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40 की उम्र के बाद जरूर करें ये स्ट्रेंचिंग एक्सरसाइज

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:May 19, 2017
स्ट्रेचिंग करने से शरीर की नसों की जकड़न दूर होती है। भारी व्यायाम करने वाले लोगों को भी स्ट्रेचिंग ज़रूर करनी चाहिए। वे लोग जिनकी उम्र 40 वर्ष से अधिक हो चुकी है वे निम्न स्ट्रेचिंग जरूर करें।
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    40 की उम्र के बाद स्ट्रेंचिंग एक्सरसाइज

    आजकल दफ्तर में दिन भर बैठकर कंप्यूटर के सामने काम करने वाली दिनचर्या में स्ट्रेचिंग करना बेहद जरूरी और फायदेमंद होता है। स्ट्रेचिंग करने से शरीर की नसों की जकड़न दूर होती है। खासतौर पर दफ्तरों में घंटों कंप्यूटर के सामने बैठ कर काम करने वाले लोगों के लिए तो ये बेहद ही जरूरी होता है। इसके अलावा भारी व्यायाम करने वाले लोगों को भी स्ट्रेचिंग ज़रूर करनी चाहिए। वे लोग जिनकी उम्र 40 वर्ष से अधिक हो चुकी है वे निम्न स्ट्रेचिंग जरूर करें।

    40 की उम्र के बाद स्ट्रेंचिंग एक्सरसाइज
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    हिप-फ्लैक्सर स्ट्रेच करें

    हिप-फ्लैक्सर मसल्स, कूल्हे और उनके ऊपरी भाग में होती हैं। इन्हीं के बल पर हमारे पैर ऊपर से नीचे, आगे से पीछे, दाएं से बाएं और बाएं से दाएं की ओर गतिविधी कर पाते हैं। लेकिन दफ्तर में घंटों तक बैठे रह कर काम करने से इन मसल्स के सख्त और चोटिल होने का खतरा बना रहता है। स्टिफ इन समस्या से बचने के लिए हिप-फ्लैक्सर स्ट्रेचिंग करना सबसे बेहतर होता है। हिप-फ्लैक्सर स्ट्रेच करने के लिए पहले नीचे की ओर थोड़ा झुकें और अपना बायां पैर आगे की ओर लाएं, फिर हाथ कमर या जांघों पर रखें और बाएं पैर पर वजन दें। ऐसा करते समय ध्यान रखें कि आपके पैर की मसल्स पर असर पड़े। इस दौरान अपनी पीठ को सीधा रखें। अब सामान्य स्थिति में आ जाएं और यह प्रक्रिया दाएं पैर से भी दोहराएं।

    हिप-फ्लैक्सर स्ट्रेच करें
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    नेक स्ट्रेच करें

    नेक स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज गर्दन की मांसपेशियों को लचीला बनाती है। इससे गर्दन की अकड़न और मोच से बचाव व आराम मिलता है। साथ ही, हाथ और गर्दन लचीले बनते हैं। इसे करने के लिए सबसे पहले बिल्कुल सीधे खड़े हो जाएं और सांस भीतर भरें और बाहर छोड़ें। सांस को छोड़ते समय अपनी गर्दन को दाएं कंधे पर ओर इस तरह झुकाएं कि कान कंधे को पूरी तरह से छुएं। कंधे पर गर्दन को झुकाए हुई स्थिति में चार से पांच बार सांस लें और छोड़ें। ऐसा करते समय आप दूसरे गाल में पड़ने वाले स्ट्रेच को महसूस करेंगे। इसके बाद अपनी गर्दन और रीढ़ की हड्डी को सीधा कर लें और फिर धीरे से सिर को सही दिशा में लाएं और दूसरी ओर से भी इसी तरह स्ट्रेच करें।

    नेक स्ट्रेच करें
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    शोल्डर स्ट्रेच करें

    काफी देर तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से हमारी पीठ और कंधे की नसों में अकड़न आ जाती हैं। इसलिए शोल्डर स्ट्रेच करना बेहद फायदेमंद होता है। इसके नियमित अभ्यास से गर्दन दर्द आदि समस्याएं नहीं होती हैं। शोल्डर स्ट्रेच करने के लिए एकदम सीधे बैठ जाएं। सांसों को खींचते हुए अपने कंधे को उठाकर कान तक लाएं। अपने कंधे को धीरे से घुमाते हुए और कान से दूर ले जाएं और सांस छोड़ें। कंधे घुमाने की प्रक्रिया तीन बार दार्इं और तीन बार बार्इं ओर से करें। सांस लेते हुए दोनों कंधों को दोनों कानों के पास ले आएं। अब दोनों कंधों को सांस छोड़ते हुए और घुमाते हुए नीचे की ओर लाएं।

    शोल्डर स्ट्रेच करें
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    चेस्ट स्ट्रेच करें

    चेस्ट स्ट्रेच करने के लिए चेयर के किनारे पर बैठें और अपने हाथ घुमाकर उसके बैकरेस्ट पर ऊपर रखें और थोड़ा आगे को झुकें। फिर कंधों को कानों के पास लाएं और फिर थोड़ा दूर ले जाएं। यदि आप अपने हाथों को कुर्सी के बैकरेस्ट तक न पहुंचा पाएं, तो उसके किनारे पकड़ें और अपना सीना आगे को ले जाएं, फिर कंधों को आराम दें और चेस्ट के ऊपरी हिस्से को खुला छोड़ें। 10 से 15 बार सांस खीचें और स्ट्रेच हल्का करें।

    चेस्ट स्ट्रेच करें
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