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तनाव होने पर कैसे करें निगेटिविटी का सामना

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Apr 18, 2017
तनाव होने पर भी व्‍यक्ति में नकारात्‍मकता आने लगती है। लेकिन सकारात्‍मक सोच और व्‍यवहार के साथ स्‍वाभाविक तौर पर होने वाली इस नकारात्‍मकता को हराया जा सकता है, आइए जानें कैसे।
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    निगेटिविटी का सामना करने के उपाय

    जीवन में नकारात्मकता तनाव का सबसे बडा कारण है, लेकिन तनाव होने पर भी व्‍यक्ति में नकारात्‍मकता आने लगती है। यदि मनुष्य जीवन की घटनाओं को सकारात्मकता के साथ स्वीकार करे तो वह एक सुखी जीवन जी सकता है। और सकारात्‍मक सोच और व्‍यवहार के साथ स्‍वाभाविक तौर पर होने वाली इस नकारात्‍मकता को हराया जा सकता है। लॉस एंजिल्स में एलसीएसडब्‍ल्‍यू के एक मनोवैज्ञानिक और सोशल वर्कर पीएचडी फॉरेस्ट हाँग के अनुसार  "अक्सर नकारात्मक सोच अवसाद की भावनाओं को युक्तिसंगत बनाने के लिए एक सुरक्षा तंत्र के रूप में अभ्यस्त हो जाती है,"। लेकिन थोड़ी देर के बाद, यह नकारात्‍मक व्‍यवहार अवसाद के लक्षणों के साथ मुकाबला करने की एक आसान तकनीक लगने लगती है। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से जानें तनाव होने पर निगेटिविटी का सामना कैसे किया जा सकता है।

    निगेटिविटी का सामना करने के उपाय
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    इन बातों पर विचार करें

    तनाव के लक्षण जैसे नकारात्‍मक सोच को संभालने के लिए ऐसी एक्‍सरसाइज करें जो आपके दिमाग को फिर से सिखाती हो। साथ ही यह बात हमेशा अपने दिमाग में रखें कि आमतौर पर पूरी तरह से नकारात्‍मक विचारों को निकालना स्‍वस्‍थ नहीं है। लेकिन आप जो भी करें उसे तार्किक आकलन करने की कोशिश करें और जरूरत हो तो उसे लिख लें। फिर कदम वापस करें और उसे स्‍वीकार करें, ऐसे करने से आपके विचारों में सकारात्‍मकता आ जायेगी। लेकिन आपकी सोच में रातोंरात में फर्क नहीं आ सकता है। इसके लिए अभ्‍यास और पेशेवर की मदद की जरूरत होती है। अपनी मानसिकता को मुक्‍त करने और अन्‍य भागों को थेरेपी से बढ़ावा देने के लिए इन रणनीतियों पर विचार करें।

    इन बातों पर विचार करें
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    संज्ञानात्मक उपचार लें

    जर्नल अमेरिकन फैमिली फिजिशियन में प्रकाशित एक अध्‍ययन के अनुसार, संज्ञानात्‍मक थेरेपी डिप्रेशन के लिए एक प्रभावी उपचार है, और इस  
    संज्ञानात्मक उपचार को एंटी-डिप्रेसेंट के साथ संयुक्‍त करने से गंभीर या क्रोनिक अवसाद का प्रभावी रूप से प्रबंधन किया जा सकता है। मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल के लिए आप परामर्श या संज्ञानात्‍मक उपचार के बारे में ठीक वैसे ही सोचते है, जैसे आप शारीरिक फिटनेस के लिए एक व्‍यक्तिगत ट्रेनर के बारे में सोचते हैं, वह आपकी नकारात्‍मक सोच को समझने, पहचानने और दूर करने के तरीके के बारे में बताता है।

    संज्ञानात्मक उपचार लें
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    नकारात्‍मक विचारों को लिखें

    नकारात्‍मक विचारों को लिखने की कोशिश करें । अपनी रोजाना की गतिविधियों और भावनाओं को लिखने से आत्मनिरीक्षण और विश्लेषण करने में आपको मदद मिलती है। एक जर्नल या डायरी रखें जिसमे रोजाना लिखें की आप जीवन के बारें में क्या महसूस करते हैं, कौन सी परिस्थितियां आपके अंदर नकारात्‍मक विचारों को जन्‍म देती है- और उन परिस्थितियों को बदलने के लिए आप किन तरीको के बारे में सोच रहे हैं। यह आपकी नकारात्‍मकता को दूर करने में सहायक साबित होगा।

    नकारात्‍मक विचारों को लिखें
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    तनाव मुक्‍त रहने की कोशिश करें

    रोजाना कुछ मिनट खुद को तनाव मुक्‍त रखने की कोशिश करें, जैसे मेडिटेशन, योगा और गहरी सांस लेना, आपके अनि‍यंत्रित विचारों और भावनाओं संभालने का अच्‍छा तरीका है। डॉक्‍टर हांग, ताई ची करने की सलाह देते हैं, जो एक बहुत ही अच्‍छा फिटनेस विकल्‍प है। और यह भी कहा कि साधारण गतिविधि जैसे वॉकिंग आपके मूड को बढ़ावा देने और नकारात्‍मक विचारों को दूर करती है।

    तनाव मुक्‍त रहने की कोशिश करें
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    शा‍रीरिक फिटनेस पर ध्‍यान दें

    हांग के अनुसार, तनाव से ग्रस्‍त कई लोगों को बेहतर जीवनशैली अपनाकर काफी फायदा मिलता है। एक्‍सरसाइज की कमी, गलत खान-पान और बहुत ज्‍यादा दवाओं  या शराब का सेवन आपके अंदर नकारात्‍मकता के भाव लाता है। लेकिन इन क्षेत्रों को बेहतर विकल्‍प बनाकर आप जीवन के सभी क्षेत्रों में सकारात्‍मकता ला सकते हैं।
    Image Source : Getty

    शा‍रीरिक फिटनेस पर ध्‍यान दें
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