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स्किन टाइटनिंग प्रक्रिया के बारे में जानें

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 07, 2017
कोलेजन कम बनने तथा त्वचा के पतले होने से चेहरे के ज्यादा काम करने वाले हिस्से लाइनों और झुर्रियों के शिकार जल्दी होते है। लेकिन नए कोलेजन को नीचे रखकर त्‍वचा की मदद करने वाली प्रक्रियाओं को इस्‍तेमाल कर आप त्‍वचा में कसाव ला सकते है।
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    स्किन टाइटनिंग प्रक्रिया

    चेहरे की झुर्रियों और लकीरों को आप मेकअप से छिपा सकते हैं। लेकिन लटकी हुई त्वचा के लिए आपके पास कोई उपाय नहीं है। इलास्टिन और कोलेजेन कम बनने तथा त्वचा के पतले होने से चेहरे पर झुर्रियां नजर आने लगती हैं। लेकिन नए कोलेजन को नीचे रखकर त्‍वचा की मदद करने वाली प्रक्रियाओं को इस्‍तेमाल कर आप त्‍वचा में कसाव ला सकते है। जिससे आपका चेहरा लिफ्ट और युवा दिखाई देने लगता है। आइए त्‍वचा में कसाव लाने के ऐसे ही कुछ प्रक्रियाओं के बारे में जानते हैं।

    स्किन टाइटनिंग प्रक्रिया
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    माइक्रोनीडलिंग

    इस प्रक्रिया में त्‍वचा को सुन्‍न करने वाला जैल लगाया जाता है। इसके बाद एक रोलर ब्‍लेडर से त्‍वचा पर रोल किया जाता है। यह रोल उन हिस्‍सों पर किया जाता है, जो अधिक वसा या त्‍वचा उत्‍पन्‍न करते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान त्‍वचा नये कोलेजन का निर्माण करती है, जिससे जवां और मजबूत त्‍वचा आती है, जिसमें सैजिंग की समस्‍या नहीं होती। मनचाहा नतीजा हासिल करने के लिए इसके कई सत्र लेने की जरूरत होती है। इसके लिए आपको छह से दस सेशन लेने की जरूरत होती है। यह सेशन आपकी डॉक्‍टर अपनी मर्जी से बांट सकती है। प्रक्रिया के बाद त्वचा की लालिमा और जलन को कम करने के लिए विटामिन सी की खुराक लेने की सलाह दी जाती है। इस लालिमा और जलन को शांत होने में 24-48 घंटे का समय लग सकता है।

    माइक्रोनीडलिंग
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    रेडियोफ्रीक्वेंसी

    इस प्रक्रिया में नियंत्रित रेडियोफ्रिक्‍वेंसी किरणें त्‍वचा में प्रवाहित की जाती हैं। त्‍वचा (कोलेजन) के भीतर इन्‍हें प्रतिरोध का सामना करना पड़ता है और रेडियो-एनर्जी हीट एनर्जी में बदल जाती है। कोलेजन में उत्‍पन्‍न हुई यह गर्मी मौजूदा फाइबर को तोड़ देती है। इसके बाद जब मरम्‍मत तंत्र शुरू होता है, तो वह ठीक होनी शुरू हो जाती हैं। क्‍योंकि प्रक्रिया धीमी और क्रमिक होती है इसलिए अच्छे परिणाम के लिए कई सत्रों की आवश्यकता होती है। ऑपरेशन के बाद आपको लालिमा और झुनझुनी सनसनी हो सकती है। इस प्रक्रिया के बाद नियमित रूप से सनस्क्रीन का प्रयोग और नए कोलेजन की सहायता के लिए विटामिन सी की खुराक लेना बहुत महत्वपूर्ण होता है।

