जोड़ों को स्वस्थ रखने के टिप्स

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jul 23, 2014

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जोड़ों को स्‍वस्‍थ रखने के लिए गतिशीलता जरूरी होती है। जितना ज्‍यादा आप गतिशील होंगे और उतनी ही जोड़ों में कठोरता कम होगी।
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    जोड़ों के दर्द को कम करने के कुछ कदम

    जोड़ों को स्‍वस्‍थ रखने के लिए गतिशीलता जरूरी होती है। जितना ज्‍यादा आप गतिशील होंगे और उतनी ही जोड़ों में कठोरता कम होगी। इसलिए आपको पढ़ते, काम करते या फिर टीवी देखते समय अपनी पोजिशन को बदलते रहना चाहिए। अपनी डेस्‍क या कुर्सी से ब्रेक लेकर बीच-बीच में टहलते रहना चाहिए। image courtesy : getty images

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    जोड़ों का दर्द और गठिया

    ऑस्टियोआर्थराइटिस जोड़ों से संबंधित बीमारी है, जिसे जोड़ों में दर्द भी कहा जाता है। यह गठिया का सबसे आम प्रकार माना जाता है। गठिया एक सामान्य शब्द है, जिसका मतलब होता है जोड़ों में सूजन या अकड़न। उम्र के एक पड़ाव पर आकार गठिया अधिक परेशान करता है।  image courtesy : getty images

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    शरीर और जोड़ों की रक्षा

    चोट जोड़ों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए आपको इन्‍हें चोट से बचाकर रखना चाहिये। स्केटिंग जैसे उच्च जोखिम गतिविधियों के दौरान कोहनी और घुटने पैड के सुरक्षा गियर पहनने चाहिए। अगर आपके जोड़ पहले से ही दर्द कर रहे हैं, तो टेनिस या गोल्फ खेलने के दौरान ब्रेसिज पहनने पर विचार करना चाहिए। image courtesy : getty images

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    स्वस्थ जोड़ों के लिए स्वस्थ वजन

    वजन कम करके भी आप जोड़ों की चोट से बच सकते हैं। अतिरिक्त वजन जोड़ो पर भार डालता है और अस्‍थि‍मज्‍जा टूटने के खतरे को बढ़ा देता है। यहां तक ​​कि थोड़ा सा वजन घटाना भी आपकी मदद कर सकता है। एक पाउण्‍ड वजन कम करने से जोड़ों पर चार पाउण्‍ड तक दबाव कम होता है।  image courtesy : getty images

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    व्यायाम से पहले स्ट्रेच न करें

    कई गठिया विशेषज्ञों के अनुसार, स्‍ट्रेच एक्‍सरसाइज को सबसे महत्‍वपूर्ण प्रकार है। रोजाना या वैकल्पिक दिनों में स्‍ट्रेचिंग करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। लेकिन जोड़ों की समस्‍या होने पर आपको वॉर्मअप से पहले मांसपेशियों को स्‍ट्रेच नहीं करना चाहिये। बल्कि जोड़ों को ढीला करने के लिए स्‍ट्रेच करने से पहले हल्‍का वर्मअप करना चाहिए।  image courtesy : getty images

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    जोड़ों के लिए कम प्रभाव व्यायाम

    क्या व्यायाम अच्छा है? आपके जोड़ों की रक्षा के लिए पैदल चलना, साइकिल चलाना और तैराकी जैसे कम प्रभावी विकल्प अच्‍छे रहते हैं। उच्च प्रभाव और तेज व्‍यायाम से चोट का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही कड़े व्‍यायाम से धीरे-धीरे कार्टिलेज क्षतिग्रस्‍त हो सकती है। आप अपने व्‍यायाम में हल्‍का वजन उठाने वाले व्‍यायाम को शामिल कर सकते हैं। लेकिन आप अगर गठिया से पीडि़त हैं, तो कोई भी व्‍यायाम करने से पहले डॉक्‍टर से जरूर बात करें।  image courtesy : getty images

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    जोड़ों के आसपास की मांसपेशियों में मजबूती

    जोड़ों के आसपास मांसपेशियों को मजबूत बनाकर आप खतरा काफी कम कर सकते हैं। रिसर्च के अनुसार जांघ की  कमजोर मांसपेशियां घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा बढ़ा देती हैं। यहां तक ​​कि मांसपेशियों की ताकत का थोड़ा सा बढ़ना भी जोखिम को कम कर सकता हैं। प्रभावित जोड़ों पर तेजी और दोहराव गति से बचें।  image courtesy : getty images

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    सूजन को कम करने के लिए मछली का सेवन

    रुमेटी आर्थराइटिस (आर ए) से जोड़ों कम करने के लिए आपको मछली का सेवन करना चाहिये। ओमेगा फैटी थ्री एसिड से लैस ठंडे पानी की मछलियां जैसे सामन और मैकरील आदि आपके लिए बहुत फायदेमंद होती हैं। ओमेगा -3 जोड़ों को स्‍वस्‍थ रखने के साथ-साथ सूजन को कम करने में मदद करता है। इसके साथ ही यह गठिया के कारणों से भी राहत दिलाता है। अगर आपको मछली पसंद नहीं है तो आप मछली के तेल कैप्सूल ले सकते हैं।  image courtesy : getty images

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    जोड़ों की सीमा की जानकारी

    व्यायाम के बाद कुछ मांसपेशियों में दर्द होना सामान्य बात है। लेकिन अगर दर्द 48 घंटे से ज्‍यादा देर तक रहता है, तो इसका मतलब आपने अपने जोड़ पर जरूरत से ज्‍यादा जोर दिया है। ऐसे में जरूरी है कि आप काम करते समय जरूरी सावधानी बरतें।  image courtesy : getty images

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    मजबूत हड्डियों के लिए दूध पीना

    कैल्शियम और विटामिन डी हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करता है। मजबूत हड्डियां की मदद से फॉल्स रोका जा सकता है, जो जोड़ों को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करता है। डेयरी उत्पाद कैल्शियम का सबसे अच्छा स्रोत हैं। अन्य विकल्प ब्रोकोली और गोभी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां भी शामिल हैं। अगर आपको आहार के माध्यम से पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिलता है, तो आपको खुराक के बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। image courtesy : getty images

     

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