फुटबॉल में गति का विकास करने वाली स्ट्रेंथ एक्सरसाइज

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jun 18, 2014

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सही स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की मदद से ना सिर्फ बेहतर फिटनेस पाई जा सकती है बल्कि फुटबॉल या अन्य किसी स्पोर्ट्स में भी अपना प्रदर्शन बेहतर किया जा सकता है।
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    फुटबॉल के लिए स्ट्रेंथ एक्सरसाइज

    बेशक स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज की मदद से एक फुटबॉल प्लेयर शक्ति बढ़ा कर अपने प्रदर्शन को बेहतर कर सकता है। लेकिन किसी भी फुटबॉल खिलाड़ी के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का तब तक कोई फायदा नहीं, जब तक मैदान पर वह खिलाड़ी को अजेय शक्ति प्रदान नहीं करती। इसलिए सही स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को सही तरीके से करना बेहद जरूरी है। तो चलिये जानें फुटबॉल में गति बढ़ाने वाली स्ट्रेंथ एक्सरसाइजों के बारे में।
    courtesy: © Thinkstock photos/ Getty Images

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    कैसे करें शुरुआत

    इसकी शुरुआत स्पेशलिस्ट के गाइडेंस में करनी चाहिए। बिना गाइडेंस के करने से हो सकता है कि मसल्स खिंच जाएं और कोई पुरानी चोट उभरकर सामने आ जाए। पहले प्रॉपर मेथड से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना सीखिए। कहां की मसल्स बनानी है, उस हिसाब से एक्सरसाइज करें। 30 साल से ज्यादा एज वालों को कूल्हे और पैरों की मसल्स की एक्सरसाइज करनी चाहिए। जिनके घुटनों में ऑर्थराइटिस है, वह इसे जरूर करें।
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    हर हिस्से और अंग के लिए अलग

    स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शरीर के हिस्सों के हिसाब से ही की जाती है। छाती के लिए बेंच प्रेस, चेस्ट प्रेस मशीन, पुश अप्स, पेक डेक मशीन। बैक के लिए सीटेड रो मशीन, बैक एक्सटेंशन, पुलडाउन आदि होते हैं, जबकि कंधों के लिए ओवरहेड प्रेस, लैटर रेज, लैट पुलआउट्स। बाइसेप्स के लिए बाइसेप्स कर्ल, हैमर्ल, कनसन्ट्रेशन कर्ल। ट्राइसेप्स के लिए ट्राइसेप्स एक्सटेंशन, डिप्स, किकबैक्स तथा शरीर के निचले हिस्सों के लिए स्क्वैट, लंज, लेग प्रेस मशीन, डेडलिफ्ट्स, काफ रेज। पेट के लिए क्रंच, रीवर्स क्रंच, ऑब्लिक ट्विस्ट आदि एक्सरसाइज की जाती हैं।
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    छाती के लिए एक्सरसाइज

    फुटबॉल में बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरे शरीर का ठीक होना जॉरूरी होता है। जिसमें से छाती भी अहम है। इसके लिए बेंच प्रेस, चेस्ट प्रेस मशीन, पुश अप्स, पेक डेक मशीन आदि करें।
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    बैक के लिए एक्सरसाइज

    कमर का पूरे फुटबॉल मैच में जबरदस्त योगदान होता है। इसलिए इसे मजबूत करने के लिए सीटेड रो मशीन, बैक एक्सटेंनशन, पुलडाउन आदि करें।
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    कंधों के लिए एक्सरसाइज

    मजबूत कंधे न सिर्फ मजबूत पुरुष की पहचान होते हैं बल्कि इनकी ममद से आप खेल में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। कंधों के लिए ओवरहेड प्रेस, लैटरल रेज, लैट पुलआउट्स जैसी स्ट्रेंथ एक्सरसाइज बड़ी असरदार रहती हैं।
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    बाजुओं के लिए एक्सरसाइज

    हाथों को मजबूत बनाने के लिए बाइसेप्स कर्ल, हैमरर्ऱ्ल, कनसेन्ट्रेशन कर्ल करें। वहीं ट्राइसेप्स के लिए एक्सरसाइज ट्राइसेप्स एक्सटेंशन, डिप्स, किकबैक्स आदि कर सकते हैं।
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    निचले हिस्से के लिए एक्सरसाइज

    फुटबॉल खेलने में शरीर का निचला भाग बेहद महत्वपूर्ण होता है और लगातार दौड़ने के लिए ताकत और सपोर्ट देता है। इसे मजबूत बनाने के लिए स्क्वैट, लंज, लेग प्रेस मशीन, डेडलिफ्ट्स व काफ रेज आदि करें।
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    पेट के लिए एक्सरसाइज

    पेट को मजबूत बनाने और फुटबॉल खेलने के लिए अधिक स्ट्रेंथ पाने के लिए क्रंच, रीवर्स क्रंच, ऑब्लिक ट्विस्ट तथा पेल्विक टिल्ट आदि स्ट्रेंथ एक्सरसाइज नियमित रूप से करें।
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    लंज एक्सरसाइज

    यह मिडल थाइज और टांगों की मसल्स के लिए अच्छी एक्सरसाइज है। इसे करने के लिए कंधों की चौड़ाई जितने पैर खोलकर खड़े हो जाएं। और फिर सीधे पैर को आगे बढ़ाएं और उल्टे पैर को नीचे की तरफ इतना मोड़ें कि वह जमीन को छुल जाए। पैरों को बदलते हुए ये रेपिटिशंस करते जाएं। इसके रोज 15-20 रेपिटिशंस वाले तीन सेट्स करें।
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    सही तरह से ट्रेनिंग करना जरूरी

    किसी अन्य एक्सरसाइज की ही तरह, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी आपके दिल को चुनौती देती है। इसलिए इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर कर लें कि अपका दिल वाकई इस चुनौती से निपटने योग्य है या नहीं। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग ठीक प्रकार से न करने पर मसल्स और स्नायु (हड्डियों और मांसपेशियों को जोड़ने वाले टिश्यू) को नुकसान पहुंच सकता है।
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