रक्त संचार को प्रभावित करने वाले कारण और इलाज

By:Aditi Singh , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jul 10, 2015

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अगर हमारा रक्‍त संचार सामान्‍य रहे तो दिल की बीमारियां न हों और न ही दूसरी बीमारियां, लेकिन कई कारक ऐसे भी हैं जिनसे ब्‍लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, आइए हम आपको उन कारकों के बारे में बताते हैं।
  • 1

    रक्तसंचार

    रक्त मानव शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। आपके पूरे शरीर में न्यूट्रिएंट्स, इलेक्ट्रोलाइट्स, हार्मोन्स, हीट और ऑक्सीजन पहुंचाने का काम रक्त ही करता है। शरीर के विभिन्न हिस्सों को स्वस्थ्य रखने और रोग-प्रतिरोधक क्षमता के लिए यही जिम्‍मेदार होता है। लेकिन आपको पता है ब्लड के सही सर्कुलेशन के लिए आपके ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट, ब्लड शुगर, ब्लड टाइप और कोलेस्ट्रॉल का नियंत्रण में होना अत्यधिक जरूरी है। इसके बारे में विस्‍तार से जानें।
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  • 2

    ब्लड प्रेशर (रक्तचाप)

    ब्लड प्रेशर का नियंत्रण में रहना काफी जरूरी है। सामान्य तौर पर ब्लड प्रेशर की आदर्श सीमा डायस्टोलिक प्रेशर 60/90 और सिस्टोलिक प्रेशर 90/110 है। अगर इससे ज्यादा या कम होता है तो यह चिंता का विषय है। ब्लड प्रेशर असामान्य होने पर रक्त के मुख्य प्रवाह और नसों को प्रभावित कर सकता है। हाइपरटेंशन जैसी समस्या हो सकती है। अपने ब्लड सर्कुलेशन को सही रखने और शरीर को हेल्दी रखने के लिए जरूरी है कि आप साल में कम से कम चार बार निश्चित रूप से ब्लड प्रेशर जांच करवाएं।

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  • 3

    हार्ट रेट (दिल की धड़कन)

    सामान्य और स्वस्थ इंसान के दिल की धड़कन 60 से 90 बीट प्रति मिनट (बीएमपी) होती है। लेकिन कई बार यह काफी अंसतुलित हो जाती है। दिल की धड़कन बिगड़ने पर दिल का दौरा पड़ सकता है। शरीर पर इसके प्रतिकूल प्रभाव पड़ते हैं। आप खुद भी अपने दिल की धड़कन की जांच कर सकते हैं। रात को सोते वक्त बिस्तर पर आसानी से अपने दिल की धड़कन की गिनती करें, अगर यह 60-90 के बीच में हो तब तो ठीक है, नहीं तो आप तुरंत डॉक्टर से मिलें।
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  • 4

    ब्लड शुगर

    आदर्श रूप में हमारा फास्टिंग ब्लड शुगर 100 एमजी/डीएल से कम होना चाहिए। इसके बढ़ने से डायबिटीज की आशंका काफी बढ़ जाती है। अगर आपका फास्टिंग ब्लड शुगर 100 से 110 एमजी/डीएल आता है, तब बहुत अधिक चिंता की बात नहीं है, लेकिन अगर यह रेंज 125 एमजी/डीएल तक पहुंच रहा है तो डायबिटीज होने की अत्यधिक आशंका है। 125 एमजी/डीएल के आसपास अगर आपका ब्लड शुगर आ रहा हो तो आप नियमित रूप से दो से तीन साल तक अपने डॉक्टर के संपर्क में रहें।

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  • 5

    कोलेस्ट्रॉल

    कई शोधों में यह साबित हो चुका है कि कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से दिल की बीमारियां काफी हद तक बढ़ जाती है। 43 एमजी/डीएल एचडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से दिल की बीमारियां 50 फीसदी तेजी से बढ़ने लगती है। सामान्य रूप से किसी भी स्वस्थ इंसान का एलडीएल कोलेस्ट्रॉल 100 एमजी/डीएल से कम होना चाहिए, जबकि एचडीएल कोलेस्ट्रॉल 40एमजी/डीएल से ज्यादा होना चाहिए।
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  • 6

    ब्लड सर्कुलेशन बढ़ने से बेहतर होती है इम्यूनिटी

    ब्लड यानी रक्त मानव शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। आपके पूरे शरीर में न्यूट्रिएंट्स, इलेक्ट्रोलाइट्स, हार्मोन्स, हीट और ऑक्सीजन पहुंचाने का काम रक्त ही करता है। आपके शरीर के विभिन्न हिस्सों को स्वस्थ्य रखने और इम्यूनिटी सिस्टम यानि रोग-प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करने का काम भी ब्लड ही करता है। लेकिन आपको पता है ब्लड के सही सर्कुलेशन के लिए आपके ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट, ब्लड शुगर, ब्लड टाइप और कोलेस्ट्रॉल का नियंत्रण में होना अत्यधिक जरूरी है। आइये जानते हैं वो कौन से 8 तरीके हैं जिनसे आपका ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है इम्यूनिटी सिस्टम बेहतर होता है।
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  • 7

    योग

    योग व प्राणायाम शरीर को स्वस्थ और रोगमुक्त रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसी जानकार से इन्हें सीखकर प्रतिदिन घर पर इनका अभ्यास किया जाना चाहिए। योग से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होने के साथ साथ इम्यूनिटी सिस्टम बेहतर होता है।
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  • 8

    मसाज करें

    मसाज करने से शरीर के अंगों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। ब्लड शरीर के सॉफ्ट टिशु में जाता है। मसाज के बाद पूरे शरीर में ताजगी और स्फूर्ति महसूस होने लगती है। थकान उतर जाती है और साथ ही शरीर का सारा तनाव दूर हो जाता है।

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