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गौतम बुद्ध की इन अनमोल बातों को अपनाएं, जीवन को बेहतर बनाएं!

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 03, 2016
बौद्ध धर्म दुनिया के प्रमुख धर्मों में एक है और पूरी दुनिया में इससे अनुयायी हैं, लेकिन क्‍या आप जानते हैं गौतम बुद्ध द्वारा दी गई सीख हमें क्‍या-क्‍या सिखाती है, इस स्‍लाइडशो में उनके अनमोल वचनों और उनसे होने वाले फायदों के बारे में जानें।
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    बुद्ध की अनमोल बातों से जीवन बेहतर बनाएं

    महात्मा गौतम बुद्ध विश्व के प्राचीनतम धर्मों में से एक बौद्ध धर्म के प्रवर्तक थे। बौद्ध धर्म भारत की श्रमण परंपरा से निकला धर्म और दर्शन है। आज बौद्ध धर्म दुनिया में चार बड़े धर्मों में से एक है। इसके अनुयायियों की संख्या पूरी दुनिया में बहुत है, यहां तक कि दिन-प्रतिदिन आज भी बढ़ रही है। गौतम बुद्ध के कई ऐसे अनमोल वचन हैं जो शांति और खुशी को महत्व देते हैं। इसलिए ऐसे ही कुछ अनमोल वचन को हमें अपनी जिंदगी में उतारना चाहिए। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से जानें गौतम बुद्ध के कुछ विचार, जिन्हें अपनाने से आपको सुख और शांति मिल सकती है।

    बुद्ध की अनमोल बातों से जीवन बेहतर बनाएं
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    'संदेह या शक की आदत से भयानक कुछ भी नहीं।'

    संदेह और शक की आदत से अधिक भयानक कुछ भी नहीं है। शक लोगों को अलग करती है और मित्रता तोड़ता है। यह एक जहर है जो दोस्ती और अच्छे संबंध को तोड़ देता है। यह एक कांटा है जो परेशान करता है और दर्द देता है, यह एक तलवार हैं जो मार डालता है।

    'संदेह या शक की आदत से भयानक कुछ भी नहीं।'
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    'शांति हमारे अंदर से आती है। आप इसे कहीं और न तलाशें।'

    यह गौतम बुद्ध का एक प्रसिद्ध अनमोल वचन है। इसके जरिए यह संदेश दिया गया है कि हमें अपने अच्छे कर्मों में शांति ढूंढनी चाहिए। आसपास की दुनिया में खुशी तलाशने की बजाय हमें स्वयं को खुश रखने पर काम करना चाहिए।

    'शांति हमारे अंदर से आती है। आप इसे कहीं और न तलाशें।'
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    'जैसा हम सोचते हैं, वैसा ही बन जाते हैं।'

    गौतम बुद्ध के इस अनमोल वचन के अनुसार, हम आपने विचारों से ही अच्छी तरह ढलते हैं; हम वही बनते हैं जो हम सोचते हैं। यदि कोई व्यक्ति बुरी सोच के साथ बोलता या काम करता है, तो उसे कष्ट ही मिलता है। यदि कोई व्यक्ति शुद्ध विचारों के साथ बोलता या काम करता है, तो उसकी परछाई की तरह खुशी उसका साथ कभी नहीं छोडती।

    'जैसा हम सोचते हैं, वैसा ही बन जाते हैं।'
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    'वर्तमान पर ध्‍यान दो।'

    अराजकता सभी जटिल बातों में निहित है। परिश्रम के साथ प्रयास करते रहो अतीत में मत उलझो, भविष्य का सपना भी मत देखो, वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करो। यही खुशी का सही रास्‍ता है।

    'वर्तमान पर ध्‍यान दो।'
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    'जंगली जानवर की तुलना में दुष्ट मित्र से ज्यादा डरना चाहिए।'

    किसी जंगली जानवर की तुलना में कपटी और दुष्‍ट मित्र से भयभीत होना चाहिए। क्‍योंकि एक जंगली जानवर सिर्फ आपके शरीर को घाव दे सकता है, लेकिन एक बुरा दोस्त आपके दिमाग में घाव कर जाएगा।

    'जंगली जानवर की तुलना में दुष्ट मित्र से ज्यादा डरना चाहिए।'
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    'स्‍वयं पर विजय प्राप्‍त करो।'

    हजार लड़ाई जीतने से अच्छा है अपने आप को जीतना। फिर जीत हमेशा तुम्हारी है। इसे तुमसे कोई नहीं ले सकता न ही स्वर्गदूतों द्वारा न ही राक्षसों द्वारा, न ही स्वर्ग या नरक में।
    Image Source : Getty

    'स्‍वयं पर विजय प्राप्‍त करो।'
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