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अपने आहार में फाइबर की मात्रा बढ़ाने के तरीके

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jun 29, 2015
फाइबर स्पंज की तरह काम करता है और यह प्राकृतिक तरीके से शरीर की सफाई करने में मदद करता है। यही कारण है कि आहार विशेषज्ञ कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने और वजन कम करने के लिये उच्च फाइबरयुक्त डाइट की सलाह देते हैं।
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    आहार में फाइबर

    फाइबर अर्थात रेशा हमारे भोजन का अहम हिस्सा होना चाहिये। क्योंकि यह स्पंज की तरह काम करते हुए प्राकृतिक तरीके से शरीर की सफाई करने में मदद करता है। आहार विशेषज्ञ कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने और वजन कम करने के लिये उच्च फाइबरयुक्त डाइट की सलाह देते हैं। अलसी, आलू, बुखारा, चोकर, साबुत अनाजों व फलियों में मौजूद फाइबर आंतों को मजबूत बनाता है। चलिये जानें कि अपने आहार में फाइबर की मात्रा को कैसे बढ़ाएं?

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    आहार में फाइबर
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    ऐसे बढ़ाएं फाइबर की मात्रा


    ब्रेकफास्ट में होलग्रेन ब्रेड टोस्ट, ताजे फल व फाइबरयुक्त पदार्थ जैसे दलिया व भूसी आदि का उपयोग करें। फलों के ऊपरी हिस्से, बीज और गूदे में फाइबर सबसे अधिक होता है। रोटियां चोकर सहित बनाएं। सलाद, कॉर्नफ्लेक्स, पोहा, चपाती, उपमा, ज्वार और जौ आदि का सेवन करें। खाने में बादाम और अंकुरित भोजन की मात्रा बढ़ाएं। डाइट में फाइबर के साथ पानी की मात्रा भी बढ़ाएं। साथ ही निम्न खाद्य का नियमित सेवन करें।
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    ऐसे बढ़ाएं फाइबर की मात्रा
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    फली, बींस व दालें


    बींस (राजमा और लोबिया आदि) में सबसे अधिक फाइबर होता है। एक कप राजमा व लोबिया में 15 ग्राम से अधिक फाइबर होता है। इसी तरह दाल, खासतौर पर मसूर की दाल में फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है। सब्जियों में मटर में सबसे अधिक फाइबर पाया जाता है।
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    फली, बींस व दालें
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    पत्तेदार सब्जियां और फल


    हरी पत्तेदार सब्जियों में लोह तत्व, बीटा केरोटीन और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं। एक कप उबली हुई हरी सब्जियों जैसे पालक, पत्तेदार शलजम व चुकंदर आदि में 4 से 5 ग्राम फाइबर होता है। इसी प्रकार नाशपाति और सेब से भी काफी फाइबर होता है। एक बड़े सेब से 3.3 ग्राम फाइबर तो मध्यम आकार की नाशपाति से 5.1 ग्राम फाइबर होता है।
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    पत्तेदार सब्जियां और फल
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    ड्राई फ्रूट्स



    बादाम, पिस्ता और अखरोट में केवल प्रोटीन ही नहीं बल्कि फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। किशमिश में सॉल्यूबल और नॉन सॉल्यूबल दोनों ही प्रकार का फाइबर मिलता है। साथ ही किशमिश से शरीर को तुरंत ऊर्जा भी मिलती है।
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    ड्राई फ्रूट्स
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    रागी


    रागी में सेल्युलोज होता है, जो कि एक प्रकार का फाइबर है। रागी का नियमित सेवन करने से कब्ज दूर होती है। साथ ही रागी में कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन भी काफी मात्रा में होता है। रागी का सेवन मधुमेह और मोटापे के शिकार लोगों के लिए भी काफी लाभप्रद होता है, क्योंकि इसका पाचन धीरे-धीरे होता है, जिससे रक्त में ग्लूकोज का श्राव धीमा हो जाता है।
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    रागी
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    जई (ओट्स)



    ओट्स में फाइबर पर्याप्त मात्रा में होता है। साथ ही इसमें आयरन, प्रोटीन और विटामिन बी 1 भी पाया जाता है। जई में वसा कम होती है, और इससे शरीर में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को घटाने में भी मदद मिलती है। इससे कार्डियोवस्कुलर रोगों को कम करने में सहायता होती है।
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    जई (ओट्स)
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    अलसी के बीज



    अलसी के बीजों में घुलनशील व अघुलनशील दोनों ही तरह के फाइबर होते हैं। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड के अलावा कैंसररोधी तत्व भी होते हैं। इसके बीजों को पीस कर दही व सलाद के साथ खाया जा सकता है।
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    अलसी के बीज
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    साथ में खूब पानी पियें

    इसकी अत्यधिक मात्रा के उपयोग से आंत में समस्या, दस्त या डिहाइड्रेशन की समस्या भी हो सकती है। इसलिए ध्यान रहे कि वे व्यक्ति जो अपने भोजन में फाइबर का सेवन बढ़ाते हैं, उन्हें पानी काफी मात्रा में पीना चाहिए।
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    साथ में खूब पानी पियें
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