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10 इशारे जो बतायें कि आप दूसरों को परेशान कर रहे हैं

By:Bharat Malhotra, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Apr 28, 2014
कई बार कष्‍ट पहुंचाने वाले व्‍यक्ति इस बात से बेखबर रहता है कि उसका बर्ताव किसी को परेशान कर रहा है। या‍द रखिये आपको दूसरों के साथ ऐसा बर्ताव नहीं करना चाहिए, जो आप अपने लिए नहीं चाहते हैं। कुछ ऐसे खतरनाक इशारों को जानिये जिनकी वजह से शायद सामने वाला अपना आपा खोने को मजबूर हो सकता है।
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    क्‍या आप लोगों को गुस्‍सा दिलाते हैं

    क्‍या कभी आपने इस बारे में विचार किया है कि लोग आपको परेशान करना वाला क्‍यों समझते हैं। कई बार कष्‍ट पहुंचाने वाले व्‍यक्ति को इस बात का अहसास ही नहीं होता कि उसका बर्ताव दूसरों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। यदि आपको इस बात का संदेह है कि आपका बर्ताव दूसरों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है, तो आपको कुछ जरूरी बातों का खयाल रखना चाहिए। या‍द रखिये आपको दूसरों के साथ ऐसा बर्ताव नहीं करना चाहिए, जो आप अपने लिए नहीं चाहते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे खतरनाक इशारे जिनकी वजह से शायद सामने वाला अपना आपा खोने को मजबूर हो सकता है।

    क्‍या आप लोगों को गुस्‍सा दिलाते हैं
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    आप जरूरत से ज्‍यादा निजी हो जाते हैं

    हर किसी का ए‍क निजी दायरा होता है। और आपको उस दायरे का सम्‍मान करना चाहिए। यह दायरा संस्‍कृति और व्‍यक्ति की निजी पसंद-नापसंद के आधार पर तय होता है। लोगों को बेवजह छेड़ने से बचें। Image Courtesy- Getty Images

    आप जरूरत से ज्‍यादा निजी हो जाते हैं
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    आखिरी वक्‍त न दें काम

    कई बार ऐसा होता है कि दफ्तर से निकलने के वक्‍त पर काम आ जाता है। आज के दौर में ऐसा होना कोई बड़ी बात नहीं। लेकिन, आपको ऐसा मैनेजर नहीं बनना चाहिए जो काम देने के लिए आखिरी वक्‍त का इंतजार करे। काम भले ही समय से पहले आ गया हो, लेकिन केवल अपने सहकर्मियों को परेशान करने के मकसद से उसे रोके रखना और ऐन मौके पर उसे देना यह सही नहीं है। यह आपकी अनियमितता और बेतरतीबपन को दिखाता है। Image Courtesy: Getty Images

    आखिरी वक्‍त न दें काम
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    हमेशा अपनी बात सही कहना

    सिर्फ इसलिए कि आप आत्‍मविश्‍वासी हैं, इसका अर्थ यह नहीं कि आप स्‍वयं को दूसरों से बेहतर दिखाने में लगे रहें। ऐसी हरकतें या बातें न करें, जो आपके अभिमानी होने का अहसास करायें। बार-बार अपनी संपत्ति और कामयाबी के बारे में बारे करना या हर समय केवल अपनी ही तारीफ करते रहना अच्‍छी बात नहीं। और आपको इससे बचना चाहिए। Image Courtesy: Getty Images

    हमेशा अपनी बात सही कहना
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    आप जरूरत से ज्‍यादा बातुनी हैं

    मान लीजिये लोगों के पास समयबद्ध काम है अथवा वे किसी अन्‍य जरूरी काम में व्‍यस्‍त हैं और आप उनसे बतियाये जा रहे हैं। यह अच्‍छी आदत नहीं। हालांकि, इस बात का अंदाजा लगाना जरा मुश्किल है, लेकिन सोचिये कि एक सामान्‍य बातचीत के दौरान आप कितनी बात करते हैं और सामने वाला कितना बोलता है। इस बात का भी खयाल रखिये कि सिर्फ इसलिए कि आपके पास बात करने का वक्‍त है, यह जरूरी नहीं कि दूसरे व्‍यक्ति के पास भी यह वक्‍त हो। Image Courtesy: Getty Images

