ये किचन टिप्स रखेंगे आपको फिट

By:Shabnam Khan , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jan 06, 2015

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फिट रहना बहुत मुश्किल काम नहीं होता। अगर आप फिट रहना चाहते हैं तो आप अपने किचेन का रुख कर सकते हैं। हमारे किचेम में ऐसी कई चीजें मौजूद होती हैं जो हमें अच्छी सेहत दे सकती हैं। ताजी सब्जियां और फल, गेहूं का चोकर, शहद, हल्दी, अदरक आदि।
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    किचेन में छिपा सेहत का खजाना

    फिट रहने के लिए हम और आप क्या-क्या नहीं करते। जिम जाकर एक्सरसाइज करते हैं, तरह-तरह के डायट प्लान को फॉलो करते हैं, अलग-अलग थैरेपी लेते हैं, योग और मेडिटेशन करते हैं और कुछ शारीरिक समस्या हो जाए तो डॉक्टर के चक्कर भी लगाते हैं। लेकिन फिट रहने के आसान तरीके भी हैं, हम चाहें तो उनको अपना सकते हैं। हमारा किचेन हमारे फिटनेस की चाबी साबित हो सकता है। किचन में ऐसी कई चीजें मौजूद होती है जो हमारा स्वास्थ्य अच्छा बनाए रखने में हमारी मदद करती हैं। आइये जानते हैं कुछ ऐसे ही किचन में मौजूद चीज़ों के बारे में जो आपको फिट रखती हैं।

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    मौसमी सब्जियां खाएं

    हर किसी की किचन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सब्जियां होती हैं। अलग-अलग रंग की ये सब्जियां आपकी सेहत के लिए बहुत अच्छी होती हैं। सब्जियों से शरीर को विटामिन और खनिज तत्व प्राप्त होते हैं, जो कि शरीर को पोषण देते हैं व बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। इसके साथ ही सब्जियां खाने से शरीर को फाइबर मिलता है जिससे पाचन तंत्र तंदुरुस्त रहता है। मौसम की सब्जियां खाना सबसे फायदेमंद माना जाता है। सब्जियों को बहुत ज्यादा पका कर, या उसमें ज्यादा मिर्च-मसाले का उपयोग करने की जगह जितना हो सके उन्हें कच्चा खाएं अन्यथा आधी उबली/ उबली तथा कम मिर्च- मसाले, खटाई की सब्जियां खाएं।

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    गेहूं का चोकर

    बहुत से लोगों को चोकर के बारे में जानकारी नहीं होती, जबकि वो उन्हीं के किचन में मौजूद होता है। हमारे अधिकांश भोजन या नाश्ते में गेहूं के आटे का प्रयोग होता है। प्रमुख आहार होने के बावजूद अधिकतर लोग इस अनाज में मौजूद फाइबर (रेशा) से अनजान हैं। गेहूं के दाने का बाहरी आवरण गेहूं का चोकर है, जिसे सामान्य बोलचाल में गेहूं का छिलका कहा जाता है। गेहूं की पिसाई के समय इसका बाहरी आवरण हट जाता है और अंदरूनी श्वेतसार (स्टार्च) पिस कर आटा बन जाता है। चोकर के कारण गेहूं का आटा भूरा दिखाई देता है। गेहूं के चोकर में अघुलनशील फाइबर होता है, जिसे सैलूलोज कहते हैं। इसमें कैल्शियम, सिलीनियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस जैसे खनिजों के साथ-साथ विटमिन ई और बी कॉम्प्लेक्स पाए जाते हैं।

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    अंकुरित अनाज

    हमारे किचन में कितने अनाज और दालें मौजूद होते हैं। हालांकि अनाज और दालें अपने आप में बहुत पौष्टिक होते हैं लेकिन अगर इन्हें अंकुरित करके नियमित रूप से खाया जाए तो तंदुरुस्त रहा जा सकता है। अनाज में गेहूँ, ज्वार, बाजरा, साबुत दालों में मूँग, मोठ, चवला, काला चना, काबुली चना, सोयाबीन आदि को आसानी से अंकुरित कर इनसे विभिन्न स्वादिष्ट एवं पौष्टिक व्यंजन बनाए जा सकते हैं। अंकुरण से उनमें मौजूद अनेक पोषक तत्वों की मात्रा दोगुनी से भी ज्यादा हो जाती है, मसलन सूखे बीजों में विटामिन 'सी' की मात्रा लगभग नहीं के बराबर होती है। इन बीजों के अंकुरित होने पर यही मात्रा लगभग दस गुना हो जाती है।

