हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

ये परिस्थितियां बताती हैं कि दिल नहीं दिमाग की सुनना है जरूरी

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jan 28, 2016
दिमाग के हिसाब से बात करने के कई बड़े फायदे हैं। अगर आप इस बात से सहमत नहीं हैं तो चलिये इन नियमों से जानें कि क्यों दिल नहीं, दिमाग की सुनना जरूरी है।
  • 1

    दिल की नहीं दिमाग़ की सुनें

    दिल सही कहता है, या दिमाग़, दिमाग़ के अनुसार बातें करें या दिल के हिसाब से... ये एक बड़ी बहस का मुद्दा हो सकता है। क्योंकि परिस्थियां परिवर्तनशील होती हैं, और हर परिस्थिति के लिये ने गुर और फैंसलों की जरूरत होती है। खैर, जो भी हो, दिमाग के हिसाब से बात करने के कई बड़े फायदे हैं। अगर आप इस बात से सहमत नहीं हैं तो चलिये इन नियमों से जानें कि क्यों दिल नहीं, दिमाग की सुनना जरूरी है -
    Images source : © Getty Images

    दिल की नहीं दिमाग़ की सुनें
  • 2

    शुरुआत में कहना ही भला

    अगर आपकी/आपका रूममेट रोज़ खाना खा कर बर्तनों को यूं ही गंदा छोड़ देता है, तो बजाए चिढ़ते हुए रोज़ाना इन बर्तनों को खुद साफ करने के अगर आप उसे विनम्रता के साथ पहले या दूसरे ही दिन इसके लिये टोक दें, तो ये कफी बेहतर होगा। दिल के खुद से बर्तन साफ करते रहने, और बुरा ना बनने के फैंसले से दिमाग का सही समय पर टोक देने वाला फैंसला कहीं बेहतर है। क्योंकि दिल के फैंसले से भी धीरे-धीरे मन में पैदा होने वाली कुंठा आगे चलकर कभी गंभीर लड़ाई का करण बन सकती है।
    Images source : © Getty Images

    शुरुआत में कहना ही भला
  • 3

    साफ कहना सुखी रहना


    किसी सार्वजनिक स्थान या रेस्तरां आदि में, यदि आप पास बैठे व्यक्ति की सिगरेट से परेशान हो रहे हैं, तो अपने दिमाग के कहे अनुसार खड़े होकर उस इंसान को प्यार से बता दें कि उनका स्मोकिंग करना आप दोनों के लिये ही हानिकारक है।
    Images source : © Getty Images

    साफ कहना सुखी रहना
  • 4

    तनाव और गुस्सा निकालने पर


    अगर आपका साथी अपने काम के तनाव का गुस्सा और झुंझलाहट किसी ना किसी बहाने से आपके ऊपर निकल रहा है, तो दिमाग की सुनते हुए शांत तरीके से यह कह देना कि आप ऐसा और नहीं चाहते हैं, सबसे बेहतर उपाय होता है।
    Images source : © Getty Images

    तनाव और गुस्सा निकालने पर
  • 5

    कुछ मौकों पर सच बोलें


    अगर आपकी गर्लफ्रैंड किसी ड्रेस में मोटी लग रही है और वो आपसे पूछती है कि आपको वो कैसी लग रही है, तो सच बता दें, लेकिन थोड़ी सहजता और विनम्रता के साथ। क्योंकि एक न एक दिन आपके मुंह से सच निकल ही जाएगा। तो बेहतर है कि आप दिल की बात सुनें और उसके हिसाब से काम करें। लेकिन आप अपनी बात को किस तरह से कहते हैं, ये बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसका विशेष ध्यान रखें।   
    Images source : © Getty Images

    कुछ मौकों पर सच बोलें
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.