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मस्‍सों की रोकथाम के लिए अपनायें ये टिप्‍स

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 10, 2015
मस्‍से चेहरे की खूबसूरती को बिगाड़ देते हैं। लेकिन मस्‍से को काटने और फोड़ने पर मस्‍सों का वायरस शरीर के अन्‍य हिस्‍सों में भी चला जाता है जिसके कारण मस्‍से हो जाते हैं। इसलिए इसकी रोकथाम के उपायों के बारे में जानना बहुत जरूरी होता है।
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    मस्‍सों की समस्‍या

    त्‍वचा पर पेपीलोमा वायरस के कारण छोटे, खुरदुरे कठोर पिंड बन जाते हैं जिसे मस्‍सा कहते हैं। मस्‍से काले और भूरे रंग के होते हैं। शरीर पर मस्‍से बहुत बुरे लगते हैं। यह मस्‍से गर्दन, हाथ, पीठ, चिन, पैर इत्यादि कहीं पर भी हो सकते है। लेकिन चेहरे पर काले मस्‍से तो चेहरे की खूबसूरती को बिगाड़ देते हैं। मस्‍से को काटने और फोड़ने के कारण मस्‍सों का वायरस शरीर के अन्‍य हिस्‍सों में भी चला जाता है जिसके कारण मस्‍से हो जाते हैं। इसलिए इसकी रोकथाम के उपायों के बारे में जानना बहुत जरूरी हो जाता है।
    Image Courtesy : Getty Images

    मस्‍सों की समस्‍या
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    मस्‍सों की विकसित होनी की आशंका

    अधिकांश लोग अपने जीवन काल में कम से कम एक बार एचपीवी एक या अधिक उपभेदों से संक्रमित होते हैं। लेकिन वायरस के कई उपभेद मस्‍से के रूप में न दिखने के कारण, व्‍यक्ति को कभी एहसास ही नहीं होता कि वह इससे संक्रमित है। इसलिए मस्‍सों की रोकथाम करना बहुत मुश्किल होता है। कुछ लोग दूसरों की तुलना में मस्‍सों के प्रति अतिसंवेदनशील होते हैं। वायरस के प्रति अतिसंवेदनशील लोगों में मस्‍सा विकसित होने की आंशका अन्‍य लोगों की तुलना में अधिक होती है। उदाहरण के लिए बच्‍चों में विकासशील प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में मस्‍से के विकास होने की आशंका सबसे आम होती है।
    Image Courtesy : bupa.co.uk

    मस्‍सों की विकसित होनी की आशंका
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    मस्‍सों के कारण

    मस्‍सों की समस्‍या उम्र और रहने की स्थिति पर निर्भर करता है, लगभग 10 से 25 प्रतिशत के बीच की जनसंख्‍या मस्‍सों के साथ व्‍यवहार करती है। और तो और कुछ देशों में यह प्रतिशत लगभग 50 प्रतिशत तक होता है। इन देश के लोगों में व्यक्तिगत स्वच्छता में कमी, पोषण में कमी, इम्‍यूनिटी में कमी और जीवनशैली के कारण ऐसा होता है। इसके अलावा त्वचा पर बेडौल और रुखी सतह का विकास होना, मस्सों के लक्षण होते हैं। मस्से अपने आप विकसित होकर अपने आप ही गायब हो जाते हैं, पर इनमें से कई मस्से अत्याधिक पीड़ादायक होते हैं। यह तेजी से फैलते हैं, और इनमे से कई मस्से बरसों तक बने रहते हैं जिनका इलाज कराना जरूरी होता है।
    Image Courtesy : Getty Images

    मस्‍सों के कारण
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    मस्‍सों के रोकथाम के उपाय

    इसलिए व्‍यक्तिगत स्‍वच्‍छता, स्‍वस्‍थ जीवन शैली और मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देकर मस्‍सों के विकास की आशंका को कम करना बहुत महत्‍वपूर्ण होता है। इसलिए मस्‍सों को खरोंचना नहीं चाहिए क्‍योंकि ऐसा करने से वायरस के प्रसार का खतरा बढ़ जाता है और यह अधिक मस्‍सों के विकास को जनम दे सकता है।
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    मस्‍सों के रोकथाम के उपाय
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    नमी वाले हिस्‍सों को अच्‍छे से सूखा लें

    यह वायरस अक्‍सर स्विमिंग पूल, बॉथरूम और जिम जैसे नम स्थानों में पाया जाता है। इसलिए हमेशा ऐसी जगहों पर सैंडल या चप्पल पहनने की सलाह दी जाती है। साथ ही सौना, पूल या जिम जाने के बाद अपने पैरों को अच्‍छे से धोकर सूखा लें।
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    नमी वाले हिस्‍सों को अच्‍छे से सूखा लें
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    संक्रमित व्‍यक्ति की चीजों को इस्‍तेमाल करने से बचें

    हालांकि मस्‍सों की रोकथाम के लिए कोई निश्चित तरीका नहीं हैं लेकिन कुछ तरीकों को अपनाकर संक्रमित होने के खतरे को कम किया जा सकता हैं। अपने मस्सों को खरोंचे नहीं, यह आगे चलकर आत्म संक्रमण या दूसरों को संक्रमित होने से बचाता है। इसके साथ ही मस्‍सों से ग्रस्‍त व्‍यक्ति के तौलिये, जूते या अन्‍य निजी वस्‍तुओं का उपयोग न करें।
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    संक्रमित व्‍यक्ति की चीजों को इस्‍तेमाल करने से बचें
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    मस्‍सों को छूने से बचें

    समस्‍या को फैलने से रोकने के लिए ऐसा हिस्‍सों पर ब्रश, शेव या दबाव न डालें, जहां पर मस्‍सों की समस्‍या हो। और अगर आप गलती से मस्‍सों को छू लेते हैं या खरोंचते हैं तो उसके बाद अपने हाथों को अच्‍छी तरह से एंटीसेप्टिक साबुन से धो लें। साथ ही संक्रमित व्‍यक्ति को छूने से भी बचें।
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    मस्‍सों को छूने से बचें
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    कपड़ों को उच्‍च तापमान में सुखायें

    पसीना ज्‍यादा आने पर हाथों और पैरों को धोने के बाद नमी से दूर रहने के लिए इन्‍हें अच्‍छे से सूखाये। साथ ही अगर आप मस्‍सों की समस्‍या से पीड़ि‍त है तो इस्‍तेमाल के बाद अपने तौलिये और कपड़ों को अच्‍छे से धोकर उच्‍च तापमान में सूखायें। साथ ही अपने मस्‍सों को बैंडेज, टेप आदि से कवर करके रखें। और मस्‍सों के हाथों में होने पर इसके फैलाव को रोकने के लिए जिम में दस्‍ताने पहनकर जायें।   
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    कपड़ों को उच्‍च तापमान में सुखायें
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