    आप जरूरत से ज्‍यादा बातुनी हैं
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    अपनी धुन में रहता हूं

    फोन पर बात करते हुए आप अपनी धुन में इतना खो जाते हैं कि आपको अपने आसपास की दुनिया की खबर ही नहीं रहती। जरा सोचिये आपको कैसा लगेगा अगर कोई स्‍टोर, एयरपोर्ट, मॉल्‍स आदि में दरवाजे के रास्‍ते में खड़ा होकर फोन पर बात कर रहा हो। आपको गुस्‍सा आएगा अथवा नहीं। तो, दूसरे व्‍यक्ति को भी गुस्‍सा आ सकता है। इसके अलावा बहुत तेज गाने और संगीत बजाने से भी बचें, इससे भी दूसरे लोगों को परेशानी होती है।  Image Courtesy: Getty Images

    अपनी धुन में रहता हूं
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    पीठ पीछे बात करना

    जरा सोचिये, आपको कैसा लगेगा अगर आपका कोई सह-कर्मी दूसरों से आपके किसी बर्ताव अथवा बात को लेकर शिकायत करे, लेकिन आपसे सीधे इस बारे में कहने से बचे, तो आपको कैसा लगेगा। जाहिर सी बात है इससे आपको चिढ़ तो होगी। तो आप भी किसी की पीठ के पीछे उसके बारे में बात करने से परहेज ही करें। यह अच्‍छी आदत नहीं है। Image Courtesy: Getty Images

    पीठ पीछे बात करना
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    जरा तहजीब सीखें

    खुले में थूकना, गैस पास करना और शारीरिक क्रियाकलापों के बारे में सार्वजनिक स्‍थानों पर बात करने से बचें। खांसते और छींकते समय अपनी नाक को ढंक लें। खाने के बाद अच्‍छे से ब्रश अथवा कुल्‍ला करें, ताकि आपकी सांसों की गंध दूसरों के लिए परेशानी का सबब न बनें। Image Courtesy: Getty Images

    जरा तहजीब सीखें
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    मैं सब जानता हूं

    अधिकतर लोग बहस नहीं करना चाहते। और आप दूसरों की हर बात काटकर खुद को उस विषय का जानकार साबित करने में लग जाते हैं। किसी को जबरन बहस में न खींचें। यदि कोई आपसे कह दे कि वह इस विषय पर बात नहीं करना चाहता है, तो बेकार में उस पर बहस न करें। Image Courtesy: Getty Images

    मैं सब जानता हूं
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    दूसरों के संवाद में अडंगा लगाना

    अगर आप दूसरों से पूछे गए सवालों का जवाब देते हैं, और आप इस बात में विश्‍वास रखते हैं कि कामकाजी माहौल में कुछ निजी संवाद नहीं हो सकता, तो आपको अपनी सोच बदलने की जरूरत है।  Image Courtesy: Getty Images

    दूसरों के संवाद में अडंगा लगाना
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    बस अपनी सोचना

    यदि आपके सहकर्मियों पर काम का भारी बोझ है आप वह सब भुलाकर ऑनलाइन गेम खेलने में मसरूफ हैं, या आप फोन पर चिपके हुए हैं, या फिर फेसबुक पर टाइम बिता रहे हैं, तो यह आलस्‍य की श्रेणी में आएगा। इसके अलावा आप बेवजह छुट्टियां कर लें और आपके हिस्‍से का काम भी दूसरों को करना पड़े तो बिना शक आप आलसी है बेपरवाह हैं। इससे आपकी साख पर असर पड़ेगा बल्कि आप अपनी तरक्‍की पर भी ब्रेक लगा लेंगे। Image Courtesy: Getty Images

    बस अपनी सोचना
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