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इन सात हस्तियों ने कभी नहीं मानी हार

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jan 07, 2015
सफल वहीं हैं जो असफलता की स्थिति में भी निराश न होकर विषमताओं को स्वीकार करके आगे बढ़ने का प्रयास करता है क्योंकि इसी प्रयास में निहित है सफलता का सूत्र। आइए ऐसी ही कुछ प्रसिद्ध हस्तियों के बारे में जानते हैं जो असफलताओं के आगे झुकें नहीं।
  • 1

    कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

    असफलता जिंदगी में स्‍पीड को रोकने का काम करती है। जिस तरह गाड़ी को हमेशा एक समान गति में चलाना असंभव है, उसी तरह जीवन भी एक समान गति से नहीं चल सकता। उतार-चढ़ाव तो जीवन के अनिवार्य अंग की तरह होते हैं, जिनका सामना न चाहते हुए भी प्रत्येक व्यक्ति को करना ही पड़ता है। कुछ व्यक्ति असफलता से हिम्मत हार जाते हैं, तो कुछ असफल होकर सफलता का ऐसा नया इतिहास रचते हैं कि उनका नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित हो जाता है। असफलता केवल कार्य में उत्पन्न होने वाली बाधा है, जिसे धैर्य, बुद्धि और सतर्कता से दूर किया जा सकता है। सफलता की राह में आने वाली मुश्किलों का सामना करें, क्योंकि हर सफल व्यक्ति के पीछे उसकी असफलताओं की कहानी होती है।
    गिरते हैं शहसवार ही मैदान-ए-जंग में।
    वो तिफ़्ल क्या गिरेगा जो घुटनों के बल चले।

    Image Courtesy : Getty Images

    कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती
  • 2

    असफलता का सामना

    सफलता के लिए जितना जरूरी लक्ष्य और योजना है, उतना ही जरूरी असफलता का सामना करने की ताकत भी। सफल वहीं हैं जो असफलता की स्थिति में भी निराश न होकर विषमताओं को स्वीकार करके आगे बढ़ने का प्रयास करता है क्योंकि इसी प्रयास में निहित है सफलता का सूत्र। सफलता के जितने भी उदाहरण सुनहरे अक्षरों में लिखे गए हैं, उन सभी ने जिन्दगी में किसी न किस रूप में असफलता का स्वाद चखा है। इस सन्दर्भ में थॉमस अल्वा एडीसन से बेहतर कोई उदाहरण नहीं हो सकता, जिन्हें एक लाइट बल्ब बनाने के लिए पहले 1000 बार असफलता का मुंह देखना पड़ा।
    Image Courtesy : Getty Images

    असफलता का सामना
  • 3

    महात्मा गांधी

    महात्‍मा गांधी को राष्‍ट्र पिता या बापू के नाम से जाना जाता है। इस अहिंसावादी भारतीय ने दुनिया को साबित कर दिया कि अहिंसा और शांति के माध्यम से कुछ भी प्राप्त किया जा सकता है। भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जिंदगी में एक के बाद एक कई असफलताएं आती रहीं। वकील के तौर पर जिंदगी की शुरुआत करने वाले बापू अच्छे वकील नहीं बन सके। गवाहों से कभी क्रॉस क्वेश्चन नहीं कर पाते थे। दक्षिण अफ्रीका में भी उनका राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। शुरू में उनके स्वतंत्रता आंदोलन कठिनाइयों से भरा थे। उन्हें कई वर्षों के लिए कैद में भी रहना पड़ा लेकिन वह विफलताओं से जरा भी विचलित नहीं हुए और आगे बढ़े। हमें इस महान आदमी के जीवन से सीख लेनी चाहिए।
    Image Courtesy : s3.india.com

    महात्मा गांधी
  • 4

    धीरूभाई अंबानी

    धीरूभाई अंबानी की सफलता की तुलना से अधिक प्रेरणादायक कहानी कोई और हो ही नहीं सकती। धीरूभाई अंबानी और रिलायंस की सफलता को किसी परिचय की जरूरत नहीं है। एक पेट्रोल पंप पर काम करने से लेकर अरबों का साम्राज्य खड़ा करने के दौरान उन्होंने मुश्किलों और रुकावट के साथ विवाद उनकी जिंदगी का हिस्सा रहे। इस महान व्यक्ति ने करोड़ों लोगों के लिए एक आदर्श स्थापित किया। धीरुभाई ने साबित कर दिया कि साधारण से साधारण व्यक्ति भी बड़े से बड़ा सपना देख सकता है और उन्हें साकार कर सकता है। यदि आप दृढ संकल्प और पूर्णता के साथ काम करेंगे तो असफलता के बाद सफलता जरूर मिलेगी।
    Image Courtesy : patrika.com

