सेहत के लिए नुकसानदेह है प्‍लास्टिक बोतल

By:Nachiketa Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Dec 24, 2014

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प्लास्टिक की बोतल में कई तरक के नुकसानदेह केमिकल होते हैं जो रिसकर पानी में मिल जाते हैं और पानी के रास्ते ये केमिकल हमारे शरीर में पहुंचकर नुकसान पहुंचाते हैं।
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    नुकसानदेह है प्‍लास्टिक बोतल

    प्‍लास्टिक की बोतल का प्रयोग करना स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से बहुत ही हानिकारक है। अगर आप प्‍लास्टिक के बोतल से पानी पीते हैं, तो इसके कारण कैंसर, डायबिटीज सहित कई दूसरी खतरनाक बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल प्लास्टिक की बोतल में कई नुकसानदेह केमिकल होते हैं जो गर्म होने पर रिसकर पानी में मिल जाते हैं। पानी के रास्ते ये खतरनाक केमिकल हमारे शरीर में पहुंचकर शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए अगर आप पानी पीने के लिए प्‍लास्टिक की बोतल का प्रयोग करते हैं तो अभी से इनका प्रयोग बंद कर दीजिए।

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    कैंसर का खतरा

    प्‍लास्टिक के बोतल का प्रयोग करने से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी हो सकती है। हवाई के कैंसर हॉस्पिटल द्वारा किये गये शोध में भी यह बात सामने आयी, शोध के अनुसार, प्लास्टिक के बोतल का पानी कैंसर की वजह हो सकता है। प्लास्टिक की बोतल जब धूप या ज्यादा तापमान की वजह से गर्म होती है तो प्लास्टिक में मौजूद नुकसानदेह केमिकल डाइऑक्सिन का रिसाव शुरू हो जाता है। ये डाईऑक्सिन पानी में घुलकर हमारे शरीर में पहुंचता है। डाइऑक्सिन हमारे शरीर में मौजूद कोशिकाओं पर बुरा असर डालता है। इसकी वजह से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

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    दिमाग के लिए नुकसानदेह

    प्‍लास्टिक को बोतल से दिमाग कमजोर हो सकता है। प्‍लासिटक की बोतल में प्रयोग की जोन वाली बाइसफेनोल ए के कारण दिमाग के कार्यकलाप प्रभावित होते हैं। इसके कारण इंसान की समझने और याद रखने की शक्ति कम होने लगती है। कनाडा की ग्वेल्फ विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अपने रिसर्च में बताया कि बीपीए का उपयोग प्लास्टिक की बोतलों, बेबीफूड की बोतलों को बनाने में किया जाता है। यह पदार्थ दिमाग के लिए हानिकारक है और इसके सेवन से आगे चलकर अल्जाइमर्स जैसी बीमारी भी हो सकती है।

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    पेट के लिए नुकसानदेह

    प्‍लास्टिक की बोटल से पानी पीने से पेट को भी नुकसान होता है। दरअसल प्‍लास्टिक की बोतल को बनाने के लिए प्रयोग किये जाने वाले बाइसफेनोल ए के कारण पेट पर भी बुरा असर पड़ता है। बीपीए नामक रसायन जब पेट में पहुंचता है तब इसके कारण पाचन क्रिया भी प्रभावित होती है। इससे खाना भी अच्‍छे से नहीं पचता और कब्‍ज और पेट में गैस की समस्‍या भी हो सकती है।

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    फर्टिलिटी पर प्रभाव

    प्‍लास्टिक के बोतल का प्रयोग करने पर यौन क्षमता के साथ फर्टिलिटी भी प्रभावित हो सकती है। प्‍लास्टिक की बोतल को बनाने के लिए प्रयोग किये जाने वाले बाइसफेनॉल ए यानी बीपीए के कारण गुणसूत्रों की संख्‍या महिला और पुरुषों दोनों में घटती है। जिसके कारण स्‍पर्म और ओवम पर प्रभावित होते हैं। इसलिए प्‍लास्टिक के बोतल से पानी का सेवन करने से बचें।

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    गर्भावस्‍था में नुकसानदेह

    गर्भवती महिलाओं को भी प्‍लास्टिक के बोतल से पानी पीने से बचने की सलाह दी जाती है। क्‍योंकि इसे बनाने के लिए प्रयोग किया जाने वाला खतरनाक केमिकल बीपीए के कारण गर्भावस्‍था के दौरान समस्‍या हो सकती है। यह गर्भ में पल रहे बच्‍चे के विकास को भी प्रभावित कर सकता है, जिसके कारण बच्‍चे के शरीर का विकास अवरुद्ध हो सकता है। इसलिए गर्भावस्‍था के दौरान भी प्‍लास्टिक की बोतल का प्रयोग करने से बचें।

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    डायबिटीज की संभावना

    सीबीसी न्‍यूज में छपे शोध के अनुसार, बीपीए के कारण युवाओं में डायबिटीज जैसी बीमारी के होने की संभावना अधिक रहती है। इस शोध में यह बात भी सामने आयी कि बीपीए के अधिक संपर्क में रहने से डायबिटीज के होने का खतरा 2.4 गुणा अधिक बढ़ जाता है। जिसके कारण किशोरों और युवाओं में टाइप 2 डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है।

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    दिल की बीमारियां

    प्‍ला‍‍स्टिक की बॉटल दिल के भी बहुत नुकसानदेह है। सीबीसी न्‍यूज में छपे शोध के अुनसार, प्‍लास्टिक की बोतल को बनाने के लिए प्रयोग किये जाने वाले बाइसफेनॉल ए केमिकल के कारण कार्डियोवस्‍कुलर बीमारियों के होने का खतरा तीन गुणा अधिक बढ़ जाता है। जब भी हम प्‍लास्टिक की बोतल से पानी पीते हैं तब बीपीए केमिकल खून की धमनियों में प्रवेश करता है और यह दिल को कमजोर बनाता है। इसके कारण रक्‍तसंचार भी ठीक तरह से नहीं हो पाता है।

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