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दांतों और हृदय स्वास्थ्य का संबंध

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Oct 01, 2014
तनाव, स्मोकिंग, एल्‍कोहल के सेवन, एक्सरसाइज न करना आदि के अलावा आपके अस्वस्थ दांत और मसूड़े भी हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
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    दांतों और हृदय स्वास्थ्य का संबंध

    यह बात तो हम सभी जानते हैं कि तनाव, स्मोकिंग, एक्कोहॉल के सेवन, एक्सरसाइज न करना और अच्छी डाइट न लेना आदि  कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का कारण बनते हैं। लेकिन आपको जानकर थोड़ा आश्चर्य हो सकता है कि आपके अस्वस्थ दांत और मसूड़े भी हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकते हैं। तो चलिये जानें कि दांतो और हृदय स्वास्थ्य के बीच क्या संबंध है।  
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    दांतों और हृदय स्वास्थ्य का संबंध
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    जर्नल ऑफ पेरीडॉन्टोलजी की रिपोर्ट

    जर्नल ऑफ पेरीडॉन्टोलजी के संस्करण में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, दांतों के जिन मरीजों में पेरिओडॉन्टाइटिस के बैक्टीरिया की गतिविधि अधिक होती है, उनमें कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का प्रतिशत अधिक हो जाता है।
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    जर्नल ऑफ पेरीडॉन्टोलजी की रिपोर्ट
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    क्या है पेरिओडॉन्टाइटिस

    पेरिओडॉन्टाइटिस बैक्टीरिया को पहले पायरिया अल्वोलेरिस कहा जाता था। इस बीमारी में दांतों के आस-पास के टिश्यू संक्रमण केहो जाने के कारण गलने लगते हैं। और फिर धीरे-धीरे इसका असर हड्डियों पर होने लगता है, जिस कारण दांत गिर जाते हैं।
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    क्या है पेरिओडॉन्टाइटिस
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    शोध की आउट लाइन

    जर्नल ऑफ पेरीडॉन्टोलजी के एडिटर केनथ कॉर्नमैन के अनुसार, पहले भी कई बार दांतों की समस्याओं और दिल की बीमारियों के संबंध पर हुए। हालांकि ऐसा क्यों, किस प्रकार और किन परिस्थितियों में होता है, इसके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है। हालांकि ऐसा क्रॉनिक पेरिओडॉन्टाइटिस की स्थिति में होता है। क्योंकि, इस स्थिति में मुंह में बैक्टीरिया की गतिविधियां इतनी बढ़ जाती हैं कि इनसे दिल को नुकसान होने लगता है।
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     शोध की आउट लाइन
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    ग्यारह मामलों पर हुआ था गहन शोध

    जब शोध के दौरान 11 ऐसे मामलों का गंभीरता से अध्ययन किया गया, जिनमें पेरिओडॉन्टाइटिस और कॉर्डियोवैस्कुलर दोनों ही डिजीज मौजूद थीं, तो पता चला कि जिन केसेज में बैक्टीरिया की एक्टिविटीज अधिक थीं, उनमें कॉर्डियोवैस्कुलर जिजीज का प्रतिशत उतना ही अधिक मिला।
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    ग्यारह मामलों पर हुआ था गहन शोध
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    क्या हो सकता है कारण?

    यूं तो शरीर के किसी भी हिस्से में लंबा संक्रमण रहने से दिल को हानि पहुंच सकती है। लेकिन दांतों का दिल की बीमारियों से संबंध इसलिए भी है, क्योंकि दांतों का खाने से निरंतर संपर्क रहता है। जिस कारण यहां इन्फेक्शन की आशंका सबसे अधिक होती है।
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     क्या हो सकता है कारण?
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    हार्टअटैक का जोखिम

    एक शोध से यह भी पता चला कि यदि मसूडे में बैक्टीरिया के कारण जिंजिवाइटिस इन्फेक्शन हो जाए तो इससे बैक्टीरिया खून के माध्यम से दिल तक पहुंच सकता है। और दिल की नसों को नुकसान पहुंचा सकता है। जिसके चलते हार्टअटैक का जोखिम  बढ़ जाता है।
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    हार्टअटैक का जोखिम
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    ब्रिटिश मेडिकल जर्नल की रिपोर्ट

    ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, वे लोग जो नियमित रूप से दांतों की सफाई नहीं करते उन्हें स्वस्थ व साफ दांतों वोले लोगों की तुलना में हृदय रोग की आशंका 70 प्रतिशत ज्यादा होती है। इसलिए वैज्ञानिक लोगों को सुबह और रात को दांत जरूर साफ करने की सलाह देते हैं।
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    ब्रिटिश मेडिकल जर्नल की रिपोर्ट
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    क्या करें

    यदि पहले से हृदय की किसी प्रकार की समस्या हो तो साल में नियमित रूप से दो बार डेंटल चेकअप अवश्य करवाएं। अपने डेंटिस्ट को हार्ट की समस्या के बारे जरूर बताएं। यदि दांतों में किसी प्रकार का संक्रमण हो तो उसे दिल तक पहुंचने से रोकना आवश्यक होता है, जिसके लिए डेंटिस्ट मरीज को खास तरह की एंटीबायोक्टिस देते हैं।
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