हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

अनिद्रा के बारे में ये बातें नहीं जानते होंगे आप

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Sep 20, 2014
नींद ना आना या लंबे समय तक ना सो पाने की समस्या को अनिद्रा अर्थात इंसोमेनिया कहते हैं। अनिद्रा की समस्या लंबे समय तक होने पर यह जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।
  • 1

    अनिद्रा क्या है

    अनिद्रा स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बड़ी समस्या है, जो हर उम्र के पुरुष और महिलाओं में हो सकती है। नींद ना आना या लंबे समय तक ना सो पाने की समस्या को अनिद्रा अर्थात इंसोमेनिया कहते हैं। अनिद्रा के विभिन्न प्रकार होते हैं, जैसे अल्पावधि या तीव्र अनिद्रा, अनिद्रा का एक आम प्रकार है। यदि अनिद्रा की समस्या लंबे समय से है और आपके जीवन को प्रभावित कर रही है तो यह एक गंभीर और चिरकारी समस्या है जिसे सही, पेशेवर चिकित्सक की जरुरत है। इस समस्यासे निपटने के लिए इसकी जानकारी होना बेहद जरूरी होता है। तो चलिये जानें अनिद्रा के बारे में कुछ नई बातें।
    Image courtesy: © Getty Images

    अनिद्रा क्या है
  • 2

    इंसोम्नियाक्स

    यदि किसी व्यक्ति को 30 दिनों से भी अधिक समय तक ठीक से नींद न आए तो इसका मतलब यह है कि वह चिरकालीन अनिद्रा का शिकार है। चिरकालीन अनिद्रा से पीड़ित मरीज़ों को "इंसोम्नियाक्स" भी कहा जाता है।
    Image courtesy: © Getty Images

    इंसोम्नियाक्स
  • 3

    थकान के साथ जाग जाना

    यदि रात में अच्छी नींद ना आने के कारण अक्सर लोग सुबह की ताजगी नहीं महसूस कर पाते। पर्याप्त नींद की कमी के चलते इसका नुकसान शरीर की चयापचय प्रक्रिया पर पड़ता है। जिससे उठने के बाद खुमारी या सर भारी होने जैसे लक्षणों का अहसास करती है।
    Image courtesy: © Getty Images

    थकान के साथ जाग जाना
  • 4

    दिन भर सुस्ती

    दिन भर सुस्त सा रहना अनिद्रा के कारण लोगों में दिखाई देने वाला एक बेहद आम लक्षण है। और दिन में रहने वाली ये सुस्ती या उनींदापन उस व्यक्ति के कामकाजी और सामाजिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
    Image courtesy: © Getty Images

    दिन भर सुस्ती
  • 5

    चिड़चिड़ापन और मिजाज में बदलाव

    जब किसी व्यक्ति कि रोज की नींद पूरी नहीं होती तो उसके स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी आ जाता है। ऐसे लोगों को बहुत जल्दी गुस्सा आता है और वे चिंता या अवसाद का शिकार भी हो सकते हैं। उन्हें चीजों को याद रखने में भी परेशानी होती है।
    Image courtesy: © Getty Images

    चिड़चिड़ापन और मिजाज में बदलाव
  • 6

    अनिद्रा के कारण

    अनिद्रा के कई कारण हो सकते हैं। इसके कुथ आम कारणों में मानसिक तनाव, अधिक क्रोध, चिंतन करना, अधिक उत्तेजना, कब्ज, धूम्रपान, चाय-कॉफी का अत्यधिक सेवन, आवश्यकता से कम या अधिक खाना या फिर गरिष्ठ मसालेदार भोजन का सेवन करना आदि शामिल होते हैं।
    Image courtesy: © Getty Images

    अनिद्रा के कारण
  • 7

    अनिंद्रा के पीछे टेस्टोस्टेरॉन जिम्मेदार

    मॉनटेयल विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा किए एक शोध में पाया गया कि टेस्टोस्टेरॉन की मात्रा 30 वर्ष की आयु होने के बाद प्रतिवर्ष एक प्रतिशत की दर से घटती है। शोध के मुताबिक 50 साल की आयु के बाद यह दर और भी तेजी से घटती है, जो कि अनिंद्रा को बढ़ावा देती है।
    Image courtesy: © Getty Images

    अनिंद्रा के पीछे टेस्टोस्टेरॉन जिम्मेदार
  • 8

    कितनी नींद काफी

    चिकित्सकों के अनुसार 18 से 40 वर्ष तक की आयु में आठ घंटे की नींद और 40 से 50 वर्ष तक के स्वस्थ मनुष्य के लिए 6 घंटे की नींद आवश्यक होती है। 50 वर्ष से अधिक उम्र होने पर नींद कम आने लगती है और आदमी किश्तों में अपनी नींद पूरी करने लगता है।
    Image courtesy: © Getty Images

     कितनी नींद काफी
  • 9

    मधुमेह और हदयरोगों का खतरा

    कई अध्ययनों से पाता चाला है कि अनिद्रा और नींद संबंधी अन्य विकारों के कारण मधुमेह और हदयरोगों का जोखिम भी बढ़ सकता है। इस समस्या का पता न लगने और निदान न होने पर हाइपरटेंश व रक्तचाप बढ़ने जैसी समस्याएं भी हो सकती है।
    Image courtesy: © Getty Images

    मधुमेह और हदयरोगों का खतरा
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर