टिटनेस के इंजेक्श्न के हो सकते हैं ये नुकसान

By:Devendra Tiwari , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jul 11, 2016

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टिटनेस का बैक्टीरिया शरीर में जितना भीतर जता है, इसके जीवित रहने की संभावना उतनी ही प्रबल होती है। हालांकि इससे बचाव के लिए लगाए जाने वाले टिटनेस इंजेक्शन के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं।
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    टिटनेस के इंजेक्श्न के नुकसान



    टिटनेस एक गंभीर रोग है, जो क्लोस्ट्रीडियम टेटनि (Clostridium tetani) नामक बैक्टीरिया के द्वारा संक्रमण हो जाने के कारण होता है, जोकि दुनिया भर में पाया जाता है। टिटनेस होने पर रोगी के शरीर की मासंपेशियां (लगभग पूरे शरीर की) जकड़ जाती हैं। इसके होने पर जबड़ा जाम हो जाता है और रोगी अपना मुंह खोल कर कुछ भी निगल पीने से  मोहताज हो जाता है। टिटनेस के लगभग हर 10 मामलों में से एक रोगी की मौत हो जाती है। टिटनेस  का इंफेक्शन तब होता है जब बैक्टीरिया त्वचा पर ले किसी कट या घाव आदि के माध्यम से त्वचा में भीतर गहराई तक प्रवेश कर जाते हैं और फिर वहां जाकर सक्रीय हो जाते हैं। क्लोस्ट्रीडियम टेटनिस बैक्टीरिया अवायवीय होता है, मतलब यह उन जगहों पर भी जीवित रह लेता है, जहां ऑक्सीजन की मात्रा बेहद कम होती है। मसलन ये बैक्टीरिया शरीर में जितना भीतर जता है, इसके जीवित रहने की संभावना उतनी ही प्रबल होती है। हालांकि इससे बचाव के लिए लगाए जाने वाले टिटनेस इंजेक्शन के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं।

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    कैसे होता है टिटनेस


    जब एक बार टिटनेस का बैक्टीरिया एक बार सक्रीय हो जाता है तो सूक्ष्मजीव एक प्रकार का विष जिसे टेटानोस्पास्मिन (tetanospasmin) कहा जाता है, का निर्माण शुरू कर देता है। यह विष घाव के आसपास की तंत्रिकाओं को प्रभावित करना शुरू कर देता है।  टिटनेस का विष रीड़ की हड्डी के सिरे की कोशिकाओं तथा न्यूरोमस्कुलर जंक्शनों तक भी फैल सकता है।

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    टिटनेस के प्रकार


    लोकल टिटनेस चोट वाली जगह तक ही सीमित रहता है, जबकि सिफलिस टिटनेस (cephalic tetanus)एक असमान्य प्रकार का टिटनेस होता है और सिर की चोट लगने पर होता है और चहरे की तंत्रिकाओं को प्रभावित करता है। सामान्यीकृत टिटनेस सबसे ज्यादा होने वाला टिटनेस होता है और शरीर के कई भागों को प्रभावित करता है। नवजातों को होने वाला टिटनेस एक संक्रमण का सामान्यीकृत प्रकार है और नवजात बच्चों में होता है।

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    कभी कभी होते हैं ये साइडइफेक्ट



    यही कारण है कि कोई चोट लगने या घाव होने पर तुरंत ही टिटनेस का इंजेक्शन लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इस इंजेक्शन के कुछ साइड इफेक्ट भी होते हैं। इसके कारण कभी कभी दिमाग का बुखार, जोड़ों में दर्द, मितली, चक्कर आना और मांशपेशियों का दर्द आदि भी हो सकते इसके अलावा इंजेक्शन की जगह लाल हो जाना, सूजन, दर्द या खुजलू आदि भी हो सकते हैं।

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    इंजेक्श्न के हो सकते हैं ये नुकसान



    इसके अलावा टिटनेस के कुछ दुर्लभ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। रोगी को कुछ भी निगलने आदि मे परेशानी हो सकती है, सुनने में समस्या हो सकती है, हाथ और पैर में झुनझुनाहट तथा मांसपेशियों में कमजो़ररी आदि भी हो सकते हैं। कुछ मामलों में इसके कारण लाल चकत्ते, खुजली, चेहरे - जीभ या गले पर सूजन जैसे गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया भी हो सकती है। कुछ रोगियों को चक्कर आना या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।

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