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इशारे जो बतायें कि अब मुश्क‍िल है आपके रिश्ते को बचा पाना

By:Bharat Malhotra, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Oct 30, 2014
जरूरी नहीं कि हर रिश्ता कामयाब ही हो। और साथ रहना भी कहां होता है हर रिश्ते का मुकाम। और क्या साथ रहना ही रिश्ते की आखिरी मंजिल है। शायद नहीं। उस मुकाम से पहले रिश्ते को संभालना जरूरी होता है जब वापसी का कोई रास्ता न बचा हो। और अगर ऐसा न हो पाये, तो फिर उस मौके को पहचानना जरूरी है जब लगने लगे कि अब कुछ नहीं हो सकता।
  • 1

    बस अब और नहीं

    आपका रिलेशनिशप ही आपकी जिंदगी है। और इसे खत्म करना शायद आपके लिए जिंदगी खत्म होने जैसा है। लेकिन, कई बार आप रिश्ते की डोर से इतने गहरे बंधे हुए होते हैं कि किसी भी हाल में उस बंधन से आजाद नहीं होना चाहते। उसे बचाने के लिए आप हर संभव कोश‍िश करना चाहते हैं। लेकिन, अगर आपको लगता है कि अब आपके रिश्ते को बचाया नहीं जा सकता, तो बेहतर है कि उससे अलग हो लिया जाए। बेशक, यह बहुत कष्टप्रद घड़ी होती है, लेकिन लंबे वक्त के लिए यह फैसला आपके लिए फायदेमंद ही साबित होगा। वो जो कभी आपकी जिंदगी रहा हो, उससे जुदा होना बेशक जिस्म से रूह के अलग होने जैसा होता है, लेकिन कई बार जिंदगी आपके पास दूसरा कोई रास्ता ही नहीं छोड़ती। लेकिन, आखिर वो घड़ी आती कब है। उन संकेतों को पकड़ना बहुत जरूरी है जब आपको यह मालूम हो जाए कि बस, अब रिश्ता बोझ बन गया है। image courtesy : getty images

    बस अब और नहीं
  • 2

    आपको रिश्ते के बारे में कोई अच्छी बात याद नहीं

    आख‍िरी बार आप दोनों ने कब रोमांटिक वक्त साथ बिताया था। आख‍िरी बार कब उसने आपके लिए प्यार जताया था। कब उसने आपको अहसास कराया था कि आप खास हैं उसके लिए। और अगर आपके पास इन सवालों के जवाब नहीं हैं, तो इशारा है कि अब आपका रिश्ता आगे नहीं बढ़ सकता। और अब आपको इसे छोड़ ही देना चाहिये। image courtesy : getty images

    आपको रिश्ते के बारे में कोई अच्छी बात याद नहीं
  • 3

    किसी दूसरे का साथ देता है आपको सुकून

    रिलेशनश‍िप के दौरान भी अगर आपके करीब से गुजरने वाले किसी खूबसूरत चेहरे को देखकर आकर्ष‍ित हो जाते हैं, यह तो चलता है। लेकिन, जब आपके भीतर अपने रिश्ते को मजबूत करने की भावना समाप्त हो जाए। जब आपको अपने साथी के बजाय किसी और के साथ खुशी मिलने लगे। और जब किसी अन्य विपरीत लिंग के किसी व्यक्त‍ि के साथ बात करके अध‍िक खुश होने लगें। तो अपने साथी को इस बारे में जरूर बता दें। image courtesy : getty images

    किसी दूसरे का साथ देता है आपको सुकून
  • 4

    बेकार के झगड़े

    छोटे-मोटे झगड़े तो हर रिश्ते में होते हैं। आप उन्हें रिश्तों के लिए तड़के का नाम दे सकते हैं। देखा जाए, तो ये छोटे-मोटे झगड़े आपके रिश्ते को मजबूत करने में मदद करते हैं। हालांकि, जब झगड़े रोजमर्रा की बात बन जाएं तो यह रिश्ते के लिए अच्छा नहीं होता। जब आपको यही न मालूम हो कि आख‍िर आप लड़ क्यों रहे हैं, तो बेहतर है कि ऐसे रिश्ते को छोड़कर आगे बढ़ा जाए। image courtesy : getty images

    बेकार के झगड़े
  • 5

    अब बात बन नहीं रही

    उतार-चढ़ाव तो रिश्ते का हिस्सा हैं। कोई भी रिश्ता सरपट नहीं चलता। कई पहलु आपके जीवन को प्रभावित करते हैं। लेकिन, जब रिश्ता मजबूत होता है, तो वह इन समस्याओं से नहीं डरता। हालांकि, जब यही समस्यायें आपस में उठने लगें, तब सोचने का वक्त आ जाता है। यह वह वक्त होता है जब आपको अपने रिश्ते के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिये। image courtesy : getty images

    अब बात बन नहीं रही
  • 6

    पटरी बैठ नहीं रही

    आपसी तालमेल जांचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप एक दूसरे की भविष्य की योजनाओं के बारे में चर्चा करें। जानें कि साझा भविष्य के लिए आपके साथी के पास क्या सपने हैं। अगर आप उनकी भविष्य की योजनाओं में फिट नहीं बैठते, तो बेशक ऐसी समस्या आ चुकी है, जिसे ठीक नहीं किया जा सकता। image courtesy : getty images

    पटरी बैठ नहीं रही
  • 7

    बैलेंस ठीक नहीं

    अगर आपको कुछ समय से लग रहा हो कि रिलेशनश‍िप में कोई बैलेंस नहीं है, तो यह वाकई गंभीर चिंता का विषय है। रिश्ते की गाड़ी दो पहियों पर चलती है। दोनों साथ-साथ संतुलन बनाकर ही तो इसे आगे बढ़ाते हैं। लेकिन जब लगने लगे कि कोई एक व्यक्ति इस गाड़ी को लेकर चल रहा है, तो बात बिगड़ने लगती है। प्यार में कोई अगुआ नहीं होता, दोनों हमसफर होते हैं। और जब यह भावना समाप्त जो जाए, तो समझ जाइये कि आप एक डेड ऐंड की ओर बढ़ रहे हैं। image courtesy : getty images

    बैलेंस ठीक नहीं
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    जब्त लाजिम है मगर...

    जब कोई आपको अपना कहता है तो खुद पर गुरूर होने लगता है। आप बेहतर इनसान बनते हैं। आत्मविश्वास बढ़ने लगता है। आपकी एकाग्रता बेहतर हो जाती है। जीवन के प्रति एक बिलकुल ही नया सकारात्मक नजरिया पैदा होता है। लेकिन, जब रिश्ता बिगड़ने लगता है, तो आप स्व-नियंत्रण खो देते हैं। आप बेकार में गुस्सा करने लगते हैं। आप पर‍िस्थि‍तियों के अनुसार खुद को ढाल नहीं पाते और बेकार में गुस्सा करने लगते हैं। image courtesy : getty images

    जब्त लाजिम है मगर...
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