आठ आदतें धीमा कर रही है आपका मेटाबॉलिज्‍म

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Nov 18, 2014

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

मेटाबॉलिज्म अगर स्वस्थ है तो कोई भी व्यक्ति वजन को काबू में रख सकता है। लेकिन कुछ आदते हमारे मेटाबॉलिज्‍म पर बुरा असर करने लगती है। आइए ऐसी ही कुछ आदतों के बारे में जानें।
  • 1

    मेटाबॉलिज्‍म पर असर

    लोग नियमित रूप से एक्‍सरसाइज और डाइटिंग करते हैं, लेकिन फिर भी उनका वजन कम क्‍यों नहीं होता? इसका जवाब शरीर के मेटाबॉलिज्म में छिपा हुआ है। मेटाबॉलिज्म एक प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत शरीर ग्रहण किये भोजन को ऊर्जा में बदलता है। एनर्जी की जरूरत शरीर को हर काम के लिए होती है, यहां तक कि आराम के समय भी शरीर में रक्त का प्रवाह, श्वसन क्रिया और टूटे-फूटे तंतुओं की मरम्मत का काम चलता रहता है। मेटाबॉलिज्म अगर स्वस्थ है तो कोई भी व्यक्ति वजन को काबू में रख सकता है। लेकिन कुछ आदते हमारे मेटाबॉलिज्‍म पर बुरा असर करने लगती है। आइए ऐसी ही कुछ आदतों के बारे में जानें।  
    image courtesy : getty images

  • 2

    क्रैश डाइटिंग

    क्रैश डाइट से मांसपेशियों का द्रव्‍यमान कम होने से आप अस्‍थाई तौर पर पतले दिखने लगते हैं, परंतु वजन कम नहीं होता है। इसके कम होने से मेटाबॉलिक रेट भी काफी कम हो जाता है और धीरे-धीरे आप पहले से भी ज्यादा वजन बढ़ा लेते हैं। इसलिए क्रैश डाइटिंग  की बजाय संतुलित और संयमित भोजन लें।
    image courtesy : getty images

  • 3

    डेयरी उत्‍पादों से दूरी

    वजन कम करने वाले लोगों के लिए फुल फैट मिल्क, चीज और आइसक्रीम जैसी चीजें बुरे सपने की तरह होती हैं, मगर डेयरी उत्‍पाद  से पूरी तरह दूरी बना लेने से आपके मेटाबॉलिज्‍म पर उलटा असर पड़ सकता है। क्‍योंकि कैल्शियम मिलता है जिससे ज्यादा कैलरी बर्न करने में मदद मिलती है। ऐसे मे बिना फैट या कम फैट वाले डेयरी उत्‍पादों नियमित रूप से अपनी डाइट में शामिल करें।
    image courtesy : getty images

  • 4

    तनाव

    तनाव भी वजन बढ़ने का एक अहम कारण है। तनाव के कारण शरीर में कॉर्टिसोल नामक हार्मोन सक्रिय होने लगता है और वह शरीर में फैट इकट्ठा करने के काम पर लग जाता है। जिसका असर आपकी चयापचय क्रिया पर भी पड़ता है और वह धीमी हो जाती है। अत रोजमर्रा की भागदौड़ में खुद को तनाव मुक्त रखने पर ध्यान दें। योग व ध्यान आदि क्रियाएं तन के साथ मन को भी स्वस्थ रखती हैं।
    image courtesy : getty images

  • 5

    ज्‍यादा देर भूख रहना

    काफी देर भूखे रहने के बाद जब हम कुछ खाते हैं तो भूख की वजह से जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। हमारा शरीर उस सारे खाने को ऊर्जा में नहीं बदल पाता। जिसका असर हमारे मेटाबॉलिज्‍म पर पड़ता है। नतीजतन चर्बी या वसा शरीर में जमा होने लगती है। कसरत व डायटिंग के तमाम प्रयास तभी फायदा देते हैं, जब शरीर का मेटाबॉलिक रेट सही होता है।
    image courtesy : getty images

  • 6

    नींद में कमी

    जब आप कम नींद लेते है तो अगले दिन आपकी एनर्जी का स्‍तर कम होने लगता है और आप चीजों को अगले दिन के लिए स्‍थानांतरित कर देते हैं। कम मूवमेंट मतलब कम कैलोरी का जलना। आहर के साथ अपने आराम पर भी पर्याप्त ध्यान दें। अगर रात में ठीक से नींद नहीं आती तो बहुत आशंका है कि आपका वजन बढ़ जाए। ध्यान रखें, कि सोते समय भी शरीर में एनर्जी का इस्‍तेमाल होता है। साथ ही रात को देर तक जागने से भूख लगने पर शरीर उच्‍च कैलोरी वाली चीजें खाने की ओर आकर्षित होता है। ये चीजें मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती हैं। कम से कम सात घंटे की अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी है।
    image courtesy : getty images

  • 7

    पानी कम पीना

    कैलोरी को जलाने के लिए पानी जरूरी होता है। अगर आपके शरीर में पानी की कमी होगी तो मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाएगा। इसका मतलब है, वजन घटने की प्रक्रिया का धीमा होना। पानी हमारे मेटाबॉलिज्म के लिए बूस्टर का काम करता है। जो लोग रोजाना 8-10 गिलास पानी पीते हैं, वे उन लोगों के मुकाबले ज्यादा कैलोरी जलाने में कामयाब होते हैं, जो ऐसा नहीं करते। पानी हमारी पाचन क्रिया को तो दुरुस्त रखता ही है, साथ ही शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने का काम भी करता है।
    image courtesy : getty images

  • 8

    पर्याप्त भोजन की कमी

    अपने भोजन में तेजी से कटौती करने से आप बहुत अधिक कैलोरी को तो नहीं जला सकते। लेकिन ऐसा करने से, आपका शरीर भुखमरी की कगार पर पहुंच जाता है। यह आपके चयापचय दर को धीमा कर देता है ताकी आपका शरीर मौजूदा ऊर्जा भंडार का संरक्षण कर सकें।
    image courtesy : getty images

  • 9

    ज्‍यादा देर तक बैठना

    लंबे समय तक बैठा रहना आपके चयापचय दर को धीमा कर देता है। इससे रक्त परिसंचरण धीमा हो जाता है, जिसका अर्थ कैलोरी का कम जलना। कम देर बैठने से फैट को जलाने वाले एंजाइम ट्राइग्लिसराइड्स नामक वसा को तोड़ने में कामयाब हो जाते हैं। इसलिए ज्‍यादा देर बैठने से बचना चाहिए।
    image courtesy : getty images

Related Slideshows
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर