इन 8 चीजों से हो सकता है साइनस

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Dec 12, 2014

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

आमतौर पर लोग साइनोसाइटिस के प्रति ज्यादा गंभीर नहीं होते। लेकिन स्थिति गंभीर होने पर सांस नली में संक्रमण से ब्रोंकाइटिस तथा फेफड़ों में सिकुड़न से अस्‍थमा भी हो सकता है। इसलिए इसके कारणों के प्रति सचेत रहना चाहिए।
  • 1

    साइनस की समस्‍या

    साइनस के बारे में यह आम धारणा है कि इस रोग के होने पर नाक के अंदर की हड्डी बढ़ जाती है या तिरछी हो जाती है। जिसके कारण सांस लेने में रुकावट होती है और व्‍यक्ति नाक से कम मुंह से ज्‍यादा सांस लेने लगता है। इस समस्‍या से पीड़ि‍त व्‍यक्ति ठंडी हवा, धूल, धुएं के सपर्क में आने पर परेशान हो जाता है। वास्तव में, साइनस का संक्रमण होने पर साइनस की झिल्ली में सूजन आ जाती है। सूजन के कारण हवा की जगह साइनस में मवाद या बलगम आदि भर जाता है, जिससे साइनस बंद हो जाते हैं। इस वजह से माथे पर, गालों व ऊपर के जबड़े में दर्द होने लगता है।
    Image Courtesy : Getty Images

  • 2

    क्‍या है साइनस ?

    चिकित्सकों के अनुसार, साइनस मानव शरीर की खोपड़ी में हवा भरी हुई कैविटी होती हैं जो हमारे सिर को हल्कापन व सांस वाली हवा लाने में मदद करती है। सांस लेने में अंदर आने वाली हवा इस थैली से होकर फेफड़ों तक जाती है। यह इस थैली में हवा के साथ आई गंदगी यानी धूल और दूसरी तरह की गंदगियों को रोककर, बाहर की ओर फेंक देती है। लेकिन साइनस का मार्ग रुकने पर अर्थात बलगम निकलने का मार्ग रुकने पर 'साइनोसाइटिस' नामक बीमारी हो सकती है। आमतौर पर लोग साइनोसाइटिस के प्रति ज्यादा गंभीर नहीं होते। लेकिन स्थिति गंभीर होने पर सांस नली में संक्रमण से ब्रोंकाइटिस तथा फेफड़ों में सिकुड़न से अस्‍थमा भी हो सकता है।
    Image Courtesy : Getty Images

  • 3

    वायरस

    अधिकांश साइनस संक्रमण सर्दी के साथ शुरू होते है। सर्दी वायरस के कारण होती है जिसमें सामान्‍य रूप से साइनस टिशू में सूजन आ जाती है, सूजन के कारण हवा की जगह साइनस में मवाद या बलगम आदि भर जाता है, जिससे साइनस बंद हो जाते हैं। वायरस के कारण साइनस संक्रमण में ली जानी वाली एंटीबायोटिक दवाएं केवल बैक्‍टीरिया को मारने में मदद करती हैं। इसके लक्षण एक या दो सप्‍ताह में अपने आप बेहतर हो जाते हैं। इस समस्‍या के लिए सर्दी खांसी की दवाएं आपकी मदद कर सकती हैं, लेकिन इन दवाओं पर निर्भरता से बचने के लिए इनका इस्‍तेमाल चार या पांच दिनों से ज्‍यादा नहीं करना चाहिए।  
    Image Courtesy : Getty Images

  • 4

    एलर्जी

    एलर्जी से जुड़े साइनस संक्रमण में सूजन नासिका मार्ग को ब्‍लॉक और निकास नली को रोक देती है। वास्‍तव में, दक्षिण कैरोलिना के मेडिसीन यूनिवर्सिटी में क्रिटिकल केयर, एलर्जी, और नींद चिकित्सा की श्रेणी में सहायक प्रोफेसर की एमडी, सोनिया बैंस के अनुसार, एलर्जी के कारण होने वाले साइनस संक्रमण से लोगों को अधिक व्‍यापक साइनसाइटिस हो सकता है। एलर्जी के कारण होने वाली साइनस की समस्‍या में धूल के कण, पालतू जानवरों से संपर्क, मिट्टी, और तिलचट्टे मुख्‍य कारण होते हैं। इसलिए इन सबसे दूरी बनाकर रखें। अधिक-काउंटर एंटीथिस्टेमाइंस और नेजल स्प्रे साइनस और नाक के अंदरूनी हिस्से में क्रोनिक सूजन को कम करने में आपकी मदद करते हैं।

  • 5

    बैक्‍टीरिया

    चार्ल्सटन में दक्षिण कैरोलिना की मेडिसिन यूनिवर्सिटी के चिकित्सा विभाग के एमडी, प्रोफेसर विलियम जे हुऍस्टोन के अनुसार, बैक्‍टीरिया संक्रमण साइनस संक्रमण को बढ़ाता है, लेकिन यह हमेशा माध्‍यमिक संक्रमण का कारण होता है। इन मामलों में स्ट्रैप्टोकोकस निमोनिया या हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा की सबसे अधिक आशंका होती है। यह बैक्‍टीरिया स्‍वस्‍थ लोगों के अंदर छिपे होते हैं, और सही परिस्थितियों में विकसित होने का इंतजार करते हैं। इस समस्‍या से बचने के लिए आप ठंड के दौरान खांसी की दवा ले सकते हैं। बैक्टीरियल साइनसाइटिस का विकास होने पर आप एंटीबायोटिक दवाओं से इसका इलाज कर सकते हैं।
    Image Courtesy : Getty Images

