हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

इन आठ आयुर्वेदिक तरीकों से पाएं स्वस्थ जीवन

By:Shabnam Khan , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Nov 25, 2014
आयुर्वेद प्राचीन विधि है, जिसको अपनाकर कोई भी स्वस्थ जीवन जी सकता है। इसके लिए आपको मेडिटेशन, प्राणायाम, जीभ की सफाई, मसाज, स्वेदन और कुछ और आसान क्रियाओं का अभ्यास करना होगा और कुछ हद तक अपनी जीवन शैली में परिवर्तन लाना होगा।
  • 1

    स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेद

    हर इंसान स्वस्थ जीवन जीना चाहता है। लोग अपनी पूरी जिंदगी स्वस्थ जीवन जीने की कोशिश में गुजार देते हैं। सबके तरीके अलग होते हैं, कोई योग का सहारा लेता है तो कोई दवाओं का, कोई घरेलू उपचार का तो कोई उपचार के पश्चिमी तरीकों का। सभी का लक्ष्य होता है कि वो ऐसी स्थिति बना पाएं जिसमें वो शारीरिक व मानसिक दोनों प्रकार के रोगों से मुक्त रहें। इसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आयुर्वेद सालों से कुछ विशेष तरीकों को अपनाता आया है, जिसे अपनाकर आप एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। आइये जाने आयुर्वेद के ऐसे ही 10 तरीकें।

    Image Source - Getty Images

    स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेद
  • 2

    मेडिटेशन

    मेडिटेशन आयुर्वेद की एक ऐसी प्राचीन विधि है जिसे अब पूरी दुनिया में अपनाया जा रहा है। स्वस्थ जीवन और एकाग्रता बढ़ाने के लिए मेडिटेशन का इस्तेमाल किया जाता है। मेडिटेशन से आपका मन शांत रहता है और आप काफी रिलेक्स महसूस करते हैं। ये खुद पर कंट्रोल करने की शक्ति प्रदान करता है।  अगर आप हर वक्त तनाव में रहते हैं तो मेडिटेशन करें। इससे आपको बहुत फायदा मिलेगा। मेडिटेशन में श्वास जागृति के साथ साथ मूविंग मेडिटेशन या योग भी शामिल होता है। मेडिटेशन की वो तकनीक अपनाएं, जो आपको अच्छे से समझ आए। जितना आप मेडिटेशन का अभ्यास करेंगे, उतना वो आपके लिए आसान हो जाएगा।

    Image Source - Getty Images

    मेडिटेशन
  • 3

    प्राणायाम (श्वसन से प्रक्रिया संबंधित व्यायाम)

    प्राणायाम एक ऐसी क्रिया है हो खुली हवा में की जाती है। प्राणायाम का मतलब है अपने सांस को नियंत्रित करने के साथ ही रेग्युलेट करना जिससे शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। प्राणायाम एक बहुत आसान क्रिया है। प्राणायाम की कपालभाति क्रिया बहुत लोकप्रिय है। इस प्राणायाम में श्वांस को दोनो नासिका द्वारा पूरी शक्ति के साथ निकालते रहें। इस प्राणायाम से चेहरा कान्तिमय एवं तेजमय होता है तथा दमा, ब्लडप्रशैर, शूगर, मोटापा, कब्ज, गैस, डिप्रेशन, प्रोस्टेट एवं किडनी सम्बन्धित सभी रोगों में बहुत ही लाभ होता है।

    Image Source - Getty Images

    प्राणायाम (श्वसन से प्रक्रिया संबंधित व्यायाम)
  • 4

    जीभ की सफाई

    टंग स्क्रैपिंग या जीभ की सफाई आयुर्वेद के अनुसार आपके स्वस्थ रहने के लिए बहुत जरूरी है। अगर आपके टेस्ट बड्स यानि स्वाद कलिका बैक्टिरीया और प्लाक से ढके रहेंगे तो आपको खाने का स्वाद नहीं आएगा। इससे आप अधिक नमक या अधिक चीनी खा सकते हैं। टंग स्क्रैपर को आराम से जीभ पर चलाएं। एक दो मिनट तक हर दिशा में सफाई के बाद कुल्ला कर लें।

    Image Source - Getty Images

    जीभ की सफाई
  • 5

    मसाज

    मसाज करने के शरीर को बहुत फायदे हैं। इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, त्वचा को कसाव मिलता है, मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है। शरीर के साथ साथ ही मन पर भी मसाज का अच्छा प्रभाव पड़ता है। मसाज करने से तनाव दूर होता है, और हल्कापन महसूस होता है। आयुर्वेद मसाज के लिए तिल का तेय या फिर नारियल के तेल की सलाह देता है। मसाज करने के लिए तेल को हल्का गर्म कर लें, फिर घड़ी की सुईयों की दिशा में हल्के हाथ से मसाज कीजिए।

    Image Source - Getty Images

    मसाज
  • 6

    पसीना बहाना (स्वेदन)

    आपकी त्वचा डिटॉक्सीफिकेशन का सबसे बड़ा अंग है। जब त्वचा ताप के संपर्क में आती है तो उसमें से शरीर की अशुद्धियां पसीने के रूप में निकल जाती हैं। पसीना बहने से सर्कुलेशन भी बढ़ता है, और आपके शरीर में जरूरत जितना पानी ही बचता है। स्वेदन एक आयुर्वेदिक स्पा ट्रीटमेंट है जिसमें पूरे शरीर की तेल मसाज होती है फिर स्टीम दिया जाता है। इससे शरीर की सारी अशुद्धियां रोमछिद्रों के माध्यम से बाहर निकल जाती है। इसके अलावा, आप जिम में जाकर व्यायाम कर सकते हैं, दौड़ सकते हैं।

    Image Source - Getty Images

    पसीना बहाना (स्वेदन)
  • 7

    दोपहर को खाएं भारी खाना

    आयुर्वेद का मानना है कि जब सूर्य अपने उच्चतम बिंदु पर होता है, यानि दोपहर 12 बजे से लेकर 1 बजे के बीच, वो समय हमारी पाचन क्षमता अपने उत्कर्ष पर होती है। हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि इस समय आप जरूरत से ज्यादा खा लें। इसका मतलब ये है कि आप नाश्ते और रात के खाने में हल्का खाना खाएं, और दिन में उनकी तुलना में थोड़ा भारी खाना खा सकते हैं।

    Image Source - Getty Images

    दोपहर को खाएं भारी खाना
  • 8

    गर्म पानी और अदरक की चाय

    ठंडा पानी आपकी पाचन क्रियाओं में बाधा डाल सकता है। इसकी बजाय गुनगुना या हल्का गर्म पानी पियें। साथ में, अदरक वाली चाय। आयुर्वेद के अनुसार, अदरक की चाय पाचन क्षमता को बढ़ाती है। शुरूआत में सुबह एक कप अदरक की चाय से शुरूआत करे। अगर आपकी सेहत पर इसका अच्छा असर पड़ने लगे तो धीरे धीरे दिन में दो से तीन कप तक सेवन बढ़ा लें।

    Image Source - Getty Images

    गर्म पानी और अदरक की चाय
  • 9

    अधिक भावुक होने पर न खाएं

    अगर आप पर कोई गहरी भावना हावी होती है तो ऐसा बोता है कि आप सारा ध्यान खाने पर नहीं लगा पाते। इससे आपको पाचन में दिक्कत हो सकती है, आप गलत खाना चुन सकते हैं या फिर खाना खाने के बाद आपको संतुष्टि नहीं मिलेगी। इसलिए इंतज़ार करें, जब आपकी भावनाएं नियंत्रण में आ जाएं, तब खाना खाएं।

    Image Source - Getty Images

    अधिक भावुक होने पर न खाएं
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.