आपकी ऊर्जा को व्यर्थ में नष्ट करती हैं ये चीजें

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Aug 08, 2014

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सकारात्‍मक ऊर्जा के दम पर हम हर काम कर सकते हैं। लेकिन मुश्किल तब होती है, जब आप अपनी सकारात्मक ऊर्जा को व्यर्थ के कामों में नष्ट कर, खुद को ऊर्जाहीन कर देते हैं।
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    ऊर्जा को व्यर्थ में नष्ट न करें

    'मन के हारे हार है - मन के जीते जीत'! इस बात पूरी तरह सच है। हम सभी को दैनिक जीवन के काम करने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। लेकिन कई बार हम जाने-अंजाने अपने भीतर की सकारात्मक ऊर्जा को व्यर्थ के कामों में नष्ट कर देते हैं और नकारात्मक ऊर्जा से भर जाते हैं। जिस वजह से जीवन नीरस और असफलता से भरा बन जाता है। तो चलिये जानें कि वे कौंन सी आदतें और चीजें हैं जिनसे हमारे भीतर की सकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है। Image Courtesy- Getty Images

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    पूरी नींद न लेना

    आपको ये बात सुनने में भले ही मामूली लगे, लेकिन नींद की कमी हमारे भीतर की ऊर्जा को नष्ट कर हमें शरीरिक और मानसिक दोनों प्रकार से कमजोर बनाती है। नियमित तौर पर पर्याप्त नींद लेकर हम अपने भीतर ऊर्जा को फिर भर पाते हैं और स्वास्थ्य और जीवन शक्ति को बनाए रखते हैं।
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    भावनाओं को व्यक्त न करना

    जब आप किसी बात से परेशान होते हैं और आपके पास इसे बताने के लिए या अपना दुख प्रकट करने का कोई जरिया नहीं होता, तो आप खुद को हारा हुआ महसूस करते हैं। आप किसी से अपने दिल की बात नहीं कह सकते, न ही आपके पास लिखने का कोई जरिया नहीं होता। इन हालात में वक्‍त बीतने के साथ-साथ आपका खुद से लगाव कम होने लगता है। आप खुद को हारा हुआ महसूस करते हैं। और ऐसे में आप खुद को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।
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  • 4

    अधूरी योजनाएं

    किसी नये काम को करने से पहले पुराने काम को जरूर खत्‍म लें। नहीं तो आपका मन नये काम में नहीं लगेगा और आपका पुराना काम भी पूरा नहीं होगा। इसके साथ ही आप जाने-अनजाने अपने भीतर नकारात्‍मक ऊर्जा को बढ़ावा देने लग जाएंगे। काम न हो पाने का तनाव आपके भीतर की सकारात्‍मक ऊर्जा को नष्‍ट कर देगा।
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  • 5

    व्यर्थ की पारस्परिक सीमाएं

    अपनी जरूरतों को पूरा करने के लालच में या खुद को दूसरों से ऊंचा दिखाने की होड़ में हम खुद को व्यर्थ की पारस्परिक सीमाओं और नियमों में बांध देते हैं। इससे हमारे भीतर की असाधारण सकारात्‍मक ऊर्जा को नष्ट होने लगती है।
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    मदद न लेना

    इस संसार में कोई भी चीज़ पूर्ण नहीं है। और किसी की मदद लेने से कोई व्‍यक्ति छोटा नहीं हो जाता। लेकिन, जब हम मदद लेने को अपने आत्‍म-सम्‍मान से जोड़ने लगते हैं, तो हम अनायास ही अपनी ऊर्जा व्यर्थ करते हैं। मदद स्वीकारने से तनाव कम होता है और दोस्ती बनाती है। हां, लेकिन मदद तभी मांगनी चाहिये, जब आपके सभी प्रयास पूरे हो गए हों।
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    कैफीन, अल्कोहल और तंबाकू

    इन व्यर्थ के हानिकारक पदार्थों के नुकसान के बारे में जानते हुए भी हम इनका सेवन करते हैं। इससे हम न केवल अपने शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि अपनी ऊर्जा को भी समाप्‍त करने का काम करते हैं।
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    तनाव

    तनाव को सुलझा लेना बेहतर है। वक्‍त के साथ-साथ बढ़ता तनाव आगे चलकर मुसीबत का कारण बन सकता है। तो, तनाव दूर करने के सभी जरूरी प्रयास करें। जो भी चीज या काम आपका तनाव दूर करती है, उसे करें। तनाव दूर करने के लिए योग, ध्‍यान, संगीत या व्‍यायाम आपको कोई भी काम मदद करता हो, आपको उसे करना चाहिये। चिंता को यूं ही चिता समान नहीं कहा जाता। तनाव पहले मोटा बनाता है और कई गंभीर रोग देता है।  
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    नकारात्मकता

    नकारात्मकता का हर माध्यम, फिर चाहे वो नकारात्मकता लोग हों, नकारात्मकता माहौल हो या फिर नकारात्मकता सोच या आदतें। ये आपके भीतर की सकारात्मक ऊर्जो के सबसे बड़े शत्रु होते हैं। इनसे मुक्ति पाएं और अपनी ऊर्जा व जीवन दोनों बचाएं।
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    खराब खानपान

    नाश्ता छोड़ना, जंक फूड खाना, समय पर भोजन न करना, पौष्टिक भोजन न करना एक दुष्चक्र से हैं। आप जितना अपने भोजन में सुधार करते हैं, आपकी उतनी कम ऊर्जा खर्च होती है और अतिरिक्त ऊर्जा मिलती है। जैसा खाओगे अन्न वैसा रहेगा तन और मन।
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    व्यायाम की कमी

    हालांकि व्यायाम करने के लिए ऊर्जा व्यय करनी पड़ती है, लेकिन व्यायाम करन से हमारे भीतर नई ऊर्जा पैदा होती है। हम मानसिक और शरीरिक रूप से स्वस्थ बनते हैं। इसलिए थोड़ी ऊर्जा खर्च करें और बदले में बहुत सारी सकारात्‍मक ऊर्जा पायें।
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Comments
  • taiyyab Khan14 Aug 2014
    I always see it... That's very knowledgeble...
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