टॉन्सिल को समझें

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Oct 07, 2014

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टॉन्सिलाइटिस होने पर टॉन्सिल में यानी गले के दोनों ओर सूजन आ जाती है। शुरुआत में मुंह के अंदर गले के दोनों ओर दर्द महसूस होता है, बार बार बुखार भी होता है।
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    टॉन्सिल

    टॉन्सिल्‍स, नर्म ग्रंथियों के ऊतक से बना होता है। यह शरीर की रक्षा करने वाले महत्‍वपूर्ण हिस्‍सों में से एक हैं- (प्रतिरक्षा प्रणाली)। मानव शरीर में दो टॉन्सिल होते हैं, जो चेहरे के नीचे गले में दोनों तरफ मौजूद होते हैं। टान्सलाइटिस में टॉन्सिल्स में सूजन आ जाती है। image courtesy : getty images

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    टॉन्सिल के लक्षण

    टॉन्सिल के सबसे सामान्य लक्षण में गले में खराश शामिल है। इसके अलावा, खांसी, उच्च तापमान (बुखार) और सिर दर्द हो सकता है। साथ ही निगलना दर्दनाक हो सकता है, और गर्दन ग्रंथियों में सूजन आ सकती है। इसके अलावा टॉन्सिल सामान्‍य से ज्‍यादा लाल या प्रफुल्लित हो सकते हैं। image courtesy : getty images

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    टॉन्सिल के कारण

    ज्‍यादातर मामलों में टॉन्सिल वायरल संक्रमण के कारण होता हैं, हालांकि, यह बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन के कारण भी हो सकता है। सबसे आम बैक्‍टीरिया स्ट्रैपटोकोकस पयोगेनेस टॉन्सिल का कारण बनता है। image courtesy : getty images

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    जोखिम कारक

    टॉन्सिल्स की परेशानी बच्चों में ज्यादा देखने को मिलती है। यह पूर्वस्‍कूली वर्षों से मध्य किशोरावस्था में सबसे आम होती है।  कीटाणुओं को लगातार संपर्क में आना इसका एक और बड़ा जोखिम कारक है। निकट संपर्क या अक्सर वायरस या बैक्टीरिया के संपर्क में आने वाले टॉन्सिल से ग्रस्त रहते हैं। image courtesy : getty images

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    जटिलताएं

    टॉन्सिल में सूजन, सांस लेने में कठिनाई और ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के रूप में जटिलताएं पैदा कर सकता हैं। कभी कभी, संक्रमण आसपास के ऊतकों में भी फैल सकता है। टॉन्सिल के पीछे मवाद का संग्रह हो जाता है, जिससे ‍टॉन्सिलर   ऐब्सेस हो जाता है। रूमेटिक फीवर और पोस्‍ट-स्ट्रेप्टोकॉकल, ग्लोमेरुलोनेफ्रयटिस सभी टॉन्सिल से होने वाल जटिलताएं हैं। image courtesy : getty images

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    निदान

    टॉन्सिल का निदान डॉक्‍टर शारीरिक परीक्षण के साथ शुरू करते है, इसके लिए वह उपकरण का उपयोग कर गले और कान को देखता है। इसके साथ ही वह सूजन ग्रंथियों (लिम्फ नोड्स) की जांच करने के लिए धीरे से गर्दन को छूकर महसूस करता है। इसके अलावा सांस की जांच स्‍टेथोस्‍कोप से करता हैं।  image courtesy : getty images

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    उपचार

    टॉन्सिल का इलाज घर में करने पर गले को नम करने और डिहाइड्रेशन को रोकने के लिए हर दो घंटे के बाद नमक मिले गर्म पानी से गर्रारे करने चाहिए। अगर टॉन्सिल का कारण बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन हैं तो एंटीबायोटिक का कोर्स निर्धारित किया जाता है। अक्‍सर होने वाला टॉन्सिल, क्रोनिक टॉन्सिल और बैटीरियल टॉन्सिल का उपचार कभी-कभी सर्जरी द्वारा किया जाता है। image courtesy : getty images

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    रोकथाम

    टॉन्सिल का कारण रोगाणु संक्रामक होने के कारण, अच्‍छी स्‍वच्‍छता अपनना इसके बचाव की सबसे अच्‍छी रणनीति है। टॉन्सिल को रोकने के लिए अपने हाथों को अक्‍सर और अच्‍छी तरह से धोएं, विशेष रूप से शौचालय का उपयोग करने के बाद और खाने से पहले। image courtesy : getty images

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