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नशे की लत की तरह हैं ये 7 दवायें

By:Meera Roy, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jul 27, 2015
सामान्यतः माना जाता है कि डाक्टरों द्वारा प्रिस्क्रिप्टेड दवाएं किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाती, लेकिन यह सरासर गलत धारणा है, कुछ दवाओं बुरा असर पड़ता है, आइए उन दवाओं के बारे में बताते हैं।
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    नशे की तरह हैं ये प्रेस्‍क्राइब्‍ड दवायें

    सामान्यतः माना जाता है कि डाक्टरों द्वारा प्रिस्क्रिप्टेड दवाएं किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाती। लेकिन यह सरासर गलत धारणा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इस बात को स्वीकारते हैं कि कोई भी दवा पूर्णतया सुरक्षित नहीं होती। यहां तक कि कई प्रिस्क्रिप्टेड दवाएं तो इतनी ताकतवर होती हैं कि मरीज को नशे का आदी तक बना देती हैं। इनमें सबसे आम, दर्द निवारक दवाएं हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अन्य दवाओं के कोई दुष्परिणाम नहीं है। यहां हम ऐसी ही सात दवाओं की चर्चा करेंगे जो आपको दवा के रूप में नशा भी परोसती हैं।

    नशे की तरह हैं ये प्रेस्‍क्राइब्‍ड दवायें
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    एम्फिटेमिन्स (amphetamine)

    यह दवा केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने के लिए प्रिस्क्राइब की जाती है। मगर आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि सबसे खतरनाक दवाओं में इसका नाम शुमार है। आप सोच सकते हैं कि अगर ऐसा है तो इस दवा को प्रतिबंधित क्यों नहीं कर दिया जाता? वास्तव में एलोपैथी जगत में यह समस्या हर दवा के साथ मौजूद है। बहरहाल नशा बांटने में इस दवा का सबसे ऊपर रखा जाए तो गलत नहीं होगा। इस दवा को बंद करने के बाद मरीज में अकसर थकान, उत्कुंठा, व्यग्रता जैसी समस्याएं देखने में आती हैं।

    एम्फिटेमिन्स (amphetamine)
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    नींद की दवाएं

    आमतौरपर चिकित्सक भी नींद की दवाएं देने से बचते हैं। लेकिन कुछ स्थिति में वे मरीज को इससे इंकार नहीं कर सकते। दरअसल स्लीपिंग पिल्स मरीज को नशे का आदी बनाने में सहायक होती है। यही कारण है कि चिकित्सक जितना संभव हो मरीजों को इससे दूर रखने की कोशिश करते हैं। वास्तव में नींद की गोलियां सबसे ज्यादा हमारी भावनाओं को आहत करती हैं। मरीज स्लीपिंग पिल लेने के बाद तनाव से मुक्ति महसूस करता है। इतना ही नहीं नियमित रूप से यह दवा लेने से श्वास सम्बंधी बीमारी तथा रक्तचा प के घटने की आशंका बढ़ जाती है।

    नींद की दवाएं
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    मोर्फिन (morphine)

    यूं तो चिकित्सक सर्जरी के बाद ही इस दवा को देते हैं। लेकिन अकसर दर्द निवारक के रूप में तमाम घरों में भी इसे इस्तेमाल किया जाता है। इस दवा को खाने के बाद उल्लासोन्माद का एहसास होता है। यही कारण है कि चिकित्सक इस दवा को देने से बचते हैं। कई बार तो इस दवा को लोग सिर्फ इसलिए खाते हैं ताकि हर्षोल्लास का एहसास हो सके। हद तो तब हो जाती है जब मरीज इंजेक्शन के जरिये ड्रग लेने को आतुर हो जाता है। लम्बे समय से इस दवा पर निर्भर मरीजों में श्वास सम्बंधी बीमारियां तेजी से पांव पसारती हैं।

    मोर्फिन (morphine)
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    कोडीन (codeine)

    यह दवा सामान्यतः चोट तथा संक्रमण से हुए दर्द की स्थिति में दी जाती है। यह हमारे शरीर पर तेज़ी से काम करता है और दर्द से झटपट आराम का एहसास कराता है। चूंकि कोडीन सिरप रूप में मौजूद है इसलिए इसका आदी होना मरीजों के लिए कतई मुश्किल नहीं है। नेशनल इंस्टीट्यूट आन ड्रग अब्यूज़ के मुताबिक कोडीन, मोर्फिन जितना ही ताकतवर तथा नशीला है।

    कोडीन (codeine)
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    ओपिओइड्स (Opioids) पेन रिलीवर

    सिर्फ मोर्फिन या कोडीन ही नशा बांटती दर्द निवारक गोलियां नहीं हैं। ओपिओइड्स मसलन ओक्सीकोडोन और हाइड्रोकोडोन ऐसी अन्य दवाएं हैं जिन्हें लेने से पहले एहतियात बरतना जरूरी है। मोर्फिन की ही तरह ओपिओइड्स भी हमें फील गुड तथा उनींदापन का एहसास कराती है। हालांकि ओक्सीकोडोन मोर्फिन की तुलना में ज्यादा असरकारक है साथ ही इसके रिस्क भी काफी ज्यादा हैं। इसके दीर्घकालिक तथा अल्पकालिक दोनो ही प्रकार के परिणाम नजर आते हैं। इसमें श्वास सम्बंधी तथा रक्तचाप की समस्या के साथ साथ चेतनाशून्य की दिक्कतें भी आती हैं।

    ओपिओइड्स (Opioids) पेन रिलीवर
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    रिटैलिन

    आमतौर पर यह दवा बच्चों, किशोरों, युवाओं को अटेंशन डेफिसिट डिसआर्डर के लिए प्रिस्क्राइब की जाती है। लेकिन आप इसे यदि कोकेन का प्रतिनिधि कहें तो जरा भी गलत नहीं होगा। इस दवा का सीधा असर हमारे रक्तचाप पर पड़ता है।

    रिटैलिन
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    परकोसेट (Percocet)

    यह दवा भयावह रूप से नशीली दवाओं में शुमार है। इस दवा को अकसर मरीज दर्द से निवारण की बजाय परम सुख से परिपूर्ण होने के एहसास के लिए लेते हैं। लेकिन शायद आपको यह ज्ञात न हो कि परकोसेट की अधिकता हृदय सम्बंधी समस्याओं को विकराल रूप दे सकता है। हृदय काम करना बंद कर सकता है, हृदयाघात भी हो सकता है। जो मरीज इस पर लम्बे समय से आश्रित है, बेहतर होगा कि अब वे इसके विकल्प की ओर बढ़ें।

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    परकोसेट (Percocet)
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