    धीरूभाई अंबानी
  • 5

    मदर टेरेसा

    असाधारण व्यक्तित्व की धनी, ममता और मानवता की मूर्ति का नाम ही मदर टेरेसा है। अनुचित, तर्कहीन और आत्म केन्द्रित यह तीन विशेषताएं मदर टेरेसा का सबसे अच्‍छा वर्णन करते हैं। उन्‍होंने अपने जीवन को दूसरों की मदद, प्‍यार के संदेश को फैलने, मानवता और दुनिया में शांति लाने पर समर्पित कर दिया। साथ ही उन्‍होंने महिलाओं अपना जीवन महिलाओं के सशक्तिकरण के समर्थन में बिताया। हालांकि शुरूआत में उन्‍हें कई विफलताओं को सामना करना पड़ा लेकिन मदर टेरेसा ने ‘निर्मल हृदय’ और ‘निर्मला शिशु भवन’ के नाम से आश्रम खोले, जिनमें वे असाध्य बीमारी से पीड़ित रोगियों व गरीबों की स्वयं सेवा करती थीं। दुखी मानवता की सेवा ही उनके जीवन का व्रत था।
    Image Courtesy : samaylive.com

    मदर टेरेसा
  • 6

    नेल्सन मंडेला

    मंडेला रंगभेद विरोधी क्रांतिकारी दक्षिण अफ्रीकी थे। दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद की नीति का खात्मा करने वाले नेल्सन मंडेला का अपने देश में वही स्थान है जैसा कि भारत में महात्मा गांधी का है। नेल्‍सन मंडेला दुनिया को बदलना चाहते थे और उन्‍होंने ऐसा किया। उन्‍होंने दुनिया को नफरत से नहीं बल्कि प्‍यार से बदला। नेल्‍सन मंडेला को मदीबा नाम से भी जाना जाता है जो सम्‍मान और स्‍नेह का संकेत है। रंगभेद के खिलाफ अपने संघर्ष से उन्‍होंने दुनिया को प्रेरित किया। वह कई मौकों पर विफल रहें और उन्‍हें कई बाधाओं का सामना करना पड़ा, एक कम्युनिस्ट आतंकवादी के रूप में उनकी निंदा की और जेल में 27 साल बिताए। लेकिन फिर भी उन्‍होंने हार नहीं मानी।
    Image Courtesy : media2.intoday.in

    नेल्सन मंडेला
  • 7

    नरेंद्र मोदी

    गुजरात में बेहद साधारण परिवार में जन्‍मे नरेंद्र मोदी भारी मतों से भारत के प्रधानमंत्री बने। एक चाय बेचने वाले कभी देश का पीएम भी बनेगा ये किसी ने सोचा नहीं था। मोदी को अपने गृह राज्य गुजरात के लिए बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण परियोजनाओं का श्रेय दिया जाता है, लेकिन 2002 में गुजरात में हुए दंगों में सांप्रदायिक हिंसा का आरोप लगाकर उन्‍हें बाद में क्लीन चिट दे दिया। नरेंद्र मोदी इससे प्रभावित नहीं हुए और उन्‍होंने हर कदम को प्राप्त किया। पिछले एक दशक में शायद मोदी देश के सबसे अधिक विवादित नेता रहे और जिन्होंने विपक्षियों के साथ कई बार अपनी पार्टी के लोगों की भी निर्मम आलोचना सही। आलोचनाओं और प्रलोभनों को परे रहकर कैसे जीत दर्ज की जा सकती है, यह नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को सिखाया है। लेकिन अब उन्‍हें दुनिया में सबसे शक्तिशाली नेताओं के बीच में गिना जाता है।
    Image Courtesy : static.financialexpress.com

    नरेंद्र मोदी
  • 8

    अमिताभ बच्चन

    भारत में अमिताभ बच्चन को कौन नहीं जानता? वह यकीनन भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली अभिनेता है। उन्‍हें पहली बार 1970 के दशक में प्रसिद्धि प्राप्त की, लेकिन उनके प्रोडक्शन हाउस, अमिताभ बच्चन कारपोरेशन लिमिटेड (एबीसीएल) के साथ असफलताओं का सामना करना पड़ा और वह दिवालियापन के कगार पर भी था। निराशा के उस दौर में भी बिग ने हार नहीं मानी और टीवी शो केबीसी से वापसी कर टीवी इंडस्ट्री में सफलता की मिसाल बन गए।
    Image Courtesy : scoopwhoop.com

    अमिताभ बच्चन
  • 9

    रे चार्ल्स

    रे चार्ल्स की एक खास तरह की प्रतिभा की प्रेरणादायक कहानी है। रे 1950 के दशक के दौरान आत्मा संगीत की शैली में एक अग्रणी थे। उन्होंने अपनी उनकी रचनाओं में लय, उदास, सुसमाचार और ब्लूज शैलियों से इनकार किया। सात वर्ष की शुरुआती उम्र में मोतियाबिंद के कारण आंखें गंवा चुके चार्ल्‍स ने इस घटना से हार नहीं मानी। उन्होंने कठिनाइयों का सामना कर अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, और सर्वश्रेष्ठ बन गए। चार्ल्स को उनके जॉर्जिया आन माई माइंड, आई कांट स्टॉप लविंग यू, जैसे गीतों के कारण बेहद लोकप्रियता मिली।
    Image Courtesy : theage.com.au

    रे चार्ल्स
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