  • 6

    पॉलिप (जंतु)

    नाक पॉलिप बहुत ही छोटे होते हैं और इनकी सौम्‍य वृद्धि होती है। नाक या साइनस ऊतकों पर इसके विकसित होने पर यह कैविटी को अवरूद्ध कर साइनस मार्ग को बंद कर देते हैं। अर्थात बलगम निकलने का मार्ग रुक जाता है। यह छोटा सा पॉलिप वायुमार्ग को सीमित कर सिरदर्द का कारण बनता है। हुऍस्टोन के अनुसार, क्रोनिक एलर्जी नासिका मार्ग और पॉलिप में लंबी अवधि की सूजन और जख्‍म का कारण बन सकती है। साथ ही, नाक में पॉलिप से पीड़ि‍त लोगों की सूंघने की क्षमता कम हो जाती है। पॉलिप का इलाज नेजल स्‍टेरॉयड या ओरल स्‍टेरॉयड के संक्षिप्‍त कोर्स से किया जा सकता है। यदि स्टेरॉयड उपचार काम नहीं करते, तो सर्जरी आवश्यक हो जाती है।

  • 7

    प्रदूषण

    साइनस की बीमारी महानगरों में होने वाली प्रमुख बीमारियों में से एक है। इसका मुख्य कारण शहरों में बढ़ता प्रदूषण है। डॉक्‍टर बैंस के अनुसार, हवा में एलर्जी और प्रदूषक- जैसे धूल, वायु प्रदूषण और तेज गंध जैसे परफ्यूम- खांसी, नाक में जलन और सूजन का कारण बन साइनस के जोखिम को बढ़ा देता है। साइनस संक्रमण को कम करने के लिए जिनता संभव हो इन परेशानियों से बचें, खासकर एलर्जी या अस्‍थमा से पीड़ि‍त होने पर।   
    Image Courtesy : Getty Images

  • 8

    स्‍वीमिंग

    अगर आपको साइनस की समस्‍या हैं तो क्‍लोरीनयुक्‍त पुल में ज्‍यादा समय स्‍वीमिंग करने से बचें क्‍योंकि क्‍लो‍रीन नाक अस्‍तर और साइनस में जलन पैदा कर सकता है। पानी में गोता लगाने से भी साइनस की समस्या हो सकती है। गोते के दौरान दबाव पड़ने से पानी धक्के से नाक के अंदर जाकर टिशू में जलन और सूजन पैदा करता है।
    Image Courtesy : Getty Images

  • 9

    फंगस (फफूंद)

    हुऍस्टोन के अनुसार, साइनस संक्रमण के लिए फंगस बहुत ही असामान्‍य कारण है। हालांकि फंगल साइनस संक्रमण स्‍वस्‍थ व्‍यक्तियों में हो सकता है लेकिन यह कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में बहुत आम होता है। प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने पर, विशेष रूप से नम और गहरे वातावरण में, फंगस साइनस में विकसित होने लगता है। साइनसाइटिस के साथ जुड़ा सबसे आम फंगस एस्पेर्गिल्लुस है। कुछ लोगों में, क्रोनिक साइनस फंगस के प्रति एलर्जी की प्रतिक्रिया के कारण हो सकता है। इसके उपचार में फंगस को हटाने के लिए सर्जरी, एंटीफंगल थेरेपी और संक्रमित साइनस की स्क्रैपिंग शामिल हैं। 10 दिन से अधिक बुखार, सिरदर्द और दृष्टि की समस्‍या होने पर डॉक्‍टर से संपर्क करें।
    Image Courtesy : Getty Images

  • 10

    नाक के उत्पादों का अति प्रयोग

    नाक बंद होने पर नेजल स्‍प्रे राहत प्रदान करते हैं, लेकिन यह रक्‍त वाहिकाओं में संकुचन का कारण बन सकते हैं। इसलिए आपको अधिक-काउंटर नाक स्प्रे के लंबे समय तक इस्तेमाल से बचना चाहिए। क्‍योंकि निर्देशन के अभाव के कारण यह साइनस के लक्षण को बदतर बना सकते हैं। डॉक्‍टर बैंस के अनुसार, स्‍प्रे का उपयोग लंबे समय तक करने से उसके प्रभाव के प्रति कम संवेदनशील होने से, नाक में फिर से सूजन आ जाती है। नतीजतन, ओटीसी नाक स्प्रे का लंबे समय तक इस्तेमाल, निर्भरता का नेतृत्व कर सकता हैं, इसलिए सर्दी के लक्षणों के उपचार के लिए स्प्रे का उपयोग करने वाले लोगों को चार या पांच दिन बाद इसका इस्‍तेमाल बंद कर देना चाहिए।
    Image Courtesy : Getty Images

Related Slideshows
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर