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बैक्टीरियल, वायरल और फंगल मेनिननजाइटिस के अंतर को समझें

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Oct 15, 2015
मेनिननजाइटिस बैक्टीरियल, वायरल और फंगल तीन प्रकार होते है। कुछ मामलों में यह खतरनाक या जीवन के लिए खतरा भी बन सकता है। इसलिए इसके प्रकार और उनके बीच के अंतर को समझना जरूरी होता है।
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    क्‍या है मेनिननजाइटिस

    मेनिननजाइटिस एक संक्रमण है जो मस्तिष्‍क और रीढ़ की हड्डी की रक्षा करने वाली झिल्‍ली की सूजन का कारण बनता है। संक्रमण के प्रकार पर निर्भर करता है कि संक्रमण कैसा होगा। कुछ मामलों में मेनिननजाइटिस कुछ हफ्तों में अपने आप ठीक हो जाता है, जबकि कुछ में यह खतरनाक या जीवन के लिए खतरा भी बन सकता है। इसलिए इसके प्रकार और उनके बीच के अंतर को समझना जरूरी होता है। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से हम इसके प्रकार और इसके बीच के अंतर को समझते हैं।
    Image Source : saudigazette.com.sa

    क्‍या है मेनिननजाइटिस
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    मेनिननजाइटिस के प्रकार और लक्षण

    मेनिननजाइटिस के तीन प्रकार होते है बैक्टीरियल, वायरल और फंगल। यह संक्रमण के प्रकार पर आधरित होते हैं। आमतौर पर सभी प्रकार के संक्रमण में तेज बुखार, गर्दन में अकड़न और सिरदर्द जैसे प्रारंभिक लक्षण एक जैसे होते हैं।

    मेनिननजाइटिस के प्रकार और लक्षण
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    वायरल मेनिनजाइटिस को समझें

    वायरल संक्रमण संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका में मेनिनजाइटिस का सबसे आम कारण है। कई वायरस मेनिनजाइटिस के कारण बन सकते है। आमतौर पर अन्‍य वायरस जैसे  एचआईवी, दाद सिंप्लेक्स, और वेस्ट नील वायरस मेनिनजाइटिस का कारण हो सकते हैं। हालांकि ज्‍यादातर वायरस संक्रमण में संक्रमण आमतौर पर काफी हल्‍का होता है और बिना इलाज के ठीक हो जाता है। लेकिन एचएसवी (हर्पिस सिंप्लेक्स वायरस) जैसे कुछ संक्रमण में गंभीर हो सकती है और एन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क की वास्तविक सतह का संक्रमण) में खराब हो सकती है।

    वायरल मेनिनजाइटिस को समझें
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    फंगल मेनिननजाइटिस को समझें

    फंगल संक्रमण दुनिया के अधिकांश भागों में मेनिनजाइटिस का आम कारण है। यह मेनिनजाइटिस का अपेक्षाकृत कम आम प्रकार है। यह संक्रमित व्‍यक्ति से अन्‍य लोगों में फैलता है और आमतौर पर कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के लोगों को ज्‍यादा प्रभावित करता है। साथ ही एचआईवी और कैंसर की समस्‍या वाले लोगों में मेनिनजाइटिस का खतरा अधिक होता है। इसके अलावा इलाज के लिए स्टेरॉयड, या लंबे समय तक एंटीबायोटिक का सेवन करने वाले रोगियों में बहुत आम होती है। फंगल मेनिननजाइटिस का उपचार नसों द्वारा प्रशासित एंटी-फंगल दवाओं से होता है। इलाज का समय प्रतिरक्षा प्रणाली की अवस्‍था पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में, मरीजों को समय की एक लंबी अवधि के लिए रखरखाव उपचार जारी रखने की जरूरत होती है।

    फंगल मेनिननजाइटिस को समझें
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    बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस

    बैक्‍टीरिया के कारण संक्रमण होने से इसे बैक्‍टीरियल मेनिनजाइटिस कहते है। आमतौर पर इस संक्रमण में बैक्‍टीरिया खून में प्रवेश कर तानिका तक पहुंच जाता है। इस बैक्‍टीरिया को सीधे रूप से साइनस या कान के संक्रमण के माध्‍यम से जाना जाता है। बैक्‍टीरियल मेनिनजाइटिस तेजी से फैलने वाला एक संक्रमण का घातक प्रकार है। अगर इसका इलाज जल्‍द न किया जाये तो जीवन के लिए खतरा हो सकता है। यह आमतौर पर मैनिंजाइटिस का एक और अधिक गंभीर रूप है और इसकी नाटकीय प्रस्तुति में मस्तिष्क की स्थायी क्षति को रोकने के लिये आपातकालीन चिकित्सा उपचार की जरूरत होती है। इस तरह से आप बैक्टीरियल, वायरल और फंगल मेनिननजाइटिस में अंतर कर सकते है। अगर आपको मेनिनजाइटिस के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अपने डॉक्‍टर से संपर्क करें।
    Image Source : Getty

    बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस
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