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ब्लड शुगर असंतुलन के लक्षणों को पहचानें

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Nov 21, 2014
ब्लड ग्लूकोज़ या बल्ड शुगर लेवल की एक बूंद विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है, इस असंतुलन के लक्षणों को पहचान कर किसी संभावित गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
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    ब्लड शुगर असंतुलन के लक्षण

    ब्लड ग्लूकोज़ या बल्ड शुगर लेवल की एक बूंद विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। यदि आपके ब्लड शुगर का स्तर नियमित तौर पर नियंत्रण से बाहर है, तो यह क्रोनिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकता है। संतुलित आहार, व्यायाम और दवाएं, मधुमेह नियंत्रण के लिए रक्त शर्करा के स्तर को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं, लेकिन स्वस्थ रहने के लिए आपको हर दिन आपके रक्त में शर्करा के स्तर की जांच करना जरूरी होता है। इन आंकड़ो को संपलित करने से डॉक्टर को भी बेहतर इलाज करने में सहायता मिलती है। ब्लड शुगर असंतुलन के लक्षणों को पहचान कर किसी संभावित गंभीर स्थिति से बचने में मदद मिलती है। तो चलिये जानें कि ब्लड शुगर असंतुलन के क्या लक्षण होते हैं।
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    ब्लड शुगर असंतुलन के लक्षण
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    चक्कर आना

    चक्कर आना या अस्थिरता महसूस करना निम्न रक्त शर्करा या हाइपोग्लाइसीमिया (hypoglycaemia) का एक लक्षण है। मस्तिष्क को ठीक ढंग से काम करने के लिए ग्लूकोज की आवश्यका होती है और रक्त शर्करा में कमी खतरनाक हो सकती है। फलों के रस का एक गिलास रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाने के लिए एक अल्पकालिक समाधान होता है, लेकिन ऐसी स्थिति में डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।
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    चक्कर आना
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    लगातार प्यास लगना व पेशाब आना

    लगातार प्यास लगना व पेशाब आना हाई ब्लड शुगर लेवल के दो प्रमुख संकेत होते हैं। जब किडनी शुगर को बाहर निकाने के लिए मेहनत कर रही होती हैं, वे ऊतकों से अधिक चीनी भी निकाल रही होती हैं। जिस कारण अधिक पेशआब आता है। प्यास निकल चुके तरल की भरपाई का संकेत होती है।
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    लगातार प्यास लगना व पेशाब आना
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    थकान

    थकान इस लिए होती है क्योंकि शुगर आपके शरीर की कोशिकाओं में जाने के बजाए रक्त प्रवाह में ही रहती है। यह आपकी मांसपेशियों को ऊर्जा के रूप में उपयोग करने के लिए कम ईंधन उपलब्ध करती है।
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    थकान
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    स्तब्ध हो जाना या झुनझुनी होना

    तंत्रिका क्षति लगातार ऊंचा रक्त शर्करा के स्तर का एक और बड़ा संकेत होता है। इसके कारण स्तब्धता होती है या फिर पैरों व हाथों में झुनझुनी होने लगती है। इसके कारण दर्द या तापमान में परिवर्तन महसूस करने में असमर्थता हो सकती है।  
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    स्तब्ध हो जाना या झुनझुनी होना
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    हाथ व पैरों में सूजन

    यदि डायबटिक व्यक्ति को हाई बल्ड प्रेशर भी है तो यह बेकार और तरल पदार्थ को फिल्टर करने की गुर्दे की क्षमता को प्रभावित करता है। जिस कारण तरल भीतर ही रुक जाता है और हाथ व पैरों में सूजन हो सकती है।
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    हाथ व पैरों में सूजन
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    नज़र कमजोर होना

    उच्च रक्त शर्करा और उच्च रक्तचाप आंखों के भीतर की नाजुक संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं और नज़र कमजोर हो सकती है। इसी के चलते वयस्कों में अंधेपन का सबसे बड़ा कारण मधुमेह रेटिनोपैथी है।
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    नज़र कमजोर होना
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    लगातार संक्रमण

    उच्च रक्त शर्करा के स्तर वाले एक व्यक्ति को लगातार संक्रमण होने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। निमोनिया और श्वसन संक्रमण, गुर्दे के संक्रमण, मसूड़ों की बीमारी, मूत्र मार्ग में संक्रमण, बैक्टीरिया या कवक त्वचा और साइनस संक्रमण उच्च रक्त शर्करा के स्तर की निशानी हैं।
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    लगातार संक्रमण
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    पाचन संबंधी समस्याएं

    डायबटीज पेट की पाचन तंत्र के माध्यम से आसानी से भोजन को आगे ले जाने वाली नर्व को भी नुकसान पहुंचाती है। इस नर्व को हुई छती के कारण गैस्ट्रोपॉरेसिसिस (ऐसी स्थिति जिसमें पेट जल्दी से खाली नहीं हो पाता है) हो सकता है। यह दस्त और कब्ज जैसी पाचन समस्याओं का कारण बन सकती है।
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    पाचन संबंधी समस्याएं
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