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महिलाओं में होने वाली सामान्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं

By:Pradeep Saxena, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 21, 2014
महिलाओं में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में बहुत कम लोगों को ही पता होता है। ज्यादा जानकारी के लिए पढ़ें महिलाओं में दस मुख्य स्वास्थ्य समस्याएं कौन सी हैं।
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    महिलाओं में स्वास्थ्य समस्या

    पूरे घर की जिम्मेदारी संभालने वाली एक महिला अपने जीवन में किन स्वास्थ्य समसयाओं से गुजरती है इसकी जानकारी शायद ही कुछ लोगों को हो। अपनी सेहत की परवाह किए बिना महिलाएं घर के हर एक सदस्य की देखभाल करती हैं। ऐसे में आपकी भी जिम्मेदारी बनती है कि आप जानें कि आपके आसपास रहने वाली महिलाएं जो आपकी मां, बहन, बीवी या बेटी हो सकती हैं अपने जीवन में किन स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करती हैं।


    महिलाओं में स्वास्थ्य समस्या
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    पीएमएस


    यह पीरियड से पहले का समय है। जब एक महिला पेट में सूजन, दर्द और ऐंठन का अनुभव करती है। इतना ही नहीं पीएमएस के दौरान स्तनों में दर्द और सूजन के मांसपेशियों में और जोड़ों में दर्द की समस्या भी होती है। इसके अलावा इस दौरान महिलाओं के मूड में भी बदलाव होता है।  

    पीएमएस
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    इंडोमेट्रिओसिस

    पीरियड्स के दौरान हर महीने इंडोमेट्रियम की कोशिकाओं में सूजन आ जाती है जिससे वे मोटी हो जाती है। इंडोमेट्रिओसिस वह अवस्था होती है जब इंडोमेट्रियल सेल बढ़कर शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंच जाती है खासकर पेट की सतह पर। इसकी वजह से पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग और पेट में दर्द की शिकायत होती है।

    इंडोमेट्रिओसिस
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    सरवाइकल पॉलीप्स

    सरवाइकल पॉलीप्‍स छोटे होते है जो सरवाइकल म्‍यूकोसा या एंडोसेरविकल कनॉल और गर्भाशय के मुहं पर हो जाते है, इनके बनने से भी पीरियड्स के दौरान ब्‍लीडिंग ज्‍यादा होती है। इनके बनने का कारण अभी तक स्‍पष्‍ट नहीं है लेकिन मेडिकल वर्ल्‍ड में इनके बनने की वजह सफाई का न होना और संक्रमण माना जाता है। 


    सरवाइकल पॉलीप्स
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    पेल्विक इंफ्लेमेट्री डिसीज ( पीआईडी )

    यह एक प्रकार का संक्रमण होता है जो एक या एक से अधिक अंगों में हो सकता है जैसे - यूट्रस, फेलोपियन ट्यूब्‍स और सेरेविक्‍स। पीआईडी मुख्‍य रूप से सेक्‍स सम्‍बंधी संक्रमण के कारण होता है। पीआरपी ट्रीटमेंट को एंटीबॉयोटिक थेरेपी के रूप में सजेस्‍ट किया जाता है।



    पेल्विक इंफ्लेमेट्री डिसीज ( पीआईडी )
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    वजाइनल इंफेक्शन

    कई बार महिलाओं में वजाइनल इंफेक्शन के कारण योनि के आसपास खुजली,लालिमा, अनियमित योनि स्राव, दुर्गंध या यूरीन के समय दर्द या जलन का एहसास  होता है। ऐसा कई कारणों से हो सकता है जिनमें से मुख्य है तंग कपड़े, किसी प्रकार की क्रीम, सफाई की कमी या सेक्सुअल गतिविधि।   

    वजाइनल इंफेक्शन
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    सरवाइकल कैंसर

    सरवाइकल कैंसर में गर्भाशय, असामान्‍य और नियंत्रण से बाहर हो जाता है। इसके होने से शरीर के कई हिस्‍से नष्‍ट हो जाते है। 90 प्रतिशत से ज्‍यादा सरवाइकल कैंसर, ह्यूमन पेपिलोमा वायरस के कारण होता है। इसके उपचार के दौरान मरीज की सर्जरी करके उसे कीमोथेरेपी और रेडियशन दिया जाता है, इस बीमारी का इलाज संभव है।

    सरवाइकल कैंसर
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    स्तन कैंसर

    स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाली एक गंभीर समस्या है। हमेशा स्तनों में दर्द या सूजन का अनुभव करना स्तन कैंसर का लक्षण हो सकता है। स्तन कैंसर से बचने के लिए हर महिला को चालीस की उम्र के बाद इसकी जांच अवश्य करानी चाहिए। जितनी जल्दी इसकी पहचान होगी इलाज उतना ही आसान हो सकता है।  

    स्तन कैंसर
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    हृदय रोग

    महिलाओं को भी पुरुषों की तरह हृदय रोग और दिल के दौरे के लिए खतरे होते हैं।दिल की बीमारी 65 वर्ष से अधिक महिलाओं में मौत का प्रमुख कारण है महिलाओं को दिल की समस्यायें पुरुषों की तुलना में जीवन में 7 या 8 साल बाद विकसित होती हैं। लेकिन उम्र 60-65 में,एक महिला की हृदय की समस्या एक पुरुष से लगभग उसी रूप में होती है।

    हृदय रोग
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    अर्थराइटिस

    आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं में इस बीमारी की चपेट में आने का खतरा ज्यादा रहता है। जोड़ों में मोशन की सीमित रेंज के कारण कई बार सीढिय़ां चढऩे आदि दर्द का सबब बनता है। इसलिए महत्वपूर्ण यह है कि अर्थराइटिस का पता समय से लगा लिया जाए, ताकि जीवन शैली में जरूरी बदलावों को समय रहते अपनाकर इलाज शुरू किया जा सके।

    अर्थराइटिस
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    डिप्रेशन

    महिलाओं में के लक्षण पुरुषों की अपेक्षा बहुत अलग होते हैं। ऐसे में इन लक्षणों को सही समय पर भांपना बहुत जरूरी है जिससे डिप्रेशन को खत्म करने में आसानी मिले। कई बार महिलाएं को मूड में बदलाव होने लगता हैं या वे अपने आसपास के लोगों और बातों में रुचि लेना कम कर देती हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है उन्हें किसी बात की टेंशन है।

    डिप्रेशन
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