    रेडियोफ्रीक्वेंसी
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    लेजर

    CO2 लेजर का इस्‍तेमाल त्‍वचा में कसाव लाने की प्रक्रिया के रूप में किया जाता है। इसमें प्रकाश की तरंग का उपयोग किया जाता है जो त्वचा से पानी को अवशोषित करती है। यह पानी गर्म होकर और आसपास के ऊतकों में उष्‍मा का संचार करता है। त्वचा के पुराने कोलेजन फाइबर इस हीट एनर्जी से नष्ट हो जाते है और उपचार शुरू करते हैं। लेजर प्रक्रिया से पर एक सप्ताह तक के लिए लाल निशान हो सकते हैं। अन्य प्रक्रियाओं की तरह, लेजर के लिए भी कई सत्रों की आवश्यकता होती है। लेकिन इसके परिणाम बहुत संतोषजनक होते है।

    लेजर
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    वैम्पायर फेशियल

    इस प्रक्रिया में त्‍वचा को कसने के लिए व्‍यक्ति के रक्‍त को ही इस्‍तेमाल किया जाता है। प्रयोगशाला में रक्त, रक्त वृद्धि कारकों और प्लेटलेट्स को अलग करने के लिए जांचा जाता है। फिर इन्‍हें सक्रिय करके वापस त्वचा में इंजेक्ट किया जाता है। वृद्धि कारक नए कोलेजन, वसा ऊतक और रक्त वाहिकाओं और स्टेम कोशिकाओं का निर्माण करती हैं। नये वसा ऊतक त्वचा की खाली हिस्‍से को भर देते हैं और य केवल नए कोलेजन की तुलना में अधिक प्रभावी होता है। नई रक्त वाहिकाओं के निर्माण पर आप त्‍वचा में एक गुलाबी चमक महसूस करेंगे। युवा लोगों को एक वर्ष में एक ही सत्र की आवश्यकता होती है, लेकिन एक परिपक्व चेहरे को कई सत्रों की आवश्यकता हो सकती है।

    वैम्पायर फेशियल
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    इंटेंस पल्स लाइट

    इस प्रक्रिया में आपके शरीर में रोशनी की किरण प्रविष्‍ट करवायी जाती है। त्‍वचा की विभिन्‍न कोशिकायें इस रोशनी को अवशोषित कर उसे गर्म कर देती हैं। हालांकि, नये कोलेजन के निर्माण में यह प्रक्रिया लेजर की अपेक्षा कम प्रभावी है, लेकिन यह दाग-धब्‍बों और टैनिंग को दूर कर स्‍वस्‍थ और चमकदार त्‍वचा प्रदान करने में आगे है। इस प्रक्रिया में चंद मिनट ही लगते हैं। और आप इसे ऑफिस के लंच टाइम में भी करवा सकते हैं। इसके कई सेशन लेने की जरूरत पड़ सकती है। झुर्रियों और लकीरों वाले लोगों के लिए यह बहुत मददगार साबित हो सकती है।

    इंटेंस पल्स लाइट
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    केमिकल पील

    एक अध्ययन के लिए, कुछ साल तक नियमित केमिकल पील करवाने वाले लोगों के त्वचा के नमूने लिये गये। अध्‍ययन से पता चला कि जो लोग नियमित रूप से केमिकल पील का इस्‍तेमाल करते हैं, उनमें एक ही आयु वर्ग के लोगों की तुलना में अधिक कोलेजन, मजबूत कोलेजन और अधिक नए कोलेजन पाये जाते हैं। सौंदर्य की यह प्रक्रिया सभी आयु वर्ग के लिए उपयुक्त होती है, इसमें समय कम लगता है और यह काफी सस्ती प्रक्रिया है।

    केमिकल पील
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    त्वचा कसाव प्रक्रिया की सीमाएं

    जो भी आपको पसंद हो आप उसे चुन सकते हैं, लेकिन यह एहसास करना बहुत महत्‍वपूर्ण है कि यह प्रक्रियाएं बहुत धीमी, कोमल और प्रभावी है। इसमें कुछ हफ्तों से लेकर महीने लग सकते हैं। अगर कोई जल्‍दी और कठोर परिवर्तन चाहता है तो आपको प्लास्टिक सर्जरी चुनने की आवश्‍यकता हो सकती है।

    Image courtesy : getty images

    त्वचा कसाव प्रक्रिया की सीमाएं
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