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    ताजे फल

    हमारे किचन, फ्रिज या फिर खाने की टेबल पर हम जिन रंग-बिरंगे फलों को सजाए रखते हैं, वो हमारी सेहत के लिए खजाने से कम नहीं होते। हमें फल का प्रयोग दैनिक आहार में करना चाहिए। इनसे हमें कई प्रकार की बीमारियों से राहत मिलेगी। अलग-अलग फल से हमें अलग-अलग तरह से फायदा हो सकता है। पपीता- फल पपीता सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। जहां इससे पेट संबंधी परेशानियां दूर होती हैं, वहीं स्किन भी काफी अच्छी हो जाती है। केला- खाना खाने के बाद केला खाने से भोजन आसानी से पच जाता है। कब्ज के मरीजों के लिए भी यह अच्छा रहता है। रोज सुबह एक केला और एक गिलास दूध पीने से वजन कंट्रोल में रहता है और बार-बार भूख भी नहीं लगती। चीकू- चीकू खाने से शरीर में विशेष प्रकार की ताजगी और फूर्ति आती है। इसमें शर्करा की मात्रा अधिक होती है। यह खून में घुलकर ताजगी देती है। लीची- इसमें विटामिन सी, पोटैशियम और नैसर्गिक शक्कर की भरमार होती है। साथ ही पानी की मात्रा भी काफी होती है। गरमी में खाने से यह शरीर में पानी के अनुपात को संतुलित रखते हुए ठंडक भी पहुँचाता है।

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    चमत्कारी हल्दी

    किचन हो और उसमें हल्दी न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। हल्दी सेहत का खजाना है। हल्दी में करक्यूमिन नाम का एक प्राकृतिक तत्व होता है, जो सूजन कम करने में मदद करता है। भारत में हजारों साल पहले से हल्दी का इस्तेमाल एंटीसेप्टिक के रूप में किया जाता रहा है। हल्दी एंटीऑक्सिडेंट के रूप में भी काम करती है और प्रदूषण के कारण शरीर पर होने वाले असर को कम करती है। अर्थराइटिस और एक्ने जैसी त्वचा की समस्या दूर करने में भी यह उपयोगी साबित होती है।ल्जाइमर की रोकथाम में भी हल्दी को फायदेमंद पाया गया है। सेहतमंद जिंदगी जीने के लिए अपने खानपान में हल्दी पाउडर के इस्तेमाल के साथ-साथ फ्रेश हल्दी का इस्तेमाल भी बढ़ाएं।

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    पेट ठीक करती है शहद

    किचन में शहद तो होती ही है। सुबह सुबह उठते ही हल्के गर्म पानी में नींबू शहद मिला कर पीना, पाचन शक्ति बढ़ाने में मदद करता है। यह खाना नहीं पचने से होने वाली दूसरी परेशानियों को भी खत्म करने में मदद करता है। नींबू और शहद का मेल कब्ज को खत्म करने के लिए सबसे अच्छा घरेलु उपचार है। पेट में जाकर यह कई बीमारियों को खत्म कर पानी की मात्रा की पूर्ति करता है। इसके अलावा आप तरोताजा भी महसूस करेंगे।

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    मूड अच्छा करे दालचीनी

    अगर आपके किचन में खड़े गर्म मसाले हैं तो उनमें मौजूद दालचीनी तो आपने देखी ही होगी। लेकिन क्या आप दालचीनी के फायदे जानते हैं? रिसर्च के मुताबिक खाने में सुगन्‍ध पैदा करने वाली यह छाल मधुमेह रोगियों के लिये बहुत लाभकारी है तो, यदि आपके अंदर बढ़े हुए इंसुलिन का संकेत दिख रहा है तो दालचीनी उसे कम कर सकती है। दालचीनी गर्म होती है इसलिये यह शरीर में लगी ठंडी को ठीक कर सकती है, इसके अलावा डायरिया, खराब खून का दौरा, पेट की खराबी और मासिक के दौरान खराब मूड को यह ठीक करती है।

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    अदरक एक फायदे अनेक

    पेट खराब होने पर कभी आपने अदरक खाया है तो आप इसके गुणों से अच्छी तरह से परिचित होंगे। अदरक का इस्तेमाल चक्कर आने, पेट खराब, अपच और डायरिया जैसी परेशानियों के इलाज के लिए किया जाता रहा है। 2009 में किए गए एक अध्ययन के मुताबिक उल्टी रोकने की दवा के साथ-साथ अगर अदरक का सेवन किया जाए तो कीमोथेरेपी के कारण आने वाले चक्कर को मरीजों में 40 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। वहीं, गर्भावस्था के दौरान अगर पहले तीन माह गर्भवती महिला को अदरक वाली कोई डिश सुबह-सुबह दी जाए तो मॉर्निंग सिकनेस की समस्या पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकती है। रक्त संचार को ठीक करने और कमर दर्द को दूर करने में भी अदरक को कारगर पाया गया है।

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