बिनाइन प्रोस्टेट हाइपरप्लेसिया के लक्षणों को जानें

By:Pradeep Saxena, Onlymyhealth Editorial Team,Date:May 07, 2014

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बिनाइन प्रोस्टेट हाइपरप्लेसिया की समस्या से बचने के लिए इसके लक्षणों को जानें और जल्द से जल्द इसका इलाज करवाएं।
  • 1

    बीपीएच के लक्षण

    आम तौर पर लगभग 50 साल की उम्र के बाद पुरुषों में बिनाइन प्रोस्टेट हाइपरप्लेसिया ग्रंथि का बढ़ना एक आम स्वास्थ्य समस्या है। इसे प्रोस्टेट ग्रंथि(ग्लैंड) का बढ़ना भी कहते हैं। इसे बीपीएच भी कहते हैं। लेकिन इस समस्‍या के शिकार किसी भी उम्र के लोग हो सकते हैं। आइए जानें इस समस्या के क्या लक्षण हैं।


  • 2

    बार-बार बाथरुम जाना

    प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने पर प्रारंभ में रात्रि के समय फिर दिन में भी बार-बार पेशाब करने की जरूरत महसूस होती है। जिसके कारण रोगी बहुत परेशना और असहज महसूस करता है।

  • 3

    यूरीन में समस्या

    पेशाब जल्दी नहीं निकलता, यह कुछ देर से निकलता है। आधा मिनट या इससे ज्यादा का समय भी लग सकता है। रोगी के पेशाब की धार पतली हो जाती है। रोगी द्वारा पेशाब करते समय इसकी धार आगे की तरफ दूर तक नहीं जाती बल्कि नीचे की तरफ गिरती है। यह धार बीच-बीच में टूट जाती है और फिर शुरू होती है।

  • 4

    यूरीन पास करने में दर्द

    इस समस्या से ग्रस्त लोगों में पेशाब रुकने की समस्या भी हो सकती है और पेशाब करने में दर्द भी संभव है।

  • 5

    गुर्दे की समस्या

    जब रोगी को यूरीन से जुड़ी समस्या होती है तो उसके किडनी पर भी असर होता है। अगर पेशाब मूत्राशय के अंदर देर तक रुकी रहे तो किडनी की पेशाब बनाने की क्षमता कम होने लगती है। फलस्वरूप किडनी यूरिया को पूरी तरह शरीर के बाहर  नहीं निकाल पाते। इस कारण रक्त में यूरिया अधिक बढ़ने लगती है, जो शरीर के लिए नुकसानदेह है।

  • 6

    सोने में समस्या

    बार-बार बाथरुम जाने के कारण रोगी रात को ठीक से सो नहीं पाता है। उसे रात भर परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार तो रोगी पूरी रात इस समस्या से जूझता रहता है।

  • 7

    सर्दियों में कम पानी पीना

    सर्दियों में प्रोस्टेट ग्रंथि की समस्या अन्य मौसमों की तुलना में कुछ ज्यादा बढ़ जाती है। इसका कारण यह है कि सर्दियों में पानी पीने की इच्छा कम होती है। इस वजह से पेशाब की थैली में एकत्र पेशाब की मात्रा बढ़ जाती है। इसके परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति में पेशाब की नली में संक्रमण हो सकता है और पेशाब रुक भी सकती है।

  • 8

    प्रोस्टेट कैंसर के समान

    प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण अक्सर बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लेसिया (बीपीएच) के समान ही होते हैं। पुरुषों को यूरीन या वीर्य में रक्त आने, बार-बार विषेशकर रात में बार-बार यूरीन की समस्या होना।


  • 9

    दिल की बीमारी और बीपीएच में संबंध

    ऐसे भी कुछ प्रमाण मिले हैं कि दिल की बीमारी के लिए उत्तरदायी कुछ कारण भी बीपीएच के खतरे को बढ़ा सकते हैं। इनमें मोटापा, उच्च रक्तचाप, गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा का कम होना, डायबिटीज, पेरिफेरल आर्टरी डिजीज, अनियमित जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियां कम करना, धूम्रपान, असंतुलित खानपान आदि शामिल हैं।

  • 10

    सेक्‍स की इच्‍छा में कमी

    बीपीएच की समस्‍या से ग्रस्‍त लोगों की सेक्‍स की इच्‍छा में कमी हो जाती है। हालांकि इसके कारण सेक्‍स की इच्‍छा में कमी के पीछे कोई प्रमुख कारण की पहचान नहीं हुई है, लेकिन 2009 में ''यूरोलॉजी'' में छपे एक शोध के अनुसार इसके पीछे प्रोस्‍टेट के उपचार के दौरान इस्‍तेमाल की जाने वाली दवाओं का साइड-इफेक्‍ट हो सकता है।

  • 11

    इलाज

    प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़े होने की समस्या का समाधान दो तरीकों से सभव है। पहला, टी.यू.आर.पी. सर्जरी और दूसरा, प्रोस्टेटिक आर्टरी इंबोलाइजेशन सर्जरी द्वारा। इस सर्जरी के बाद सभी दवाओं को बंद कर सिर्फ कुछ खास दवाएं ही दी जाती हैं।

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