पर्याप्त नींद न लेने से हो सकती हैं ये परेशानियां

By:Nachiketa Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Sep 24, 2014

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पर्याप्‍त नींद न लेने के कारण कई प्रकार की समस्‍या हो सकती है, तनाव, थकान, याद्दाश्‍त पर भी असर पड़ता है, इसलिए नियमित रूप से 7-9 घंटे नींद लेना बहुत जरूरी है।
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    भरपूर नींद है जरूरी

    भरपूर नींद न आना एक समस्‍या है, और इसके कारण कई परेशानियां हो सकती हैं। अगर लगातार 30 दिन या उससे अधिक कोई व्‍यक्ति अनिद्रा का शिकार है तो उसे 'इन्‍सोमनिया' यानी चिरकालीन अनिद्रा की समस्‍या हो सकती है। पर्याप्‍त नींद न लेना आपके शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य के साथ-साथ मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर भी असर डालता है। अगर आपको भी पर्याप्‍त नींद नहीं आती है तो इसके कारण कुछ परेशानियां हो सकती हैं।

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    कितना नींद जरूरी है

    कई शोधों में भी यह बात साबित हो चुकी है कि रोज कम से कम 7-9 घंटे की नींद लेना चाहिए। पर्याप्‍त नींद न लेने से थकान, सिरदर्द, तनाव जैसी शिकायतें  होती हैं। इसलिए रोज भरपूर और आरामदायक नींद जरूरी है। भरपूर नींद लेने से अगले दिन आप ऊर्जावान रहते हैं और आपका दिमाग भी सक्रिय रहता है।

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    थकान होना

    अगर आपकी नींद अधूरी है तो सुबह आप थकान के साथ उठते हैं। यह एक चिकित्सकीय प्रमाणित तथ्य है कि रात में अच्छी नींद ना आने के कारण लोग सुबह की ताजगी नहीं महसूस कर पाते। पर्याप्त नींद के अभाव में इसका पूरा नुकसान शरीर की मेटाबॉलिज्‍म प्रक्रिया को भुगतना पड़ता है। और जागने के बाद आपको खुमारी या सर भारी होने जैसे अजीब तरह के अनुभवों का एहसास होता है।

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    ऊर्जा का अभाव

    भरपूर नींद लेने के बाद आप पूरे दिन ऊर्जा का अनुभव करते हैं, लेकिन नींद न पूरी होने के कारण आपको दिनभर आलस आता है। दिन में सुस्त रहना भी अनिद्रा के कारण होने वाली परेशानी का लक्षण है। अधूरी नींद का असर पूरी तरह से आपके काम पर पड़ता है।

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    मूड में बदलाव

    नींद की कमी का असर पूरी तरह से दिमाग पर पड़ता है। चिड़चिड़ेपन और मिजाज में बदलाव भी अधूरी नींद के कारण आता है। ऐसे लोगों को बहुत जल्दी गुस्सा आ जाता है तथा वे चिंता या अवसाद का शिकार हो सकते हैं। वे असामान्य व्यवहार प्रकट कर सकते हैं।

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    दिमाग पर असर

    पर्याप्‍त नींद न लेने के कारण दिमाग पर भी असर पड़ता है। ऐसे लोग किसी भी चीज पर पूरी तरह से ध्‍यान नहीं लगा पाते हैं। इसके कारण याद्दाश्‍त कम होने लगती है, और आदमी बातों को भूलने भी लगता है।

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    दिल पर असर

    कम नींद लेने वालों के दिल पर भी असर होता है। पिनसलवेनिया के शोधकर्ताओं के अनुसार, पर्याप्‍त नींद नहीं लेने वालों के दिल के धड़कने की प्रक्रिया सोते समय बाधित होती है। ऐसे लोग जब नींद लेते हैं तब उनके दिल की धड़कन आम तौर पर तेज और नियंत्रित होती है और इससे हृदय संबंधित विकार होने की सम्भावना भी बढ़ जाती है।

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    दर्द होना

    पर्याप्‍त नीं न लेने के कारण दर्द की शिकायत भी होती है। अधूरी नींद लेने वालों को बदन दर्द, सिरदर्द, थकान आदि की समस्‍या होने लगती है। इंसोमनिया से ग्रस्‍त लोगों के मांसपेशियों में भी दर्द की समस्‍या शुरू होने लगती है।

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