण होते हैं जिनके कारण दांत दर्द कर सकते हैं। ये कारण इतने अजीब होते हैं कई बार आप उसके बारे में विचार तक नहीं कर पाते।

  • 2

    व्‍यायाम से दांत में दर्द

    व्‍यायाम आपके शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है, लेकिन क्‍या आपको इस बात का अहसास है कि इससे आपके दांत खराब हो सकते हैं। स्‍कैनडिनावियन जर्नल ऑफ मेडिसन एंड साइंस इन स्‍पोर्टस की रिपोर्ट में यह बात सामने आयी है। इस शोध में कहा गया है कि जो लोग ज्‍यादा कड़ा व्‍यायाम करते हैं उनके दांत कमजोर हो जाते हैं।

  • 3

    अधिक व्‍यायाम यानी अधिक दर्द

    इस शोध के मुताबिक जो लोग व्‍यायाम करते हैं उनका व्‍यायाम न करने वाले लोगों के मुकाबले दांत जल्दी टूटने लगते हैं। एसिड के कारण दांतों का कुदरती इनेमल नष्‍ट हो जाता है। इसके साथ ही वे हर सप्‍ताह जितना अधिक व्‍यायाम करते हैं उनके मुंह में कैविटी होने की आशंका उतनी ही बढ़ जाती है। दंत चिकित्‍सकों का मानना है कि इसका साल्विया से भी लेना देना हो सकता है।

  • 4

    पानी की कमी

    साल्विया में 90 फीसदी से अधिक पानी होता है। और इसलिए आप इसे सांस के जरिये बाहर छोड़ते हैं। जैसे ही आपका मुंह सूखा होता है, वैसे ही दांतों में कैविटी का खतरा बढ़ जाता है। बैक्‍टीरिया के पनपने के लिए यह माहौल बहुत माकूल होता है। तो अगर आप घंटों कड़ा व्‍यायाम करते हैं, जहां आपकी सांसे भारी हो जाती हैं और आप पानी नहीं पीते, तो ऐसे माहौल में आपके दांतों पर बुरा असर पड़ सकता है। लेकिन, अगर आप यह सोचते हैं कि व्‍यायाम न करने से सब ठीक हो जाएगा, तो भी आप गलत हैं। क्‍यों‍कि उससे आपको अन्‍य तरह की दिक्‍कतें पेश आ सकती हैं।

  • 5

    साइनस

    अगर तेज बुखार और सर्दी के साथ आपके दांतों में दर्द हो रहा है, तो इसका संबंध साइनस से हो सकता है। साइनस आपके दांतों पर बुरा असर डालता है। अगर साइनस भरा हुआ है, तो इसमें इससे ऊपर के दांत में दर्द हो सकता है। यह बात भी ध्‍यान रखिये कि साइनस का दर्द केवल एक ही दांत में नहीं होता, कई अन्‍य हिस्‍से भी संवेदनशील हो सकते हैं। तो इन संक्रमण से बचने का सबसे अच्‍छा तरीका यही है कि आप डॉक्‍टर से संपर्क करें।

  • 6

    आपके मसूड़े घिस रहे हैं

    संसेटिव दांतों वाले कुछ लोगों में मसूड़ों कम होने की समस्‍या होती है। इसमें गम लाइन पर स्थित इनेमल नष्‍ट हो जाता है। इससे दांतों और मसूड़ों पर मौजूद कुदरती सुरक्षा कवच हट जाता है। यह दर्द देर तक नहीं रहता, लेकिन जब भी आप कुछ ठंडा या गर्म खाते हैं, तो यह आपको परेशान कर सकता है। ज्‍यादातर डेंटिस्‍ट इस परिस्थिति में सेंसेटिव टूथपेस्‍ट इस्‍तेमाल करने की सलाह देते हैं। लेकिन, आपको इसका लगातार इस्‍तेमाल करते रहना पड़ता है। इन टूथपेस्‍ट का इस्‍तेमाल करते रहने से आपके इनेमल मजबूत तो हो जाते हैं, लेकिन जैसे आप ऐसा करना बंद करते हैं, तो समस्‍या दोबारा शुरू हो सकती है।

  • 7

    फोड़ा फुंसी

    दांतों में फोड़ा संक्रमण के कारण हो सकता है। इसमें खाद्य पदार्थ या मलबा भरा हुआ हो सकता है। दांतों की सही प्रकार से फलॉसिंग करने से इस समस्‍या का दूर रखा जा सकता है। लेकिन, हम इसे नियमित तौर पर नहीं करते। कई बार लोग जब डॉक्‍टर के पास जाते हैं तो उनके दांतों के बीच खाना फंसा होता है। इससे तेज दर्द, सूजन और पस जैसी समस्‍यायें हो सकती हैं। इसका इलाज जल्‍दी ही करवा लेना चाहिये। वरना समस्‍या मसूड़़ों में फैल सकती है और इससे आपकी परेशानी और बढ़ सकती है।

  • 8

    रात को दांत पीसना

    रात को दांत पीसने वाले ज्‍यादातर लोगों को इस बात का अहसास नहीं होता। ऐसे लोग अचानक काट लेते हैं और बाद में उन्‍हें दर्द का अहसास होता है। सिरदर्द ओर चेहरे की मांसपेशियों में दर्द के कारण भी दांत पीसने की आदत हो सकती है। इससे दांत टूटने की शिकायत हो सकती है। कुछ लोगों को रात को नाइट गार्ड पहनने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह ज्‍यादा कारगर साबित नहीं होता।

  • 9

    फिलिंग गिर जाती है

    अगर उस हिस्‍से पर बहुत ज्‍यादा जोर डाला जाए तो कैविटी फिलिंग बाहर आ सकती है। या फिर वह मैटीरियल टूट भी सकता है। कैविटी के आसपास के हिस्‍से क्षतिग्रस्‍त होने से भी दांतों में भरी कैविटी फिलिंग गिर सकती है। कुछ लोगों को तो तब तक इसका अहसास नहीं होता, जब तक दूसरा दांत उसमें टकराता नहीं। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने डॉक्‍टर से संपर्क कर इस दांत को ठीक करवायें।

Related Slideshows
    Tags:
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर